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Paris Olympics: भाला के मैदान में जाने के बाद कैसे होती है उसकी वापसी? इस क्यूट वीडियो से खुला पूरा राज, देखें
Sat, 10 Aug 2024 06:49 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 10 Aug 2024 06:49 PM IST
सार
उस भाला को दोबारा इस्तेमाल लाया भी जाता है या फिर वह वेस्ट हो जाता है और उसे वहीं कहीं मैदान पर छोड़ दिया जाता है? इसका जवाब सामने आया है।
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पेरिस ओलंपिक
- फोटो : Twitter
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पेरिस ओलंपिक अब समापन की ओर है। रविवार को समापन समारोह के साथ इन खेलों का अंत हो जाएगा। अगला ओलंपिक लॉस एंजिल्स में 2028 में खेला जाना है। भारत के लिए यह ओलंपिक कुछ खास नहीं रहा। देश ने जरूर छह पदक जीते, लेकिन इनमें अधिकतम कांस्य पदक रहे। भारत ने पांच कांस्य और एक रजत पदक जीता। भाला फेंक में स्वर्ण पदक की उम्मीद नीरज चोपड़ा से थी, लेकिन वह भी इसमें चूक गए और दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक अपने नाम किया। भाला फेंक टोक्यो ओलंपिक में नीरज के स्वर्ण जीतने के बाद से काफी लोकप्रिय रहा है। हालांकि, एक सवाल जो हर फैंस के मन में आता है, वह यह है कि किसी एथलीट द्वारा एक बार भाला फेंक दिए जाने के बाद उसकी वापसी कैसे होती है? उस भाला को दोबारा इस्तेमाल लाया भी जाता है या फिर वह वेस्ट हो जाता है और उसे वहीं कहीं मैदान पर छोड़ दिया जाता है? इसका जवाब सामने आया है।
पेरिस ओलंपिक
- फोटो : Twitter
एक वीडियो ओलंपिक खेल पेज ने शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि भाला का फिर क्या इस्तेमाल होता है। दरअसल, एथलीट द्वारा भाला फेंक दिए जाने के बाद वहां भाला को निकालकर उस जगह को मापने के लिए कुछ लोग होते हैं। फिर उस भाला को निकालकर वहां मौजूद आयोजन समिति के अधिकारी को दिया जाता है। वीडियो में दिखाया गया है कि एक शख्स उस भाला को उठाकर एक रिमोट कंट्रोल खिलौना कार में रखता है। कुछ अधिकारी उस रिमोट कंट्रोल कार को संभाल रहे होते हैं और फिर वह कार भाला लेकर उस जगह पर पहुंचते हैं, जहां से एथलीट भाला फेंक रहे होते हैं। कार में भाला रखने के लिए एक बॉक्स बना होता है।
पेरिस ओलंपिक
- फोटो : Twitter
फिर एथलीट्स जोन में मौजूद अधिकारी उस भाला को उठाते हैं और उसकी जांच कर भाला वाले बॉक्स में रख देते हैं। यह कार वापस से उस जगह पर पहुंचाई जाती है जहां एथलीट्स निशाना लगाने वाले होते हैं। फिर यही प्रकरण आखिरी तक चलता रहता है। इस दौरान इस बात का भी पूरा ख्याल रखा जाता है कि इससे किसी दूसरे खेल पर प्रभाव न पड़े। इस वीडियो को फैंस खूब पसंद कर रहे हैं और उस पर तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं। कुछ फैंस तो रिमोट कंट्रोल करने वाला जॉब करना भी चाहते हैं। कुछ फैंस ने पूछा कि इस जॉब को पाने के लिए क्या क्वालिफिकेशंस हैं। वहां मौजूद अधिकारी भी यह काम कर के खुश दिख रहे हैं।
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पेरिस ओलंपिक
- फोटो : Twitter
पेरिस ओलंपिक में भारत को जिस एथलीट से स्वर्ण की उम्मीद थी, उन्हें रजत के साथ संतोष करना पड़ा। जी हां हम बात कर रहे हैं नीरज चोपड़ा की। नीरज भाला फेंक के फाइनल में 89.45 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक पाकिस्तान के अरशद नदीम ने जीता। उन्होंने 92.97 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण अपने नाम किया। नदीम ने पांच लीगल थ्रो किए, इनमें से दो प्रयास उनके 90+ मीटर के रहे। नदीम का आखिरी प्रयास 91.79 मीटर का रहा। नदीम ने पहला प्रयास में फाउल किया था। वहीं, तीसरे प्रयास में उन्होंने 88.72 मीटर थ्रो, चौथे प्रयास में 79.40 मीटर थ्रो और पांचवें प्रयास में 84.87 मीटर थ्रो किया।
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अरशद नदीम-नीरज चोपड़ा
- फोटो : PTI
92.97 मीटर के थ्रो के साथ पाकिस्तान के अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड भी बना दिया। इससे पहले जेवलिन थ्रो में ओलंपिक रिकॉर्ड एंड्रियास थोरकिल्डसेन के नाम था। एंड्रियास ने 23 अगस्त 2008 को बीजिंग ओलंपिक में 90.57 मीटर दूर भाला फेंककर रिकॉर्ड बनाया था, जो कि अब अरशद के नाम हो चुका है। जेवलिन थ्रो का वर्ल्ड रिकॉर्ड चेक गणराज्य के खिलाड़ी के नाम दर्ज है। तीन बार के वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन चेक गणराज्य के दिग्गज एथलीट जान जेलेज्नी ने जर्मनी में एक एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान साल 1996 में 98.48 मीटर का थ्रो किया था और विश्व रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड आज तक कायम है।