फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Tenant-Landlord Rules: मकान मालिक या आप, किराये के मकान में कुछ टूट गया तो कौन देगा उसका पैसा? जानें नियम

Mon, 13 Jul 2026 03:34 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Mon, 13 Jul 2026 03:34 PM IST
सार

Rent Agreement Clause India: अक्सर किराये पर रहने वाले लोगों के मन में ये सवाल होता है कि कमरे में अगर कुछ टूट जाता है तो उसके पैसे आखिर कौन देता है? आइए इस लेख में इसी से जुड़े सभी सवालों का जवाब जानते हैं।

विज्ञापन
Tenant-Landlord Rights Who Pays for Property Damage and Repair Costs in a Rented House
Tenant Landlord Repair Rules - फोटो : AI

Tenant Landlord Repair Rules: किराये के मकान में रहने वाले लोगों और मकानमालिकों के बीच अक्सर घर में होने वाली टूट-फूट के खर्च को लेकर अनबन बनी रहती है। नल खराब होना, दीवार की सीलन या बिजली के बोर्ड जल जाना जैसी समस्याएं आम हैं, लेकिन जब इनके सुधार (रिपेयरिंग) के लिए पैसे देने की बात आती है, तो अक्सर ये देखने को मिलता है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने लगते हैं। 



जानकारी के अभाव में कई बार किरायेदार का शोषण होता है, तो कभी मकानमालिक को नुकसान उठाना पड़ता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि किराये के घर में किस तरह की टूट-फूट का पैसा किसे देना होता है।

Tenant-Landlord Rights Who Pays for Property Damage and Repair Costs in a Rented House
स्ट्रक्चरल या बड़ी मरम्मत की जिम्मेदारी मकानमालिक की - फोटो : Amar Ujala

स्ट्रक्चरल या बड़ी मरम्मत की जिम्मेदारी मकानमालिक की
मॉडल टेनेंसी एक्ट के मुताबिक, मकान के ढांचे से जुड़ी किसी भी बड़ी खराबी को ठीक कराने का पूरा खर्च मकानमालिक को उठाना पड़ता है। इसमें घर की दीवारों में आने वाली भारी सीलन, पानी की मुख्य पाइपलाइन का फटना, छत से पानी टपकना, घर का पेंट कराना या बिजली की मुख्य वायरिंग में खराबी आना शामिल है। अगर मकानमालिक इन कामों को कराने से मना करता है, तो किरायेदार कानूनी रूप से रेंट एग्रीमेंट के तहत कदम उठा सकता है।

Tenant-Landlord Rights Who Pays for Property Damage and Repair Costs in a Rented House
रोजमर्रा की छोटी टूट-फूट का खर्च किरायेदार देगा - फोटो : Amar Ujala

रोजमर्रा की छोटी टूट-फूट का खर्च किरायेदार देगा
घर में रहने के दौरान होने वाली छोटी-मोटी और रोजमर्रा की मरम्मत की जिम्मेदारी पूरी तरह किरायेदार की होती है। उदाहरण के लिए, अगर कमरे का बल्ब फ्यूज हो जाए, नल का वाशर खराब होने से पानी टपकने लगे, गीजर या पंखे में मामूली खराबी आ जाए, या स्विच बोर्ड टूट जाए, तो इसका पैसा किरायेदार को ही देना होता है। इन छोटे कामों के लिए मकानमालिक को परेशान करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Tenant-Landlord Rights Who Pays for Property Damage and Repair Costs in a Rented House
रेंट एग्रीमेंट ही होता है सबसे बड़ा सबूत - फोटो : Amar Ujala

रेंट एग्रीमेंट ही होता है सबसे बड़ा सबूत
किसी भी विवाद से बचने का सबसे सही तरीका यह है कि मकान किराये पर लेते समय ही रेंट एग्रीमेंट में रिपेयरिंग के नियमों को साफ-साफ लिखवा लिया जाए। एग्रीमेंट में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कितनी रकम तक का छोटा खर्च किरायेदार उठाएगा और उससे बड़े खर्चों के लिए मकानमालिक जिम्मेदार होगा। कोर्ट-कचहरी या विवाद की स्थिति में कानून हमेशा लिखित एग्रीमेंट को ही मुख्य आधार मानता है।

विज्ञापन
Tenant-Landlord Rights Who Pays for Property Damage and Repair Costs in a Rented House
सिक्योरिटी मनी से पैसे काटने का क्या है नियम - फोटो : AdobeStock
सिक्योरिटी मनी से पैसे काटने का क्या है नियम
अगर किरायेदार की लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती की वजह से घर की कोई चीज टूटती है (जैसे दरवाजा तोड़ना या खिड़की का कांच फोड़ना), तो मकानमालिक को उस नुकसान की भरपाई किरायेदार से करने का पूरा हक है। ऐसी स्थिति में, किरायेदार के मकान खाली करते समय मकानमालिक उसकी जमा की गई सिक्योरिटी मनी में से मरम्मत की जरूरी रकम काट सकता है, बशर्ते वह उसका पक्का बिल दिखाए।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed