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सिम कार्ड या बैंक खाते के लिए आधार नंबर जरूरी नहीं, जबरदस्ती मांगने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना
टेक डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रदीप पांडे
Updated Sat, 15 Jun 2019 10:06 AM IST
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Aadhaar
- फोटो : File Photo
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यदि आप भी किसी दुकान पर सिम कार्ड लेने के लिए जाते हैं और दुकानदार आपसे आपका आधार कार्ड नंबर मांगता है तो आप उसे इसके लिए साफ मना कर सकते हैं, क्योंकि आधार तथा अन्य कानूनों में (संशोधन) के विधेयक, 2019’ को मंजूरी दे दी गई है। इस विधेयक के मुताबिक बैंक या सिम कार्ड देने वाला दुकानदार आपको आधार नंबर देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।
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नया विधेयक आधार कानून 2016 तथा अन्य कानून में संशोधन के रूप में होगा और यह मार्च 2019 में जारी अध्यादेश का स्थान लेगा। इस संशोधन विधेयक को संसद के 17 जून से शुरू सत्र में पेश किया जाएगा। इस संशोधन में आधार के प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर दिवानी जुर्माना 1 करोड़ रुपये तक लगाने का प्रस्ताव है। साथ ही यदि नियमों का पालन नहीं होता है तो हर दिन 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है।
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दरअसल नए संशोधन के मुताबिक आधार का अनाधिकृत इस्तेमाल दंडनीय है और इसके लिए 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और साथ में तीन साल की कैद भी हो सकती है। नए विधेयक में साफ-साफ कहा गया है कि यदि संसद द्वारा किसी कानून की बाध्यता ना हो तो किसी व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार नंबर दिखाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
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- फोटो : Hacker Noon
वहीं यदि कोई अनाधिकृत रूप से सेंट्रल आइडेन्टिटीज डाटा रिपोजिटीरी तक पहुंचता है और लोगों के आधार डाटा से छेड़छाड़ करता है तो उसे तीन साल से लेकर दस साल तक की जेल हो सकती है। वहीं नए संशोधन के मुताबिक बैंक में खाता खुलवाने के दौरान अपनी पहचान को साबित करने के लिए आधार का इस्तेमाल हो सकता है लेकिन यह स्वैच्छिक होगा। ऐसे में कोई बैंक आपसे जबरदस्ती आधार नंबर नहीं मांग सकता है।
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बैंक
कुल मिलाकर आसान शब्दों में आधार तथा अन्य कानूनों में (संशोधन) के विधेयक, 2019 के मुताबिक अब आप नया मोबाइल नंबर लेने या बैंक में खाता खुलवाने के लिए अपनी इच्छा से अपना आधार नंबर दे सकते हैं। बैंक या कोई दुकानदार आपको इसके लिए मजबूर नहीं कर सकता।
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