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Al-Qaeda : भारत को धमकी देने वाला अलकायदा क्या है, जानें ओसामा बिन लादेन के बाद कौन बना इसका मुखिया?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 10 Jun 2022 11:01 AM IST
सार
आतंकी संगठन अलकायदा ने दिल्ली, बॉम्बे, यूपी और गुजरात में आत्मघाती हमलों की धमकी दी गई है। इस आंतकी संगठन ने कहा है कि हम उन लोगों को मार देंगे जो हमारे पैगम्बर का अपमान करते हैं। अलकायदा की ये धमकी भाजपा प्रवक्ता रहीं नुपुर शर्मा की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद आई है। अल कायदा वही संगठन है जिसने अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला किया था। इसका मुखिया रहा ओसामा बिन लादेन कभी पूरी दुनिया में दहशतगर्दी के लिए बदनाम था।
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अलकायदा
- फोटो : अमर उजाला
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आतंकी संगठन अलकायदा ने दिल्ली, बॉम्बे, यूपी और गुजरात में आत्मघाती हमलों की धमकी दी गई है। इस आंतकी संगठन ने कहा है कि हम उन लोगों को मार देंगे जो हमारे पैगम्बर का अपमान करते हैं। अलकायदा की ये धमकी भाजपा प्रवक्ता रहीं नुपुर शर्मा की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद आई है। अल कायदा वही संगठन है जिसने अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला किया था। इसका मुखिया रहा ओसामा बिन लादेन कभी पूरी दुनिया में दहशतगर्दी के लिए बदनाम था।
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अलकायदा को सहयोग करने वाले को सजा
- फोटो : file photo
क्या है अलकायदा?
अलकायदा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है। इसकी स्थापना आतंकवादी ओसामा बिन लादेन और अब्दुल्लाह आजम ने 1988 में की थी। बताया जाता है कि ये संगठन तब बनाया गया था, जब अफगानिस्तान में सोवियत संघ के सैनिक दाखिल हुए थे। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमरीका, यूनाइटेड किंगडम, भारत, रूस और कई देशों ने आतंकवादी समूह करार दिया है।
अलकायदा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है। इसकी स्थापना आतंकवादी ओसामा बिन लादेन और अब्दुल्लाह आजम ने 1988 में की थी। बताया जाता है कि ये संगठन तब बनाया गया था, जब अफगानिस्तान में सोवियत संघ के सैनिक दाखिल हुए थे। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमरीका, यूनाइटेड किंगडम, भारत, रूस और कई देशों ने आतंकवादी समूह करार दिया है।
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पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा बिन-लादेन के मारे जाने के बाद ओबामा ने किया आतंकवाद पर जीत का दावा।
- फोटो : Social Media
कौन था ओसामा बिन लादेन
अलकायदा को ओसामा-बिन-लादेन ने ही शुरू किया था। 10 मार्च 1957 को इसका जन्म सऊदी अरब के रियाद शहर में हुआ था। ओसामा के पिता मोहम्मद अवाद बिन लादेन एक अमीर बिल्डर थे। अवाद बिन लादेन के 52 बच्चे थे और ओसामा 17वें नंबर पर था।
पिता की 1968 में मौत हो गई। तब ओसामा 11 साल का था और उसे विरासत में आठ करोड़ डॉलर की राशि मिली थी। उस दौरान वह स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। बाद में उसने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला अजीज विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
अलकायदा को ओसामा-बिन-लादेन ने ही शुरू किया था। 10 मार्च 1957 को इसका जन्म सऊदी अरब के रियाद शहर में हुआ था। ओसामा के पिता मोहम्मद अवाद बिन लादेन एक अमीर बिल्डर थे। अवाद बिन लादेन के 52 बच्चे थे और ओसामा 17वें नंबर पर था।
पिता की 1968 में मौत हो गई। तब ओसामा 11 साल का था और उसे विरासत में आठ करोड़ डॉलर की राशि मिली थी। उस दौरान वह स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। बाद में उसने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला अजीज विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
ओसामा बिन लादेन
- फोटो : Social media
लादेन कैसे बन गया आतंकवादी?
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ओसामा बिन लादेन कट्टरपंथी इस्लामी शिक्षकों और छात्रों के संपर्क में आया। इसके बाद वह 1979 में मुजाहिदीन नाम से पहचाने जाने वाले लड़ाकों की मदद के लिए अफगानिस्तान गया।
लादेन एक गुट का मुख्य आर्थिक मददगार बन गया, जो बाद में अल कायदा कहलाया। 1989 में अफगानिस्तान में सोवियत संघ के हटने के बाद लादेन अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए वापस सऊदी अरब लौट गया। यहां उसने अफगान युद्ध में मदद के लिए फंड जुटाना शुरू किया। यहीं से अलकायदा वैश्विक गुट बन गया। इसके सदस्य 35 से 60 देशों में बन गए।
1991 में जब अमेरिकी सैनिकों ने कुवैत से इराकी बलों को खदेड़ने के लिए युद्ध शुरू किया, तो लादेन ने अमेरिकी बलों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। तब उसे सऊदी अरब से निष्कासित कर दिया गया। सऊदी अरब ने उसकी और उसके परिवार की नागरिकता वापस ले ली। तब उसने सूडान में शरण ली।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ओसामा बिन लादेन कट्टरपंथी इस्लामी शिक्षकों और छात्रों के संपर्क में आया। इसके बाद वह 1979 में मुजाहिदीन नाम से पहचाने जाने वाले लड़ाकों की मदद के लिए अफगानिस्तान गया।
लादेन एक गुट का मुख्य आर्थिक मददगार बन गया, जो बाद में अल कायदा कहलाया। 1989 में अफगानिस्तान में सोवियत संघ के हटने के बाद लादेन अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए वापस सऊदी अरब लौट गया। यहां उसने अफगान युद्ध में मदद के लिए फंड जुटाना शुरू किया। यहीं से अलकायदा वैश्विक गुट बन गया। इसके सदस्य 35 से 60 देशों में बन गए।
1991 में जब अमेरिकी सैनिकों ने कुवैत से इराकी बलों को खदेड़ने के लिए युद्ध शुरू किया, तो लादेन ने अमेरिकी बलों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। तब उसे सऊदी अरब से निष्कासित कर दिया गया। सऊदी अरब ने उसकी और उसके परिवार की नागरिकता वापस ले ली। तब उसने सूडान में शरण ली।
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आतंकी हमला (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
एक के बाद एक कई आतंकी हमले किए
1993 में ओसामा बिन लादेन के आतंकियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर पहली बार हमला किया। इसमें छह लोगों की मौत हुई, जबकि सैकड़ों घायल हो गए। इस मामले में छह मुस्लिम कट्टरपंथी दोषी ठहराए गए थे। उसी साल नवंबर में रियाद में एक इमारत के सामने बम फटा। इस इमारत में अमेरिकी सेना से जुड़े लोग काम करते थे। इस हमले में अमेरिका के पांच और भारत के दो नागरिक मारे गए थे। हमले में 60 से भी ज्यादा लोग घायल।
1993 में ओसामा बिन लादेन के आतंकियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर पहली बार हमला किया। इसमें छह लोगों की मौत हुई, जबकि सैकड़ों घायल हो गए। इस मामले में छह मुस्लिम कट्टरपंथी दोषी ठहराए गए थे। उसी साल नवंबर में रियाद में एक इमारत के सामने बम फटा। इस इमारत में अमेरिकी सेना से जुड़े लोग काम करते थे। इस हमले में अमेरिका के पांच और भारत के दो नागरिक मारे गए थे। हमले में 60 से भी ज्यादा लोग घायल।

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