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ट्रंप का नहीं दिया था साथ: व्हाइट हाउस बना रहा नाटो देशों की सूची, दोस्तों को गिफ्ट- दुश्मनों को मिलेगी सजा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 23 Apr 2026 01:14 PM IST
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सार

ट्रंप प्रशासन ने नाटो देशों को अच्छे और शरारती सहयोगियों में बांटने वाली कथित सूची तैयार की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वर्गीकरण ईरान युद्ध में समर्थन के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें अमेरिका अपने सहयोगियों को इनाम जबकि साथ न देने वाले देशों को सजा दे सकता है।

us iran war Trump Administration Classifies NATO Allies as Good and Bad
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : एक्स@WhiteHouse
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विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नाटो (NATO) देशों की एक खास सूची तैयार की है। इस सूची को शरारती और अच्छे सहयोगियों का नाम दिया गया है। कथित तौर पर इस सूची के जरिए उन देशों की पहचान की गई है जिन्होंने ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका का साथ दिया है। इसे एक ऐसे कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका मकसद, अमेरिका के साथ खड़े देशों को इनाम मिलेगा और पीछे हट गए देशों को सजा भुगतनी पड़ सकती है।
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बताया जा रहा यह सूची नाटो के महासचिव मार्क रुटे की इसी महीने हुई वॉशिंगटन यात्रा से पहले तैयार की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस विचार की शुरुआत दिसंबर में अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने की थी। उन्होंने एक रक्षा मंच पर कहा था कि जो देश आदर्श सहयोगी की तरह व्यवहार करेंगे, अमेरिका उन्हें विशेष सुविधाएं देगा। वहीं, जो देश अपनी सामूहिक रक्षा की जिम्मेदारी पूरी नहीं करेंगे, उन्हें इसके गंभीर नतीजे झेलने होंगे।
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अमेरिका इस सूची के हिसाब से नाटों के कुछ सदस्यों देशों को सजा देने के लिए कदम उठा सकता है। इसमें उन देशों से अमेरिकी सैनिकों को हटाकर दूसरी जगह तैनात करना या उन्हें आधुनिक अमेरिकी सैन्य तकनीक बेचने पर रोक लगाना शामिल हो सकता है। हालांकि, कुछ जानकारों  का मानना है कि सैनिकों को हटाना खुद अमेरिका के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। उनका कहना है कि अमेरिका के पास सहयोगियों को सजा देने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दिखती।

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व्हाइट हाउस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस सूची के बारे में कुछ नहीं कहा है। लेकिन माना जा रहा है कि पोलैंड और रोमानिया जैसे देशों को अच्छे देशों की श्रेणी में रखा जाएगा। पोलैंड अपनी रक्षा पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च कर रहा है, जिसकी अमेरिका ने तारीफ की है। वहीं, रोमानिया ने ईरान युद्ध से जुड़े ऑपरेशनों के लिए अमेरिका को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। इसके उलट, नाटो के ज्यादातर देशों ने खाड़ी के युद्ध में शामिल होने से साफ मना कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप इस बात से काफी नाराज हैं।

ट्रंप ने हाल ही में एरिजोना में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि नाटो देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खुलवाने में बहुत देर से मदद की पेशकश की। उन्होंने कहा, मैंने उनसे कह दिया कि मुझे दो महीने पहले आपकी मदद चाहिए थी, अब मुझे आपकी मदद की कोई जरूरत नहीं है। जब हमें आपकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब आप बिल्कुल बेकार साबित हुए। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका को कभी उनकी जरूरत नहीं थी, बल्कि उन्हें अमेरिका की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका को आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने लिखा कि जब जरूरत थी तब नाटो साथ नहीं था, और आगे भी वह साथ नहीं देगा। ट्रंप और नाटो देशों के बीच रक्षा खर्च को लेकर पहले भी कई विवाद रहे हैं। इसमें ग्रीनलैंड को खरीदने की ट्रंप की पुरानी इच्छा जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। अब इस नई सूची ने दोनों पक्षों के बीच तनाव को और ज्यादा बढ़ा सकता है।

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