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AI से डरे अमेरिकी: डेटा सेंटर के बजाय न्यूक्लियर प्लांट के पास रहना कर रहे पसंद, सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Sun, 17 May 2026 01:30 PM IST
सार
Americans Oppose AI Data Centers: अमेरिका में एआई का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन अब इसका विरोध भी बढ़ने लगा है। एक नए सर्वे में सामने आया है कि ज्यादातर अमेरिकी अपने घरों के पास एआई डेटा सेंटर नहीं चाहते। हैरानी की बात यह है कि लोग एआई सेंटर की तुलना में न्यूक्लियर प्लांट को ज्यादा स्वीकार कर रहे हैं।
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डेटा सेंटर (सांकेतिक)
- फोटो : एआई जनरेटेड
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अमेरिका में एआई डेटा सेंटर न्यूक्लियर पावर प्लांट से भी ज्यादा खतरनाक बनते जा रहे हैं। दरअसल, गैलप के एक नए सर्वे में अमेरिका में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर लोगों की सोच का बड़ा संकेत दिया है। सर्वे के मुताबिक ज्यादातर अमेरिकी अपने इलाके में एआई डेटा सेंटर बनने के खिलाफ हैं। रिपोर्ट बताती है कि करीब 71 प्रतिशत लोगों ने अपने आसपास एआई डेटा सेंटर बनाए जाने का विरोध किया। इनमें से लगभग आधे लोगों ने इसका जोरदार विरोध दर्ज कराया।
डेटा सेंटर
- फोटो : AI जनरेटेड
लोग क्यों कर रहे डेटा सेंटर्स का विरोध?
एआई डेटा सेंटर को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता पर्यावरण है। सर्वे में शामिल 10 में से 7 लोगों ने कहा कि ऐसे सेंटर स्थानीय संसाधनों और पर्यावरण पर बुरा असर डाल सकते हैं।
दरअसल एआई डेटा सेंटर भारी मात्रा में बिजली और पानी की खपत करते हैं। अमेरिका के कई हिस्सों में पहले से ही बिजली ग्रिड और पानी की सप्लाई पर दबाव है। ऐसे में लोगों को डर है कि नए डेटा सेंटर स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
कुछ लोगों ने हवा और पानी के प्रदूषण की आशंका जताई। वहीं कई लोगों को औद्योगिक शोर और हरित इलाकों के खत्म होने का डर भी सता रहा है। लोगों का मानना है कि बड़ी टेक कंपनियों के कैंपस बनने से रिहायशी और सार्वजनिक जगहों पर असर पड़ सकता है।
एआई डेटा सेंटर को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता पर्यावरण है। सर्वे में शामिल 10 में से 7 लोगों ने कहा कि ऐसे सेंटर स्थानीय संसाधनों और पर्यावरण पर बुरा असर डाल सकते हैं।
दरअसल एआई डेटा सेंटर भारी मात्रा में बिजली और पानी की खपत करते हैं। अमेरिका के कई हिस्सों में पहले से ही बिजली ग्रिड और पानी की सप्लाई पर दबाव है। ऐसे में लोगों को डर है कि नए डेटा सेंटर स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
कुछ लोगों ने हवा और पानी के प्रदूषण की आशंका जताई। वहीं कई लोगों को औद्योगिक शोर और हरित इलाकों के खत्म होने का डर भी सता रहा है। लोगों का मानना है कि बड़ी टेक कंपनियों के कैंपस बनने से रिहायशी और सार्वजनिक जगहों पर असर पड़ सकता है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
लोगों को बढ़ते खर्च का भी डर
सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, आम लोग अपनी जीवनशैली पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंतित हैं। कई लोगों ने कहा कि डेटा सेंटर बनने से ट्रैफिक बढ़ सकता है। लगातार निर्माण कार्य और आबादी बढ़ने से स्थानीय जीवन प्रभावित हो सकता है।
कुछ लोगों को यह भी डर है कि एआई डेटा सेंटर के कारण बिजली और अन्य सुविधाओं के बिल बढ़ सकते हैं। वजह यह है कि इन सेंटरों को चलाने के लिए भारी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा लोगों ने चिंता जताई कि कहीं सरकारें टैक्सपेयर्स के पैसे या सरकारी छूट देकर बड़ी टेक कंपनियों को फायदा तो नहीं पहुंचाएंगी।
सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, आम लोग अपनी जीवनशैली पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंतित हैं। कई लोगों ने कहा कि डेटा सेंटर बनने से ट्रैफिक बढ़ सकता है। लगातार निर्माण कार्य और आबादी बढ़ने से स्थानीय जीवन प्रभावित हो सकता है।
कुछ लोगों को यह भी डर है कि एआई डेटा सेंटर के कारण बिजली और अन्य सुविधाओं के बिल बढ़ सकते हैं। वजह यह है कि इन सेंटरों को चलाने के लिए भारी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा लोगों ने चिंता जताई कि कहीं सरकारें टैक्सपेयर्स के पैसे या सरकारी छूट देकर बड़ी टेक कंपनियों को फायदा तो नहीं पहुंचाएंगी।
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डेटा सेंटर (सांकेतिक)
- फोटो : AI
नुकसान ही नहीं, फायदे भी हैं
हालांकि हर कोई डेटा सेंटर के खिलाफ नहीं है। सर्वे में कुछ लोगों ने इसके फायदे भी गिनाए। समर्थकों का कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से नौकरियां बढ़ सकती हैं। स्थानीय कारोबार को फायदा मिल सकता है और सरकार को ज्यादा टैक्स रेवेन्यू मिल सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि रिपब्लिकन समर्थक, डेमोक्रेट समर्थकों की तुलना में AI डेटा सेंटर के पक्ष में थोड़े ज्यादा दिखे।
हालांकि हर कोई डेटा सेंटर के खिलाफ नहीं है। सर्वे में कुछ लोगों ने इसके फायदे भी गिनाए। समर्थकों का कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से नौकरियां बढ़ सकती हैं। स्थानीय कारोबार को फायदा मिल सकता है और सरकार को ज्यादा टैक्स रेवेन्यू मिल सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि रिपब्लिकन समर्थक, डेमोक्रेट समर्थकों की तुलना में AI डेटा सेंटर के पक्ष में थोड़े ज्यादा दिखे।
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एआई क्रांति के सामने नई चुनौती
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
एआई क्रांति के सामने नई चुनौती
AI कंपनियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। लेकिन अब स्थानीय स्तर पर इसका विरोध टेक कंपनियों और सरकारों दोनों के लिए चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स को लेकर विरोध प्रदर्शन, कानूनी लड़ाइयां और राजनीतिक विवाद बढ़ सकते हैं। कई इलाकों में यह मुद्दा स्थानीय चुनावों तक को प्रभावित कर सकता है।
एआई तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से लोग अब उसके पीछे छिपे विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके असर को भी समझने लगे हैं।
AI कंपनियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। लेकिन अब स्थानीय स्तर पर इसका विरोध टेक कंपनियों और सरकारों दोनों के लिए चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स को लेकर विरोध प्रदर्शन, कानूनी लड़ाइयां और राजनीतिक विवाद बढ़ सकते हैं। कई इलाकों में यह मुद्दा स्थानीय चुनावों तक को प्रभावित कर सकता है।
एआई तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से लोग अब उसके पीछे छिपे विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके असर को भी समझने लगे हैं।