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Abhay AI Chatbot: डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने की बड़ी मुहिम, CBI ने लॉन्च किया एआई चैटबॉट 'अभय'

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Sat, 16 May 2026 07:34 PM IST
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सार

Abhay AI Helpbot: बढ़ते डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 'अभय' (Abhay) नाम का एक स्मार्ट एआई हेल्पबॉट लॉन्च किया है।  यह सिस्टम नागरिकों को सीबीआई के नाम पर भेजे गए नोटिस की असलियत जांचने में मदद करेगा। यह डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ सीबीआई की मुहिम है और एजेंसी ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया मौजूद नहीं है। सीबीआई ने लोगों से अपील की है कि वे गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाने वाले किसी भी कॉल, ईमेल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।

CBI Launches Abhay AI Chatbot To Protect Citizens From Digital Arrest Scams
Abhay AI Chatbot - फोटो : AI
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विस्तार

आजकल 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर लोगों को डराने और साइबर ठगी करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी साइबर क्राइम और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 'अभय' (Abhay) नाम का एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सिस्टम लॉन्च किया है। यह एक रियल-टाइम नोटिस वेरिफिकेशन हेल्पबॉट है, जो आम लोगों को यह पहचानने में मदद करेगा कि उन्हें मिला सीबीआई का कोई भी नोटिस असली है या नकली।


क्या है 'डिजिटल अरेस्ट' फ्रॉड?

आजकल स्कैमर्स एआई और डीपफेक जैसी एडवांस्ड तकनीकों का गलत इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। वे खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर वीडियो या वॉयस कॉल करते हैं और फर्जी कानूनी नोटिस भेजकर डराते हैं कि उनका नाम किसी गंभीर अपराध में शामिल है।

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इसके बाद, पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाकर उन्हें वेबकैम के सामने घंटों तक बैठने को मजबूर किया जाता है, जिसे स्कैमर्स डिजिटल अरेस्ट का नाम देते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया मौजूद ही नहीं है। यह सिर्फ लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे पैसे ऐंठने का एक तरीका है।


'अभय' हेल्पबॉट कैसे काम करता है?

सीबीआई ने इस एआई सिस्टम को आम यूज़र्स के लिए बहुत ही आसान बनाया है। इसकी मदद से आप घर बैठे कुछ ही क्लिक्स में किसी भी संदिग्ध नोटिस की सच्चाई का पता लगा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा और वहां होमपेज पर दिए गए Abhay विकल्प को चुनना होगा।


इसके बाद, अपना मोबाइल नंबर डालकर उस पर आए ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें। वेरिफिकेशन होते ही, आपको जिस नोटिस पर शक है उसकी एक स्कैन कॉपी या फोटो वहां अपलोड करनी होगी। अपलोड करते ही यह सिस्टम अपनी स्मार्ट एआई तकनीक से तुरंत उस नोटिस को स्कैन करेगा और स्क्रीन पर उसकी सच्चाई दिखा देगा कि वह नोटिस असली है या फर्जी।


सीबीआई की आम लोगों के लिए सेफ्टी टिप्स

सीबीआई ने आम लोगों को सचेत करते हुए कुछ जरूरी सेफ्टी टिप्स साझा किए हैं। उन्होंने साफ किया है कि किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सएप मैसेज या ईमेल से घबराने की जरूरत नहीं है। खासकर तब जब उसमें आपको गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही हो। आपको हमेशा यह बात याद रखनी चाहिए कि कोई भी असली जांच एजेंसी आपको कभी भी इस तरह ऑनलाइन डिजिटल अरेस्ट नहीं कर सकती।

इसलिए, अगर आपके पास कोई भी ऐसा फर्जी नोटिस या धमकी भरा कॉल आता है। तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही सीबीआई ने चेतावनी दी है कि बैंकिंग और टेलीकॉम नेटवर्क का गलत इस्तेमाल करके साइबर क्राइम करने वाले ऐसे जालसाजों के खिलाफ एजेंसी लगातार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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