भारत की सबसे सफल महिला टेबल टेनिस खिलाड़ियों में शामिल मनिका बत्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका खेल नहीं, बल्कि एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम के चयन को लेकर टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) पर लगाए गए गंभीर आरोप हैं।
Manika Batra: भारत की टेबल टेनिस स्टार मनिका क्यों उतरीं बगावत पर? एशियन गेम्स चयन विवाद का पूरा मामला समझिए
भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने एशियन गेम्स चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए TTFI पर अपने संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह इस लड़ाई से मानसिक रूप से थक चुकी हैं। दूसरी ओर, महासंघ ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह नियमों के अनुरूप बताया है।
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क्या है पूरा मामला?
टीटीएफआई ने हाल ही में 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए 10 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा की। इसमें मनिका बत्रा को मुख्य टीम में जगह नहीं मिली और उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया। महिला टीम की अगुआई भारत की शीर्ष वरीय खिलाड़ी श्रीजा अकुला करेंगी। टीम में यशस्विनी घोरपड़े, दिया चिताले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास को भी जगह मिली, जबकि मनिका बत्रा और स्वस्तिका घोष को रिजर्व सूची में रखा गया। यहीं से विवाद शुरू हुआ।
मनिका ने किस नियम के उल्लंघन का आरोप लगाया?
मनिका बत्रा का कहना है कि उन्हें फेडरेशन की ओर से बताया गया कि पूरी चयन प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई, लेकिन उनके पास मौजूद दस्तावेज कुछ और कहानी बताते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एशियन गेम्स टीम का चयन नौ सदस्यीय चयन समिति ने किया, जबकि टीटीएफआई के संविधान के अनुच्छेद 24(C)(j) के अनुसार किसी भी उपसमिति में सात से अधिक सदस्य नहीं हो सकते।
मनिका ने अपने बयान में कहा, 'मेरी किस्मत का फैसला नौ सदस्यीय समिति ने किया, लेकिन मुझे बताया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया संविधान और नियमों के अनुसार हुई।' उन्होंने कहा कि अब वह इस मामले का फैसला जनता पर छोड़ती हैं, खासकर उन लोगों पर जो हमेशा कहते हैं कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
'मैं मानसिक रूप से थक चुकी हूं'
लगातार चल रहे विवाद के बीच मनिका ने संकेत दिए कि फिलहाल वह इस लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। उन्होंने कहा, 'मैं इस लड़ाई से मानसिक रूप से थक चुकी हूं और फिलहाल मैं अपनी तलवार नीचे रख रही हूं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस समय उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश का प्रतिनिधित्व करना है। मनिका ने कहा, 'इस समय मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भारत का प्रतिनिधित्व करना है। मैं फिलहाल अमेरिका में एक टूर्नामेंट खेल रही हूं और मेरा पूरा ध्यान उसी प्रतियोगिता पर रहेगा।' चयनित खिलाड़ियों के लिए उन्होंने शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, 'चयनित टीम को मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं। जाइए और भारत का नाम रोशन कीजिए।'
TTFI का पक्ष क्या है?
फेडरेशन ने मनिका के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। टीटीएफआई का कहना है कि चयन पूरी तरह उसकी घोषित चयन नीति के तहत किया गया। फेडरेशन के अनुसार खिलाड़ियों के चयन में तीन मानकों को अपनाया गया-
- राष्ट्रीय रैंकिंग को 50 प्रतिशत वेटेज
- विश्व रैंकिंग को 40 प्रतिशत वेटेज
- चयन समिति के विवेक को 10 प्रतिशत वेटेज
टीटीएफआई का कहना है कि यही प्रक्रिया सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू की गई।