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एर्लिंग हालंद क्यों हैं भारतीय खाने के दीवाने: कौन सी डिश सबसे ज्यादा पसंद? वायरल वीडियो में खुद किया खुलासा
Fri, 10 Jul 2026 03:57 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बोस्टन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बोस्टन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 10 Jul 2026 03:57 PM IST
सार
फीफा विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रहे नॉर्वे के स्टार फुटबॉलर एरलिंग हालंद का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने भारतीय खाने के प्रति अपना प्यार जाहिर करते हुए बटर चिकन, लैम्ब चॉप्स और गार्लिक नान को अपनी पसंदीदा डिश बताया।
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एर्लिंग हालंद
- फोटो : Twitter
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फीफा विश्व कप 2026 में नॉर्वे को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने वाले स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालंद इन दिनों अपने खेल के साथ-साथ एक वायरल वीडियो की वजह से भी चर्चा में हैं। मैनचेस्टर सिटी के इस गोल मशीन फुटबॉलर ने एक पुराने इंटरव्यू में भारतीय खाने के प्रति अपना प्यार जाहिर किया था। उन्होंने बताया कि उन्हें बटर चिकन, लैम्ब चॉप्स और गार्लिक नान बेहद पसंद हैं। हालंद का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ब्राजील के खिलाफ हालंद
- फोटो : ANI
'बटर चिकन और गार्लिक नान मुझे बेहद पसंद'
प्रीमियर लीग इंडिया को दिए गए एक पुराने इंटरव्यू में जब हालंद से पूछा गया कि 'भारत' का नाम सुनते ही उनके दिमाग में सबसे पहले क्या आता है, तो उन्होंने बिना देर किए भारतीय खाने का जिक्र किया। हालंद ने कहा, 'मुझे भारतीय खाना बहुत पसंद है। खासकर लैम्ब चॉप्स, बटर चिकन और गार्लिक नान।' उन्होंने बताया कि उन्होंने ओस्लो और इंग्लैंड दोनों जगह भारतीय व्यंजनों का स्वाद लिया है और अक्सर उन्हें भारतीय खाने की इच्छा होती रहती है।
प्रीमियर लीग इंडिया को दिए गए एक पुराने इंटरव्यू में जब हालंद से पूछा गया कि 'भारत' का नाम सुनते ही उनके दिमाग में सबसे पहले क्या आता है, तो उन्होंने बिना देर किए भारतीय खाने का जिक्र किया। हालंद ने कहा, 'मुझे भारतीय खाना बहुत पसंद है। खासकर लैम्ब चॉप्स, बटर चिकन और गार्लिक नान।' उन्होंने बताया कि उन्होंने ओस्लो और इंग्लैंड दोनों जगह भारतीय व्यंजनों का स्वाद लिया है और अक्सर उन्हें भारतीय खाने की इच्छा होती रहती है।
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एर्लिंग हालंद
- फोटो : IANS
मैदान पर गोल मशीन, मैदान के बाहर सख्त फिटनेस रूटीन
25 वर्षीय हालंद सिर्फ अपनी गोल करने की क्षमता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनुशासित जीवन के लिए भी जाने जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह रोजाना करीब 6,000 कैलोरी वाला भोजन लेते हैं। उनकी दिनचर्या में समय पर सोना, ब्लू-लाइट ब्लॉकिंग चश्मे का इस्तेमाल, रिकवरी सेशन, आइस बाथ और पर्याप्त नींद शामिल है। यही वजह है कि उनकी फिटनेस दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए मिसाल मानी जाती है।
नाश्ते से लेकर डिनर तक खास डाइट प्लान
यूट्यूब वीडियो 'ए डे इन द लाइफ ऑफ ए प्रो फुटबॉलर: एर्लिंग हालंद' में हालंद ने अपनी पूरी दिनचर्या दिखाई थी। दिन की शुरुआत वह कॉफी, कच्चे दूध और मेपल सिरप से करते हैं। इसके बाद अंडे और सॉरडो ब्रेड वाला पौष्टिक नाश्ता लेते हैं। उनकी डाइट में प्रोटीन से भरपूर भोजन शामिल रहता है। लिवर जैसे ऑर्गन मीट भी उनकी नियमित डाइट का हिस्सा हैं।
25 वर्षीय हालंद सिर्फ अपनी गोल करने की क्षमता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनुशासित जीवन के लिए भी जाने जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह रोजाना करीब 6,000 कैलोरी वाला भोजन लेते हैं। उनकी दिनचर्या में समय पर सोना, ब्लू-लाइट ब्लॉकिंग चश्मे का इस्तेमाल, रिकवरी सेशन, आइस बाथ और पर्याप्त नींद शामिल है। यही वजह है कि उनकी फिटनेस दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए मिसाल मानी जाती है।
नाश्ते से लेकर डिनर तक खास डाइट प्लान
यूट्यूब वीडियो 'ए डे इन द लाइफ ऑफ ए प्रो फुटबॉलर: एर्लिंग हालंद' में हालंद ने अपनी पूरी दिनचर्या दिखाई थी। दिन की शुरुआत वह कॉफी, कच्चे दूध और मेपल सिरप से करते हैं। इसके बाद अंडे और सॉरडो ब्रेड वाला पौष्टिक नाश्ता लेते हैं। उनकी डाइट में प्रोटीन से भरपूर भोजन शामिल रहता है। लिवर जैसे ऑर्गन मीट भी उनकी नियमित डाइट का हिस्सा हैं।
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हालंद और नॉर्वे टीम
- फोटो : FIFA.COM
विश्व कप में भी छाए हुए हैं हालंद
हालंद इस समय फीफा विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी रफ्तार, ताकत और गोल करने की क्षमता के दम पर उन्होंने नॉर्वे को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। मैदान पर उनके प्रदर्शन के साथ अब भारतीय खाने को लेकर उनका यह बयान भी खूब चर्चा बटोर रहा है।
छोटे कस्बे का लड़का, जिसने दुनिया जीत ली
आज दुनिया हालंद को गोल मशीन कहती है। डिफेंडर उनका नाम सुनकर घबरा जाते हैं, लेकिन एर्लिंग हालंद की कहानी किसी बड़े शहर या नामी फुटबॉल अकादमी से शुरू नहीं हुई थी। उनका बचपन नॉर्वे के छोटे से कस्बे ब्रायने में बीता, जहां फुटबॉल जुनून था, कारोबार नहीं।
बचपन में हालंद न तो इतने लंबे थे और न ही शारीरिक रूप से इतने मजबूत। उन्होंने सबसे पहले अपनी तकनीक, स्पीड और गेंद पर नियंत्रण को बेहतर बनाया। किशोरावस्था में अचानक लंबाई और ताकत बढ़ी तो वही खिलाड़ी दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में बदल गया।
हालंद इस समय फीफा विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी रफ्तार, ताकत और गोल करने की क्षमता के दम पर उन्होंने नॉर्वे को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। मैदान पर उनके प्रदर्शन के साथ अब भारतीय खाने को लेकर उनका यह बयान भी खूब चर्चा बटोर रहा है।
छोटे कस्बे का लड़का, जिसने दुनिया जीत ली
आज दुनिया हालंद को गोल मशीन कहती है। डिफेंडर उनका नाम सुनकर घबरा जाते हैं, लेकिन एर्लिंग हालंद की कहानी किसी बड़े शहर या नामी फुटबॉल अकादमी से शुरू नहीं हुई थी। उनका बचपन नॉर्वे के छोटे से कस्बे ब्रायने में बीता, जहां फुटबॉल जुनून था, कारोबार नहीं।
बचपन में हालंद न तो इतने लंबे थे और न ही शारीरिक रूप से इतने मजबूत। उन्होंने सबसे पहले अपनी तकनीक, स्पीड और गेंद पर नियंत्रण को बेहतर बनाया। किशोरावस्था में अचानक लंबाई और ताकत बढ़ी तो वही खिलाड़ी दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में बदल गया।
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हालंद और इसाबेल
- फोटो : Instagram @isabelhaugsengj
परिवार और बच्चे
21 जुलाई तारीख को 26 साल के होने जा रहे हालंद का जन्म लीड्स, इंग्लैंड में हुआ था। जब वह तीन साल के थे, तब उनका परिवार नॉर्वे के शहर ब्राइन में जाकर बस गया था। उनके पिता अल्फ-इंगे हालंद पूर्व पेशेवर फुटबॉलर रहे हैं। उनकी मां ग्री मारिटा ब्रॉट एक एथलीट थीं और नॉर्वे की हेप्टाथलॉन (सात स्पर्धाओं वाली एथलेटिक्स प्रतियोगिता) चैंपियन रह चुकी हैं, जबकि दादा मशहूर धावक थे। हालंद ने पांच साल की उम्र में ब्राइन एफके की अकादमी से फुटबॉल की शुरुआत की और बाद में इसी क्लब से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। वह इसाबेल हौगसंग जोहानसेन के साथ रिश्ते में हैं और दिसंबर 2024 में दोनों एक बेटे के माता-पिता बने।
21 जुलाई तारीख को 26 साल के होने जा रहे हालंद का जन्म लीड्स, इंग्लैंड में हुआ था। जब वह तीन साल के थे, तब उनका परिवार नॉर्वे के शहर ब्राइन में जाकर बस गया था। उनके पिता अल्फ-इंगे हालंद पूर्व पेशेवर फुटबॉलर रहे हैं। उनकी मां ग्री मारिटा ब्रॉट एक एथलीट थीं और नॉर्वे की हेप्टाथलॉन (सात स्पर्धाओं वाली एथलेटिक्स प्रतियोगिता) चैंपियन रह चुकी हैं, जबकि दादा मशहूर धावक थे। हालंद ने पांच साल की उम्र में ब्राइन एफके की अकादमी से फुटबॉल की शुरुआत की और बाद में इसी क्लब से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। वह इसाबेल हौगसंग जोहानसेन के साथ रिश्ते में हैं और दिसंबर 2024 में दोनों एक बेटे के माता-पिता बने।