ब्रिटेन के राजपरिवार के प्रमुख सदस्य व महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पति प्रिंस फिलिप का शुक्रवार को 99 साल की उम्र में निधन हो गया। महारानी एलिजाबेथ के साथ उनका प्यार कैसे परवान चढ़ा? और कैसे वे शाही परिवार के सदस्य बने? यह पूरा किस्सा किसी रोचक व शाही प्रेम कहानी से कम नहीं है।
अलविदा प्रिंस फिलिप: 13 साल की एलिजाबेथ से प्यार चढ़ा परवान, रोचक है शादी तक का पूरा किस्सा
- रॉयल नेवल कॉलेज में हुई थी दोनों की पहली मुलाकात
- जॉर्ज छठे व एलिजाबेथ के साथ गई थीं कॉलेज
ग्रीस से निर्वाचित होकर ब्रिटेन पहुंचे थे
दरअसल प्रिंस फिलिप के परिवार को ग्रीस से निर्वासित कर दिया गया था। इसके बाद उनका परिवार योरप के विभिन्न देशों में रहा। प्रिंस पढ़ाई के लिए ब्रिटेन आए और रॉयल नैवी कॉलेज में पढ़ने लगे। बाद में वे ब्रिटेन की रॉयल नेवी के सदस्य बने और विश्व युद्ध में भी शरीक हुए थे।
73 साल रहे महारानी के जीवन साथी
वह 99 वर्ष के थे। लंदन स्थित बकिंघम पैलेस ने यह जानकारी दी। प्रिंस फिलिप को ड्यूक आफ एडिनबर्ग भी कहा जाता था। उनका और महारानी एलिजाबेथ का करीब 74 साल का साथ रहा। पिछले साल नवंबर में उन्होंने अपने विवाह की 73 वीं सालगिरह मनाई थी।
1939 में हुईं आंखें चार
किस्सा यूं है कि जॉर्ज छठे और महारानी एलिजाबेथ यानी मौजूदा महारानी की मां ने 1939 में रॉयल नेवल कॉलेज लंदन का दौरा किया था। उस वक्त उनके साथ उनकी दोनों बेटियां एलिजाबेथ व मार्गरेट भी थीं। कॉलेज ने फिलिप को इन शाही मेहमानों के स्वागत के लिए तैनात किया था। इसी दौरान 13 साल की एलिजाबेथ की फिलिप के साथ आंखें चार हुईं थीं। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम पत्रों का आदान-प्रदान शुरू हुआ और यह कई सालों तक जारी रहा।
1946 में फिलिप ने किंग जॉर्ज से मांग लिया बेटी का हाथ
आखिरकार 1946 में फिलिप ने किंग जॉर्ज से उनकी बेटी का हाथ मान लिया। कहा जाता है कि इससे पहले एलिजाबेथ ने फिलिप के समक्ष प्रपोज कर दिया था। फिलिप के प्रस्ताव पर किंग जॉर्ज तैयार हो गए और शर्त रखी कि सगाई की रस्म तभी होगी जब एलिजाबेथ 21 साल की हो जाएंगी। ब्रिटिश राजपरिवार का सदस्य बनने के लिए फिलिप ने अपने ग्रीक व डैनिश शाही परिवार के तमगे त्याग दिए और अपनी मां के परिवार के सरनेम माउंटबैटन को अपना लिया।