Noida International Airport Runway Capacity: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन कर भारत के विमानन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-NCR के लिए एक वैकल्पिक हब बनेगा, बल्कि आने वाले समय में दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा।
Noida Airport: देश के कौन से एयरपोर्ट पर हैं सबसे अधिक रनवे, जेवर एयरपोर्ट कितने नंबर पर है?
Noida International Airport Runway Capacity: आज प्रधानमंत्री मोदी ने नोएडा एयरपोर्ट का उद्दघाटन किया। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह एयरपोर्ट इतना बड़ा है कि जब यह बनकर अंतिम चरण में तैयार हो जाएगा तो यह भारत का पहला और एशिया का दूसरा सबसे अधिक रनवे वाला एयरपोर्ट बन जाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं।
देश के टॉप एयरपोर्ट्स और उनके रनवे की स्थिति
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (नई दिल्ली)- देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा, जहां फिलहाल 4 रनवे संचालित हैं। यह भारत का एकमात्र एयरपोर्ट है जिसके पास इतने रनवे हैं।
केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (बेंगलुरु) - दक्षिण भारत का प्रमुख तकनीकी हब, यहां 2 पैरेलल रनवे हैं, जो एक साथ उड़ानों को संभालने में सक्षम हैं।
राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (हैदराबाद) - अपनी उच्च गुणवत्ता वाली सेवा और विशाल कार्गो क्षमता के लिए प्रसिद्ध, यहां भी 2 रनवे हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (मुंबई) - यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हब है, लेकिन यहां 2 रनवे एक-दूसरे को काटते हैं, जिससे एक समय में केवल एक ही रनवे का उपयोग किया जा सकता है।
जेवर एयरपोर्ट में कितने रनवे हैं?
- अगर जेवर एयरपोर्ट की बात की जाए तो यहां वर्तमान में एक ही रनवे संचालित किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में यहां पर 5 रनवे का संचालन करने की योजना है।
- जेवर एयरपोर्ट को पूरी तरह विकसित होने के बाद, यहां कुल 5 समानांतर रनवे होंगे।
- 5 रनवे के साथ, जेवर रनवे की संख्या के मामले में दिल्ली के IGI एयरपोर्ट को पीछे छोड़ देगा और भारत का नंबर वन हवाई अड्डा बन जाएगा।
- यह इसे वैश्विक स्तर पर इस्तांबुल और शिकागो जैसे बड़े एयरपोर्ट्स के बराबर ला खड़ा करेगा।
जेवर एयरपोर्ट की अन्य आधुनिक विशेषताएं
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल रनवे के मामले में ही बड़ा नहीं है, बल्कि यह तकनीक और सुविधा में भी काफी आधुनिक है।
- यहां भारत का सबसे बड़ा 'लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब' विकसित किया जा रहा है, जो उत्तर भारत के व्यापार के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
- यह देश का पहला 'नेट जीरो एमिशन' एयरपोर्ट बनने की राह पर है, जो पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।
- आज जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक ऐतिहासिक समय है।
- पूरी तरह विकसित होने के बाद यह एशिया का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा।
- यह एयरपोर्ट न सिर्फ लाखों यात्रियों के लिए यात्रा सुगम बनाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
- आने वाले समय में, जेवर एयरपोर्ट अपनी सुविधाओं, तकनीक और रनवे की संख्या के मामले में पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनेगा।