{"_id":"69e992b206843452c70e31c2","slug":"us-centcom-31-ships-turned-back-us-during-blockade-of-iran-in-strait-of-hormuz-west-asia-crisis-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Asia War: अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान पर कसा शिकंजा, US आर्मी बोली- अब तक 31 जहाज लौटे वापस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
West Asia War: अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान पर कसा शिकंजा, US आर्मी बोली- अब तक 31 जहाज लौटे वापस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 23 Apr 2026 09:02 AM IST
विज्ञापन
सार
अमेरिकी सेना ने ईरान की नाकाबंदी करते हुए 31 जहाजों को वापस भेज दिया है। इस कार्रवाई से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इसे युद्ध की कार्रवाई बताते हुए व्यापारिक जहाजों पर हमला किया है।
जहाज (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amarujala.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नाकाबंदी के तहत 31 जहाजों को वापस लौटने या बंदरगाह पर जाने का निर्देश दिया है। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इनमें से ज्यादातर जहाज तेल टैंकर थे।
सेंट्रल कमांड ने क्या कहा?
सेना ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इस कार्रवाई में उन्हें काफी सहयोग मिला है। पकड़े जाने के बाद ज्यादातर जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन किया। इस मिशन का पैमाना बहुत बड़ा है। ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी करने के लिए 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, 17 युद्धपोत और 100 से ज्यादा विमान तैनात किए गए हैं।
सैन्य कार्रवाई से बढ़ा तनाव
इस बड़ी सैन्य कार्रवाई की वजह से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। बुधवार तनाव तब और बढ़ गया जब ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाजों पर गोलियां चलाईं और उनमें से दो पर कब्जा कर लिया। यह घटना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले के ठीक 24 घंटे बाद हुई, जिसमें उन्होंने युद्धविराम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नाकाबंदी जारी रखने की बात कही थी।
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान संकट को कम करने के लिए बातचीत की मेज पर आए। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि अमेरिका ने युद्धविराम के लिए कोई औपचारिक समय सीमा तय नहीं की है। हालांकि, उन्होंने एक बड़ी शर्त रखी है। किसी भी स्थायी समझौते के लिए ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम का पूरा भंडार सौंपना होगा। यह शर्त गैर-परक्राम्य है, यानी इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
ये भी पढ़ें: US: ईरान से तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन ने अचानक छोड़ा पद, हंग काओ बने कार्यवाहक सचिव
क्या बोले ट्रंप?
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक तेहरान कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं देता और बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता, तब तक यह समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी। दूसरी तरफ, ईरान ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस नाकाबंदी को युद्ध की कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह किसी भी दबाव वाली रणनीति का डटकर विरोध करने के लिए तैयार है।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
सेंट्रल कमांड ने क्या कहा?
सेना ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इस कार्रवाई में उन्हें काफी सहयोग मिला है। पकड़े जाने के बाद ज्यादातर जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन किया। इस मिशन का पैमाना बहुत बड़ा है। ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी करने के लिए 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, 17 युद्धपोत और 100 से ज्यादा विमान तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
U.S. forces have directed 31 vessels to turn around or return to port as part of the U.S. blockade against Iran. 🇺🇸 pic.twitter.com/lG5ACEt7LR
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 23, 2026
सैन्य कार्रवाई से बढ़ा तनाव
इस बड़ी सैन्य कार्रवाई की वजह से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। बुधवार तनाव तब और बढ़ गया जब ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाजों पर गोलियां चलाईं और उनमें से दो पर कब्जा कर लिया। यह घटना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले के ठीक 24 घंटे बाद हुई, जिसमें उन्होंने युद्धविराम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नाकाबंदी जारी रखने की बात कही थी।
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान संकट को कम करने के लिए बातचीत की मेज पर आए। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि अमेरिका ने युद्धविराम के लिए कोई औपचारिक समय सीमा तय नहीं की है। हालांकि, उन्होंने एक बड़ी शर्त रखी है। किसी भी स्थायी समझौते के लिए ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम का पूरा भंडार सौंपना होगा। यह शर्त गैर-परक्राम्य है, यानी इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
ये भी पढ़ें: US: ईरान से तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन ने अचानक छोड़ा पद, हंग काओ बने कार्यवाहक सचिव
क्या बोले ट्रंप?
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक तेहरान कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं देता और बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता, तब तक यह समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी। दूसरी तरफ, ईरान ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस नाकाबंदी को युद्ध की कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह किसी भी दबाव वाली रणनीति का डटकर विरोध करने के लिए तैयार है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X