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10 साल में इंटरनेट की दुनिया बदली: ₹269 वाला 1GB डेटा अब मात्र 8 रुपये में, ब्रॉडबैंड यूजर्स में 400% का उछाल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Thu, 19 Mar 2026 04:37 PM IST
सार
केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान ने देश में इंटरनेट की पहुंच को तेजी से बढ़ाया है। पिछले दस वर्षों में ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या चार गुना हो गई है, वहीं इंटरनेट डेटा की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
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केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि डिजिटल इंडिया (Digital India) अभियान के चलते देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। 2014-15 में जहां ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या 25 करोड़ थी, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर 103 करोड़ हो गई है। इसमें 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मोबाइल कनेक्टिविटी अब देश के लगभग सभी गांवों तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा 5.27 लाख गांवों से बढ़कर 6.35 लाख गांवों तक पहुंच गया है। इसके साथ ही ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार भी तेजी से हुआ है, जो 358 किमी से बढ़कर 6.92 लाख किमी से अधिक हो गया है।
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डेटा खपत में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। प्रति यूजर मासिक डेटा उपयोग 61.66 MB से बढ़कर 25.25 GB हो गया है। वहीं, डेटा की कीमत 269 रुपये प्रति GB से घटकर करीब 7.9 रुपये रह गई है, यानी करीब 97% की गिरावट दर्ज की गई है।
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टेलीकॉम
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सरकार ने बताया कि जुलाई 2015 में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य इंटरनेट को सुलभ बनाना, लागत कम करना और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना रहा है। इसी के तहत देश में 143 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर जारी किए गए हैं।
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UPI
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मंत्री ने बताया कि यूपीआई के जरिए अब 46 करोड़ से ज्यादा यूजर्स जुड़े हैं और 685 बैंक इसमें शामिल हैं। यह भारत के 81% डिजिटल पेमेंट और दुनिया के करीब 49% रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में योगदान देता है।
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bank holiday
- फोटो : Adobe Stock
वहीं, जनधन आधार मोबाइल (JAM) के जरिए अब तक 49.82 लाख करोड़ रुपये सीधे लोगों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके अलावा DigiLocker के 67 करोड़ यूजर्स हैं और 967 करोड़ से ज्यादा डॉक्यूमेंट जारी किए गए हैं। वहीं, UMANG एप पर 2,446 सेवाएं उपलब्ध हैं और 10.51 करोड़ से ज्यादा यूजर्स रजिस्टर हैं।
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