शनिवार को 10वें दिन भी यूक्रेन पर रूसी हमले जारी रहे। रूसी सेना ने राजधानी कीव समेत ओडेसा, लवीव, माइकोलेइव शहरों को निशाना बनाया। शनिवार को रूस ने कीव के साथ सुमी और चेर्निहीव शहरों के मुख्य इलाकों में हवाई हमलों का अलर्ट जारी किया। 10 दिन के भीतर रूस में 12 लाख लोग बेघर हो चुके हैं, कई बेगुनाह मारे जा चुके हैं और कई शहर, घर व मोहल्ले तबाह हो चुके हैं।
यूक्रेन-रूस जंग के दस दिन, 10 तस्वीरें : कीव-सूमी और चेर्निहीव में हवाई हमलों का अलर्ट, कई शहर पहले ही बर्बाद, 12 लाख से ज्यादा लोग बेघर
यह यूरोप-विश्व शांति पर आक्रमण : बाइडन
राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन पर रूसी हमला सिर्फ इस देश पर नहीं, बल्कि यूरोप व विश्व शांति पर हमला है। बाइडन ने फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ चर्चा के बाद कहा, दोनों देशों ने रूसियों के खिलाफ साझा प्रतिक्रिया दी है और यूक्रेन के विरुद्ध अकारण हमले के लिए रूसी जवाबदेही तय कर रहे हैं। इससे पहले दिन में बाइडन ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डुडा से बातचीत की।
व्हाइट हाउस ने कहा, बाइडन ने पोलैंड की सुरक्षा और सभी नाटो सहयोगियों की रक्षा की अमेरिकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने नाटो के खिलाफ रूस के किसी भी हमले को रोकने के लिए 9,000 अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के लिए पोलैंड की साझेदारी का आभार जताया। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने ब्रसेल्स में कहा, अमेरिका ने यूरोप में अतिरिक्त 7,000 सैनिक भेजे हंै और नाटो के पूर्वी बेडे को मजबूत करने के लिए बलों की तैनाती में बदलाव किए हैं।
पोलैंड-रोमानिया जाएंगी कमला हैरिस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस रूसी हमले के खिलाफ यूरोपीय सहयोगियों को एकजुट करने के लिए अगले सप्ताह पोलैंड व रोमानिया जाएंगी। हैरिस की प्रवक्ता सबरीना सिंह ने बताया, उपराष्ट्रपति 9-11 मार्च के बीच पोलैंड के वारसॉ और रोमानिया के बुखारेस्ट जाएंगी।
व्हाइट हाउस ने पुतिन की हत्या संबंधी सांसद ग्राहम के बयान से बनाई दूरी
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या करने का आह्वान करने संबंधी अमेरीकी सांसद लिंडसे ग्राहम के बयान की निंदा की जा रही है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, यह अमेरिका का रुख नहीं है। टेक्सास से रिपब्लिकन सांसद टेड क्रूज ने इसे बेहद बुरी सोच बताया। जॉर्जिया से सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा कि ग्राहम का बयान गैर जिम्मेदाराना और खतरनाक है।
परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च अहमियत देता है भारत: तिरुमूर्ति
यूक्रेन में जैपोरिझिया परमाणु संयंत्र पर रूसी कब्जे के बाद भारत ने अपनी चिंता जाहिर की है। शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक में देश के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, भारत परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सर्वोच्च अहमियत देता है। साथ ही आगाह किया कि इन केंद्रों पर कोई भी दुर्घटना जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर डाल सकती है।
तिरुमूर्ति ने यूक्रेन में जारी युद्ध व हिंसा को फौरन खत्म करने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने कहा, भारत यूक्रेन में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और केंद्रों की सुरक्षा से संबंधित घटनाक्रम पर सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है। साथ ही कहा, वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के उसकी सुरक्षा व निगरानी गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
हजारों निर्दोष लोगों की सुरक्षा लगी है दांव पर
तिरुमूर्ति ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को यूक्रेन में हमारे सामने पैदा हो रहे मानवीय संकट को समझना चाहिए, जहां हजारों भारतीयों समेत निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लगी है। तिरुमूर्ति ने उम्मीद जताई कि रूस और यूक्रेन के बीच दूसरे दौर की वार्ता से लोगों को सुरक्षित निकालने का मार्ग (मानवीय गलियारा) प्रशस्त होगा।
यूक्रेन को नो फ्लाई जोन नहीं बनाने से नाटो पर भड़के जेलेंस्की
नाटो की तरफ से यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित नहीं किए जाने से राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की भड़के हुए हैं। नाटो नेतृत्व को कमजोर, भ्रमित और यूरोप में स्वतंत्रता की परवाह नहीं करने वाला बताते हुए जेलेंस्की ने कहा, नाटो ने यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित नहीं कर रूस को बमबारी के लिए हरी झंडी दिखा दी है।
जेलेंस्की ने कहा, नाटो एक आत्ममुग्ध, कमजोर, अंदर से असुरक्षित संगठन है, जिसके पास यूक्रेन से कई गुना ज्यादा और बेहतर और ताकतवर हथियार हैं, लेकिन रूस की क्रूरता से उसे डर लगता है।
जेलेंस्की की यह प्रतिक्रिया नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग की तरफ यूक्रेन को नो-फ्लाई जोन बनाए जोन के विचार को खारिज करने के बाद आई है। जेलेंस्की चाहते थे जैपोरिझिया में परमाणु ऊर्जा संयंत्र में लगी आग से समूचे इलाके में रेडिएशन फैलने के खतरे को देखते हुए पश्चिमी देश यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित करें और रूसी विमानों को यूक्रेन में प्रवेश करने से रोकें। लेकिन, ब्रुसेल्स में नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि इस तरह के कदम से रूस के साथ यूरोपीय देशों का व्यापक युद्ध भड़क सकता है।
हालात को और बिगाड़ना चाहता है यूक्रेन : लावरोव
यूक्रेन की तरफ से नाटो से मदद मांगने पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के नाटो से रूस के खिलाफ मैदान में उतरने के आग्रह को दोनों देशों की वार्ता को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए कहा, संघर्ष में नाटो से मदद लेने के प्रयास और जेंलेंस्की के भड़काऊ बयान हालात बिगाड़ रहे हैं। लावरोव ने जेलेंस्की द्वारा नाटो की आलोचना पर कहा, एक तरफ तो वे नाटो की तरफ से यूक्रेन में सैनिक नहीं भेजने से नाराज हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के बजाय नाटो की मदद से मौजूदा हालात का हल निकालना चाहते हैं, जो संभव नहीं है।
यूक्रेन के पूर्व प्रधानमंत्री अजारोव ने परमाणु संयंत्र में आग को जेलेंस्की की साजिश बताया
यूक्रेन के पूर्व प्रधानमंत्री मायकोला अजारोव ने दावा किया है कि जैपोरिझिया न्यूक्लियर पावर प्लांट में आग असल में जेलेंस्की की साजिश है, ताकि पश्चिमी देशों को यूक्रेन में नो-फ्लाई जोन बनाने के लिए मनाया जा सके। अजारोव ने कहा, रूसी हो या यूक्रेनी सैनिक जानते हैं कि छोटी सी दुर्घटना पूरे यूरोप को श्मशान बना सकती है। आग को जेलेंस्की ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, ताकि यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया जाए।
रूस का भी दावा यूक्रेनी सैनिकों ने लगाई आग
शुक्रवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि संयंत्र के पास गश्त करते समय रूसी सैनिकों ने यूक्रेनी सैनिकों को तोड़फोड़ करते देखा था। यूक्रेनियों ने शैक्षिक परिसर पर भी गोलियां बरसाई थीं। जवाबी कार्रवाई के बाद यूक्रेनी सैनिकों की टुकड़ी वहां से भाग निकली।
यूक्रेन का सैन्य ढांचा ध्वस्त, पश्चिमी देशों के प्रतिबंध युद्ध की घोषणा जैसे : पुतिन
मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन का सैन्य ढांचा नष्ट करने का दावा करते हुए कहा कि रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों के प्रतिबंध युद्ध की घोषणा के बराबर हैं। उन्होंने कहा, जो हो रहा है, जो हम देख रहे हैं और जो हम झेल रहे हैं, वे सब निश्चित रूप से रूस के खिलाफ संघर्ष का तरीका है। पुतिन ने दोहराया, मुझे कोई संदेह नहीं है कि रूसी सेना सभी लक्ष्य पूरा करेगी।
पुतिन ने कहा, यूक्रेन पर सैन्य अभियान का फैसला लेना आसान नहीं था। रूस ने कई सालों से इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की कोशिश की। कीव को डोनबास के लोगों को रूसी भाषा बोलने और मर्जी से जीवन जीने की इजाजत देनी चाहिए थी, लेकिन यूक्रेनी अधिकारियों ने तो उस क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। उन्होंने कहा, डोनबास के लोग गली के कुत्ते नहीं थे। वहां आठ साल में 14 हजार लोगों की हत्या की गई।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की नाटो से यूक्रेन को उड़ान वर्जित क्षेत्र बनाने की मांग कर रहे हैं। पुतिन ने कहा, जो भी देश यूक्रेन के हवाई क्षेत्र को उड़ान वर्जित क्षेत्र बनाने की कोशिश करेगा, वह रूस का विरोधी होगा। ब्रिटेन ने नाटो के युद्ध में शामिल होने की बात कहकर हमें अलर्ट कर दिया है।
