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2019 में भी लोग स्मार्टफोन के बारे में इन झूठ को सच मान रहे हैं

टेक डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रदीप पांडे Updated Fri, 25 Jan 2019 01:58 PM IST
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Even in 2019 People Believe Too Many Myths about smartphones
Smartphone Myths

आपमें से अधिकतर लोग स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं। हो सकता है कि आप फीचर फोन इस्तेमाल करते हों लेकिन आपके घर में तो कोई स्मार्टफोन इस्तेमाल करता ही होगा या फिर आपके दोस्तों के पास स्मार्टफोन होगा। ऐसे में आपने भी स्मार्टफोन के बारे में कई तरह की बातें सुनी होंगे और उनपर आपने विश्वास भी कर लिया होगा। जैसे- फोन को रातभर के लिए चार्ज पर नहीं लगाना चाहिए। अब 2019 की शुरुआत हो गई है लेकिन आज भी लोग स्मार्टफोन के बारे में कई अफवाह और बिना तर्क वाली बातों तो सच मान रहे हैं। आइए जानते हैं।

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थर्ड पार्टी ऐप
अक्सर आपने सुना होगा कि थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से ऐप फोन में डाउनलोड करने से फोन में वायरस आते हैं। यह बात पूरी तरह से सच नहीं है, क्योंकि कई बार गूगल प्ले-स्टोर से ऐप डाउनलोड करने भी उसके साथ मैलवेयर आ जाते हैं। ऐसे में 9 ऐप्स जैसे स्टोर से ऐप डाउनलोड करने के लिए ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है।

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smartphone brightness

ब्राइटनेस
आजकल बाजार में लांच होने वाले करीब सभी स्मार्टफोन में ऑटो ब्राइटनेस का विकल्प मिलता है। ऑटो ब्राइटनेस का मतलब है कि जब आप धूप में होंगे तो डिस्प्ले की ब्राइटनेस अपने आप तेज हो जाएगी। इस पर कई लोगों का मत है कि ब्राइटनेस को ऑटो मोड में रखने से स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है, जो कि बिलकुल भी सच नहीं है।

Even in 2019 People Believe Too Many Myths about smartphones
5000mAh Battery

बैटरी
स्मार्टफोन की बैटरी की चार्जिंग को लेकर नीचे दिए गए सभी दावे झूठे हैं। 1. स्मार्टफोन को तभी चार्ज करना चाहिए, जब बैटरी पूरी तरह से खत्म हो जाए। 2. पहली बार फोन को इस्तेमाल करने से पहले फुल चार्ज कर लें। 3. ज्यादा एमएएच की बैटरी अच्छी होती है।

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Xiaomi Mi A2

स्मार्टफोन का कैमरा
आपने कई लोगों को मुंह से सुना होगा कि फलां फोन का कैमरा शानदार है, क्योंकि उसमें 10,20 या 47 मेगापिक्सल का कैमरा, जबकि सच्चाई यह है कि फोटो की क्वालिटी कैमरे के मेगापिक्सल पर निर्भर नहीं करती है। बेहतर फोटो के लिए मेगापिक्सल के साथ-साथ अपर्चर जैसी चीजें भी जिम्मेवार होती हैं। 

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