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China Drought: चीन में हाहाकार, सबसे बड़ी नदी सूखी, पीने के पानी को तरसे लोग, मॉल बंद, बिजली कटौती भी हो रही
Tue, 23 Aug 2022 06:03 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 23 Aug 2022 06:03 PM IST
सार
चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार यांग्त्जी नदी के ऊपरी हिस्सों में जलस्तर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। यही वह नदी है, जिसके जरिए आधी से ज्यादा आबादी को पीने का पानी मिलता है। इसके अलावा इसी नदी के पानी से हाइड्रोपावर, ट्रांसपोर्ट का काम भी होता है। खेती के लिए भी इसी नदी के पानी का इस्तेमाल होता है।
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चीन में सूखा
- फोटो : अमर उजाला
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अपने से बहुत छोटे देश ताइवान पर अकड़ दिखाने वाले चीन में हाहाकार मची हुई है। चीन 144 साल के सबसे बुरे स्थिति में पहुंच गया है। एक तरफ यहां की सबसे बड़ी यांग्त्जी समेत 66 नदियां लगभग सूख गईं हैं। दूसरी ओर आसमान से भी आग बरस रही है। मतलब रिकॉर्ड गर्मी हो रही है।
चीन में सूखे से हालात खराब हैं।
- फोटो : अमर उजाला
पहले समझिए क्यों हुई चीन की ऐसी स्थिति?
द वॉल स्ट्रीट जनरल ने इसको लेकर रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक चीन में इस बार 40% कम बारिश हुई है। यह 1961 के बाद से सबसे कम है। ऊपर से लगातार गर्मी बढ़ रही है। चीन के कई शहरों में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
गर्मी के चलते बिजली की खपत भी बढ़ गई तो हाइड्रोपावर से बनने वाली बिजली का उत्पादन घट गया। गर्मी का असर खेती पर भी पड़ा है। खेती के लिए पानी की मांग बढ़ गई है। नदियों से सिंचाई के लिए ज्यादा पानी लिया गया। इसके चलते चीन की सबसे बड़ी नदी यांग्त्जी कई जगह पूरी तरह से सूख गई है। इसका आकार भी काफी घट गया है। इसके अलावा 66 अन्य नदियां भी पूरी तरह से सूख गईं हैं।
द वॉल स्ट्रीट जनरल ने इसको लेकर रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक चीन में इस बार 40% कम बारिश हुई है। यह 1961 के बाद से सबसे कम है। ऊपर से लगातार गर्मी बढ़ रही है। चीन के कई शहरों में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
गर्मी के चलते बिजली की खपत भी बढ़ गई तो हाइड्रोपावर से बनने वाली बिजली का उत्पादन घट गया। गर्मी का असर खेती पर भी पड़ा है। खेती के लिए पानी की मांग बढ़ गई है। नदियों से सिंचाई के लिए ज्यादा पानी लिया गया। इसके चलते चीन की सबसे बड़ी नदी यांग्त्जी कई जगह पूरी तरह से सूख गई है। इसका आकार भी काफी घट गया है। इसके अलावा 66 अन्य नदियां भी पूरी तरह से सूख गईं हैं।
कभी बाढ़ में डूबे रहने वाले इलाके कुछ इस तरह से सूख गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
किन-किन प्रांतों में हालात खराब?
चीन के जियांगसी प्रांत में इस साल भयंकर सूखे से पोयांग झील का आकार सिकुड़ कर एक चौथाई रह गया है। वहीं, चोंगक्विंग क्षेत्र में इस साल 60 फीसदी कम बारिश हुई है। चोंगक्विंग के उत्तर में स्थित बयबे जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है।
चीन के दस बेहद गर्म स्थानों में से आधा दर्जन चोंगक्विंग में हैं। भीषण गर्मी से चोंगक्विंग में बुरा हाल है। यहां जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ गईं हैं। दक्षिण-पश्चिम चीन के 34 प्रांतों की 66 नदियां बढ़ते तापमान की वजह से सूख गई हैं। शिचुआन और हुबेई प्रांत की स्थिति भी काफी खराब है। यहां लोगों को पीने के पानी के लिए भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
चीन के जियांगसी प्रांत में इस साल भयंकर सूखे से पोयांग झील का आकार सिकुड़ कर एक चौथाई रह गया है। वहीं, चोंगक्विंग क्षेत्र में इस साल 60 फीसदी कम बारिश हुई है। चोंगक्विंग के उत्तर में स्थित बयबे जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है।
चीन के दस बेहद गर्म स्थानों में से आधा दर्जन चोंगक्विंग में हैं। भीषण गर्मी से चोंगक्विंग में बुरा हाल है। यहां जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ गईं हैं। दक्षिण-पश्चिम चीन के 34 प्रांतों की 66 नदियां बढ़ते तापमान की वजह से सूख गई हैं। शिचुआन और हुबेई प्रांत की स्थिति भी काफी खराब है। यहां लोगों को पीने के पानी के लिए भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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सूखे के चलते चीन में बिजली का संकट गहराने लगा है।
- फोटो : अमर उजाला
आम जनजीवन पर क्या असर पड़ा?
- पानी के संकट के चलते चीन में बिजली का उत्पादन कम कर दिया गया है। लोगों के घरों और फैक्ट्रियों में बिजली की कटौती शुरू हो गई है।
- ज्यादा खपत करने वाली फैक्ट्रियों को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
- महानगर चोंगकिंग में कई मॉल बंद कर दिए गए हैं। कई प्रांतों में मॉल का समय घटा दिया गया है।
- तपती गर्मी में भी लोगों को कम एसी का प्रयोग करने के लिए कहा गया है।
- सूखे और गर्मी के चलते फसलें प्रभावित हुई हैं।
- यांगत्ज़े नदी के सूखने के चलते जलमार्ग से होने वाला यातायात बाधित हुआ है।
- सिचुआन में तापमान बढ़ने से जंगलों में आग लग गई है। यहां रहने वाले 1500 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। यहां तैनात 5000 जवानों को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
- शंघाई में बिजली की खपत कम करने के लिए इमारतों पर लगी लाइटों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा डेकोरेटिव लाइट्स, वीडियो स्क्रीन भी बंद कर दिए गए हैं।
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चीन की सबसे बड़ी नदी सूख गई है।
- फोटो : अमर उजाला
फसलें हुईं चौपट, लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा
हूबेई प्रांत में 6-7 लाख हेक्टेयर फसलें सूखे के चलते नष्ट हो गई हैं। इसी तरह हेनान प्रांत में दस लाख हेक्टेयर फसलें चौपट हुईं। सिचुआन में भी कृषि पर सूखे का काफी असर पड़ा है। यहां 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलें चौपट हो गईं हैं। आठ लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। इनके पास पीने के पानी की कमी हो गई है। चीन सरकार फसलों को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए हेलीकॉप्टर से फसलों पर बारिश कराई जा रही है। लोगों को पीने का पानी सप्लाई कराया जा रहा है।
हूबेई प्रांत में 6-7 लाख हेक्टेयर फसलें सूखे के चलते नष्ट हो गई हैं। इसी तरह हेनान प्रांत में दस लाख हेक्टेयर फसलें चौपट हुईं। सिचुआन में भी कृषि पर सूखे का काफी असर पड़ा है। यहां 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलें चौपट हो गईं हैं। आठ लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। इनके पास पीने के पानी की कमी हो गई है। चीन सरकार फसलों को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए हेलीकॉप्टर से फसलों पर बारिश कराई जा रही है। लोगों को पीने का पानी सप्लाई कराया जा रहा है।