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गैस न हो तो क्या करें? दुकानदारों के काम आएंगी ये टिप्स, ब्लैक में सिलिंडर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 12 Mar 2026 03:47 PM IST
सार
Alternative Option For Cooking: एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब देशभर के कई शहरों में देखने को मिल रहा है। छोटे-छोटे दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हैं। ऐसे समय में उन्हें क्या करना चाहिए, आइए आपको बताते हैं।
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गैस सिलिंडर न हो तो क्या करें?
- फोटो : Adobe stock
LPG Gas Ke Bina Dukan Kaise Chalayein: देश में एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति संकट में है और कई छोटे-बड़े खाने-पीने के व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। खासतौर पर खाने-पीने की दुकानों के लिए यह बड़ा चुनौतीपूर्ण समय है, क्योंकि खाने के मार्केट में ग्राहकों की मांग तो लगातार बनी रहती है। कुछ दुकानदारों को सिलिंडर बिल्कुल नहीं मिल रहा है, जिससे रसोई का काम प्रभावित हो रहा है।
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गैस सिलिंडर न हो तो क्या करें?
- फोटो : Adobe stock
इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल
- ये बिजली की मदद से काम करता है और गर्मी सीधे बर्तन तक पहुंचती है, इसलिए खाना जल्दी पकता है।
- इंडक्शन स्टोव में खुली आग नहीं होती, जिससे रसोई में सुरक्षा बढ़ती है और साफ-सफाई भी आसान होती है।
- छोटे रेस्टोरेंट या ढाबों में इसे इंस्टॉल करना आसान है और यह बिना गैस के रसोई को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
- बड़े बर्तन या भारी मात्रा में खाना पकाने के लिए उच्च क्षमता वाले इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहता है।
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गैस सिलिंडर न हो तो क्या करें?
- फोटो : Adobe stock
चूल्हा बनाएं
- जब गैस और बिजली दोनों सीमित हों, तो चूल्हा बनाना अस्थायी समाधान हो सकता है।
- मिट्टी, ईंट या स्टील के छोटे स्टोव बनाए जा सकते हैं और लकड़ी, कोयला या बायोमास जैसे वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- यह बड़े बर्तन या स्टॉक्स गर्म करने के लिए उपयुक्त होता है।
गैस सिलिंडर न हो तो क्या करें?
- फोटो : Adobe stock
तंदूर का इस्तेमाल
- तंदूर छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए बेहतरीन विकल्प है, खासकर अगर रोटियां, नान या टिक्का जैसी चीज़ें परोसनी हों।
- एलपीजी की किल्लत के बीच बिजली या कोयला तंदूर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- तंदूर में खाना जल्दी पकता है और यह स्वाद और बनावट में पारंपरिक स्वाद बनाए रखता है।
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गैस सिलिंडर न हो तो क्या करें?
- फोटो : Adobe stock
इन बातों का ध्यान रखें
तंदूर और चूल्हा इस्तेमाल करने में कुछ चुनौतियां भी होती हैं। सबसे पहले दोनों में आग या उच्च तापमान होता है, जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है। कोयला या लकड़ी से चलने वाले चूल्हे और तंदूर से धुआं निकलता है, जो प्रदूषण का कारण बना सकता है और वेंटिलेशन की आवश्यकता बढ़ा देता है।
तंदूर और चूल्हा इस्तेमाल करने में कुछ चुनौतियां भी होती हैं। सबसे पहले दोनों में आग या उच्च तापमान होता है, जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है। कोयला या लकड़ी से चलने वाले चूल्हे और तंदूर से धुआं निकलता है, जो प्रदूषण का कारण बना सकता है और वेंटिलेशन की आवश्यकता बढ़ा देता है।