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Japan: इंटरनेट स्पीड का विश्व रिकॉर्ड, 1.02 मिलियन GB / सेकंड; पलक झपकते नेटफ्लिक्स की पूरी लाइब्रेरी डाउनलोड
Fri, 11 Jul 2025 02:09 AM IST
ज्योति भास्कर
एजेंसी, टोक्यो।
एजेंसी, टोक्यो।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 11 Jul 2025 02:09 AM IST
सार
जापान ने इंटरनेट स्पीड का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 1.02 मिलियन गीगाबाइट (जीबी) डाटा एक सेकंड में डाउनलोड किया गया है। आसान भाषा में इसे ऐसे समझा जा सकता है कि पलक झपकते ही वीडियो इंटरटेनमेंट के मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स पर मौजूद पूरी लाइब्रेरी एक सेकंड में डाउनलोड हो जाएगी। तकनीक और इंटरनेट की दुनिया में हुई इस नई हलचल के बारे में जानिए सबकुछ
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जापान में बना इंटरनेट स्पीड का वर्ल्ड रिकॉर्ड (प्रतीकात्मक)
- फोटो : Freepik
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जापान के शोधकर्ताओं ने 1.02 पेटाबाइट्स (1.02 मिलियन जीबी) प्रति सेकंड की इंटरनेट स्पीड हासिल कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह अमेरिका की औसत इंटरनेट स्पीड से 3.5 गुना और भारत की औसत गति 63.55 एमबीपीएस से 1.6 करोड़ गुना अधिक तेज है। इस इंटरनेट की गति की अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके जरिये नेटफ्लिक्स की पूरी लाइब्रेरी को एक सेकंड और 150 जीबी वाले वारजोन जैसे वीडियो गेम को पलक झपकते ही डाउनलोड किया जा सकता है। इस उपलब्धि न केवल जापान, बल्कि वैश्विक रूप से डाटा ट्रांसफर, स्ट्रीमिंग और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
इंटरनेट के लिए समुद्र में बिछाए जा रहे हैं ऑप्टिकल फाइबर केबल (प्रतीकात्मक)
- फोटो : AI
किन वैज्ञानिकों ने विकसित किया? घरेलू इंटरनेट कनेक्शन से कितना तेज
इस तकनीक को जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (एनआईसीटी) के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। इसके लिए उन्नत फाइबर ऑप्टिक तकनीक और अत्याधुनिक सिग्नल प्रोसेसिंग का इस्तेमाल किया गया है। यह गति मौजूदा दुनिया में औसत घरेलू इंटरनेट कनेक्शन से 100000 गुना तेज है। इससे एक सेकंड में 10,000 से अधिक अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन 4के फिल्में डाउनलोड की जा सकती हैं।
इस तकनीक को जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (एनआईसीटी) के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। इसके लिए उन्नत फाइबर ऑप्टिक तकनीक और अत्याधुनिक सिग्नल प्रोसेसिंग का इस्तेमाल किया गया है। यह गति मौजूदा दुनिया में औसत घरेलू इंटरनेट कनेक्शन से 100000 गुना तेज है। इससे एक सेकंड में 10,000 से अधिक अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन 4के फिल्में डाउनलोड की जा सकती हैं।
Satellite Internet
- फोटो : freepik
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स मेडिकल के क्षेत्र में आएगा नया युग
यह तकनीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), और वैश्विक डिजिटलीकरण की बढ़ती मांगों को पूरा करने में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। स्मार्ट सिटी, रिमोट हेल्थकेयर, और ऑनलाइन शिक्षा जैसे क्षेत्रों में तेज और विश्वसनीय डाटा ट्रांसफर से अभूतपूर्व प्रगति हो सकती है।
यह तकनीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), और वैश्विक डिजिटलीकरण की बढ़ती मांगों को पूरा करने में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। स्मार्ट सिटी, रिमोट हेल्थकेयर, और ऑनलाइन शिक्षा जैसे क्षेत्रों में तेज और विश्वसनीय डाटा ट्रांसफर से अभूतपूर्व प्रगति हो सकती है।
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इंटरनेट इस्तेमाल
- फोटो : amarujala.com
सुरक्षा प्रणालियों को और कुशल बनाने में मदद मिलेगी
उदाहरण के लिए, अस्पताल वास्तविक समय में बड़े पैमाने पर मेडिकल डाटा साझा कर सकते हैं, जिससे दूरस्थ सर्जरी या त्वरित निदान संभव होगा। स्मार्ट सिटी में, यह तकनीक ट्रैफिक प्रबंधन, ऊर्जा उपयोग, और सुरक्षा प्रणालियों को और कुशल बनाएगी। साथ ही, वैश्विक व्यापार और संचार में डेटा ट्रांसफर की गति बढ़ने से उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
भारत में क्या हैं इंटरनेट के इस्तेमाल से जुड़े आंकड़े
इसी साल जून में सरकारी संस्था- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की स्टडी के बाद सामने आए एक अनुमान के मुताबिक भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में '15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग' की 76.3% महिलाएं मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन 48.4 प्रतिशत महिलाओं के पास खुद का फोन नहीं है।
ये भी पढ़ें- Digital Divide: 48.4% ग्रामीण महिलाओं के पास मोबाइल फोन नहीं, 57.6% के पास ही इंटरनेट तक पहुंच: एनएसओ डेटा
उदाहरण के लिए, अस्पताल वास्तविक समय में बड़े पैमाने पर मेडिकल डाटा साझा कर सकते हैं, जिससे दूरस्थ सर्जरी या त्वरित निदान संभव होगा। स्मार्ट सिटी में, यह तकनीक ट्रैफिक प्रबंधन, ऊर्जा उपयोग, और सुरक्षा प्रणालियों को और कुशल बनाएगी। साथ ही, वैश्विक व्यापार और संचार में डेटा ट्रांसफर की गति बढ़ने से उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
भारत में क्या हैं इंटरनेट के इस्तेमाल से जुड़े आंकड़े
इसी साल जून में सरकारी संस्था- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की स्टडी के बाद सामने आए एक अनुमान के मुताबिक भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में '15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग' की 76.3% महिलाएं मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन 48.4 प्रतिशत महिलाओं के पास खुद का फोन नहीं है।
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निवेश (सांकेतिक)
- फोटो : AdobeStock
होगी भारी निवेश की जरूरत, आम उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाना चुनौती
हालांकि, इस तकनीक को व्यापक रूप से लागू करने में चुनौतियां हैं। मौजूदा नेटवर्क को मल्टी-कोर फाइबर और उन्नत हार्डवेयर अपनाने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता होगी। इसे आम उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों को स्थापित करना भी एक कठिन कार्य है।
यह भी दिलचस्प है कि इसी साल मई में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान ने 5जी इंटरनेट से पांच गुना तेज डिवाइस विकसित करने का दावा किया था। इस खबर के मुताबिक भारत में अभी तक 5जी ही ठीक से नहीं पहुंचा है और उधर जापान ने दुनिया की पहली 6जी डिवाइस तैयार की है, हालांकि फिलहाल यह एक प्रोटोटाइप डिवाइस ही है लेकिन इसकी स्पीड 300 फीट से ज्यादा तक की रेंज में भी 100Gbps से अधिक है। दावा किया जा रहा है कि इसकी स्पीड मौजूदा 5G तकनीक से 20 गुना अधिक है।
हालांकि, इस तकनीक को व्यापक रूप से लागू करने में चुनौतियां हैं। मौजूदा नेटवर्क को मल्टी-कोर फाइबर और उन्नत हार्डवेयर अपनाने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता होगी। इसे आम उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों को स्थापित करना भी एक कठिन कार्य है।
ये भी पढ़ें- First 6G Device: जापान ने तैयार की दुनिया की पहली 6G डिवाइस, स्पीड 5G से 20 गुना ज्यादा
तकनीक के मामले में जापान की तेजी पर एक नजरयह भी दिलचस्प है कि इसी साल मई में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान ने 5जी इंटरनेट से पांच गुना तेज डिवाइस विकसित करने का दावा किया था। इस खबर के मुताबिक भारत में अभी तक 5जी ही ठीक से नहीं पहुंचा है और उधर जापान ने दुनिया की पहली 6जी डिवाइस तैयार की है, हालांकि फिलहाल यह एक प्रोटोटाइप डिवाइस ही है लेकिन इसकी स्पीड 300 फीट से ज्यादा तक की रेंज में भी 100Gbps से अधिक है। दावा किया जा रहा है कि इसकी स्पीड मौजूदा 5G तकनीक से 20 गुना अधिक है।