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US Bombers Flew 37 Hours Non-Stop, Refuelled Mid-Air To Hit Iran Nuclear Sites Know all about it
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US B-2 Bombers: अमेरिकी विमानों ने ईरानी ठिकानों पर हमले के लिए 37 घंटे बिना रुके उड़ान भरी, हवा में भरा ईंधन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 22 Jun 2025 11:42 AM IST
सार
ईरान के परमाणु ठिकानों पर इस्राइल ने हमले किए थे, लेकिन ईरान के परमाणु ठिकाने भूमिगत हैं, जिससे इस्राइली हमलों में उन्हें खास नुकसान नहीं हुआ। इस्राइल के पास ऐसे हथियार नहीं हैं, जो भूमिगत ढांचे को तबाह कर सकें। ऐसे में अमेरिका की एंट्री हुई और अमेरिका ने अपने सबसे खास हथियारों में से एक बी-2 स्टील्थ बॉम्बर से 30,000 पाउंड के मैसिव ओर्डिनेंस पेनिट्रेटर या बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जो जमीन के भीतर भी भारी तबाही मचाने की ताकत रखते हैं।
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B-2 Bomber
- फोटो : PTI
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अमेरिकी बी-2 स्पिरिट बमवर्षक विमानों ने मिसौरी से लगभग 37 घंटे तक बिना रुके उड़ान भरी और रविवार की सुबह ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया। हमले से पहले स्टील्थ बमवर्षक विमानों में बीच हवा में ईंधन भरा गया। इसके बाद ये विमान तीन प्रमुख ईरानी परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फाहान पर कहर बनकर टूटे।
हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फोर्डो खत्म हो गया है। उन्होंने भारी किलेबंद भूमिगत सुविधा का जिक्र किया, जिसे लंबे समय से तेहरान का सबसे सुरक्षित परमाणु स्थल माना जाता है। उन्होंने मिशन की अद्भुत सफलता को सराहा और ईरान को चेतावनी दी कि उन्हें तुरंत शांति स्थापित करनी चाहिए अन्यथा उन्हें फिर से हमला झेलना पड़ेगा।
बंकर-बस्टर बमों और टॉमहॉक मिसाइलों के संयोजन से किए गए हमले वर्षों में ईरान के खिलाफ सबसे प्रत्यक्ष अमेरिकी सैन्य कार्रवाई थी। ट्रंप ने कहा कि फोर्डो पर छह बंकर-बस्टर बम गिराए गए और लगभग 30 टॉमहॉक मिसाइलों ने अन्य परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। पेंटागन ने भी पुष्टि की है कि हमले में बी-2 बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल किया गया था, जो इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और एक सप्ताह तक जारी संघर्ष के बाद हुआ है।
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B-2 Bomber
- फोटो : PTI
इससे पहले शनिवार को अमेरिका ने प्रशांत द्वीप गुआम में बी-2 बमवर्षक विमानों को फिर से तैनात किया था। ये विमान GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (बंकर बस्टर बम) ले जाने में सक्षम है, जिसे फोर्डो जैसे गहरे दबे हुए लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। हाल के दिनों में ईरानी परमाणु सुविधाओं पर इस्राइली अभियानों की एक सीरीज के बाद अमेरिकी हमला हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इस्राइल के पास फोर्डो की सुरक्षा को भेदने की क्षमता नहीं थी।
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर अमेरिकी वायुसेना में अपनी तरह का खास हथियार है, जो तीन दशकों से अमेरिकी स्टील्थ तकनीक की रीढ़ रहा है। 1989 में अपनी पहली उड़ान के बाद से यह विमान दुनिया के सबसे ज्यादा समय तक संचालित होने वाले विमानों में से एक है। बी-2 स्टील्थ बॉम्बर में दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदने की अद्भुत क्षमता है। इसे नॉर्थरोप ग्रूमन नामक कंपनी ने बनाया है।
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमान की खासियत ये है कि इसे आसानी से ट्रैक नहीं किया जा सकता। साथ ही यह बेहद उंचाई पर उड़ान भर सकता है, जिससे एयर डिफेंस के लिए भी इसे भेद पाना बेहद मुश्किल है। बी-2 स्टील्थ बॉम्बर पूरी सटीकता से दुश्मन ठिकानों पर हमला कर सकता है। इस अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से डिजाइन किया गया है, जिससे पारंपरिक रडार सिस्टम इसे नहीं पकड़ सकता।
अपनी खास बनावट और फ्लाइंग विंग डिजाइन और बेहद कम इंफ्रारेड के चलते यह सिर्फ 0.001 वर्ग मीटर का रडार क्रॉस सेक्शन बनाता है, जो एक छोटी चिड़िया के बराबर होता है। यही वजह है कि जब दुश्मन के इलाके में घुसकर उसके ठिकानों पर पूरी सटीकता से हमला करना हो तो उस स्थिति में बी-2 स्टील्थ बॉम्बर का कोई मुकाबला नहीं है। यह 6 हजार नॉटिकल मील की गति से उड़ान भर सकता है। यह भारी भरकम हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
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ईरान का फोर्डो परमाणु केंद्र
- फोटो : पीटीआई
क्या हैं बंकर बस्टर बम?
बंकर बस्टर बेहद ताकतवर विस्फोटक हैं, जो जमीन के काफी अंदर तक मार कर सकते हैं। आम तौर पर इन्हें बंकरों को तबाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जीपीएस गाइडेड इन बमों को बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों को निशाना बनाया जाता है।
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