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UPI: 1 अक्टूबर से यूपीआई का बड़ा बदलाव, बंद होगी ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ सर्विस, जानें क्यों लिया गया फैसला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 15 Aug 2025 05:39 PM IST
सार
New UPI Rule: यूपीआई इस्तेमाल करने वालों के लिए अहम खबर है। 1 अक्टूबर 2025 से पीयर-टू-पीयर ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ फीचर बंद हो जाएगा। NPCI ने इसे धोखाधड़ी रोकने के लिए हटाने का फैसला किया है, जिससे डिजिटल पेमेंट और सुरक्षित होंगे।
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UPI
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यूपीआई (Unified Payment Interface) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक अहम बदलाव आने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने फैसला लिया है कि 1 अक्टूबर 2025 से P2P (पीयर-टू-पीयर) ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ फीचर को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस फैसले का मकसद डिजिटल लेनदेन को और सुरक्षित बनाना और बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाना है।
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क्या है कलेक्ट रिक्वेस्ट फीचर
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क्या है कलेक्ट रिक्वेस्ट फीचर?
यह सुविधा किसी भी यूजर को दूसरे यूपीआई यूजर से पैसे का अनुरोध भेजने की अनुमति देती है। जैसे ही सामने वाला व्यक्ति रिक्वेस्ट स्वीकार करता है और अपना यूपीआई पिन डालता है, रकम ट्रांसफर हो जाती है। हालांकि, समय के साथ यह फीचर स्कैमर्स का पसंदीदा हथियार बन गया। धोखेबाज नकली रिक्वेस्ट भेजकर लोगों को ठगने लगे, जिससे वित्तीय नुकसान के कई मामले सामने आए।
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मर्चेंट्स को दी गई है राहत
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मर्चेंट्स को दी गई है राहत
NPCI ने साफ किया है कि यह रोक सिर्फ P2P कलेक्ट रिक्वेस्ट पर लागू होगी। मर्चेंट्स 1 अक्टूबर के बाद भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, व्यापारियों के लिए KYC नियमों को सख्त करने की योजना है, ताकि धोखाधड़ी और कम की जा सके।
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मौजूदा नियम और लेनदेन सीमा
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मौजूदा नियम और लेनदेन सीमा
फिलहाल, कोई भी यूपीआई यूजर एक ट्रांजैक्शन में अधिकतम 2,000 रुपये तक की ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ भेज सकता है। लेकिन NPCI के नए निर्देश के बाद सदस्य बैंक और यूपीआई एप्स इस तरह के पुल ट्रांजैक्शन को प्रोसेस नहीं कर पाएंगे।
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आप पर क्या होगा असर?
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आप पर क्या होगा असर?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बदलाव से बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होगी, क्योंकि यूपीआई के कुल लेनदेन में पुल ट्रांजैक्शन का हिस्सा मात्र 3% है। यह कदम डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल है।
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