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Aadhar Update: बच्चों का आधार कार्ड कहीं बेकार न हो जाए; 1 करोड़ माता-पिता ने किया यह काम, आप भी करें
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 09 Feb 2026 04:47 PM IST
सार
Aadhar Update For Kids: देश के 1 करोड़ से अधिक बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट का काम पूरा कर लिया है। अगर आपके बच्चे की उम्र 5 या 15 साल हो गई है, तो तुरंत आधार अपडेट कराएं, वरना स्कूल एडमिशन और स्कॉलरशिप जैसे जरूरी काम अटक सकते हैं।
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आधार
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अगर आपके घर में 5 से 15 साल की उम्र का बच्चा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने साफ कर दिया है कि बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट समय पर कराना जरूरी है। UIDAI के मुताबिक अब तक देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों का यह अपडेट पूरा किया जा चुका है।
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बच्चों का आधार करवाएं अपडेट
- फोटो : AI जनरेटेड
अपडेट नहीं तो आधार हो जाएगा बेकार
UIDAI का कहना है कि तय उम्र पर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होने की स्थिति में बच्चे का आधार आगे चलकर निष्क्रिय माना जा सकता है। इसका असर स्कूल में दाखिले, स्कॉलरशिप, परीक्षा फॉर्म, सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है।
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5 साल और 15 साल की उम्र में होता है अपडेट
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5 साल और 15 साल की उम्र में क्यों जरूरी है अपडेट?
UIDAI ने बच्चों के आधार के लिए दो अहम पड़ाव तय किए हैं- 5 साल और 15 साल की उम्र। इन दोनों चरणों में बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य होता है। हाल ही में UIDAI ने इस प्रक्रिया को लेकर सख्ती दिखाई है और माता-पिता से नियमों का पालन करने की अपील की है।
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आधार
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क्या कहता है UIDAI का नियम?
UIDAI के नियमों के मुताबिक बच्चों के लिए दो चरणों में बायोमेट्रिक अपडेट किया जाता है। पहला अपडेट 5 साल की उम्र में होता है। इसमें बच्चे की नई फोटो, फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग आधार में जोड़ी जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त होती है। दूसरा अपडेट 15 साल की उम्र में किया जाता है। इसमें बायोमेट्रिक दोबारा अपडेट किया जाता है, ताकि आधार आगे के वर्षों के लिए पूरी तरह वैध बना रहे।
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आधार कार्ड
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क्यों है यह जरूरी?
अक्सर माता-पिता बच्चों का आधार बनवाने के बाद अपडेट की समयसीमा पर ध्यान नहीं देते। लेकिन UIDAI का यह नियम सीधे बच्चे के भविष्य से जुड़ा है। समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने से आगे चलकर किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी नहीं होती। UIDAI का मकसद आधार डेटा को सटीक और सुरक्षित रखना है, ताकि फर्जी पहचान और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके।
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