{"_id":"6a756312b26e1e52e40b3c6e","slug":"interim-stay-on-proceedings-in-defamation-case-congress-president-mallikarjun-kharge-high-court-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को राहत: मानहानि मामले में कार्यवाही पर अंतरिम रोक, हाईकोर्ट करेगा विचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को राहत: मानहानि मामले में कार्यवाही पर अंतरिम रोक, हाईकोर्ट करेगा विचार
Fri, 07 Aug 2026 10:18 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: Nivedita
Updated Fri, 07 Aug 2026 10:18 AM IST
सार
वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से की थी। पंजाब के संगरूर निवासी एवं बजरंग दल से जुड़े हितेश भारद्वाज ने उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर की थी।
विज्ञापन
मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने संगरूर की अदालत में उनके खिलाफ लंबित मानहानि मामले की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही निचली अदालत की ओर से जारी 15 हजार रुपये के जमानती वारंट और 19 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश के प्रभाव पर भी फिलहाल रोक लगा दी है।
मामला वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक चुनावी बयान से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान खरगे ने बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से की थी। इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए पंजाब के संगरूर निवासी एवं बजरंग दल से जुड़े हितेश भारद्वाज ने उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर की थी।
शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद संगरूर की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। बाद में अदालत ने खरगे के खिलाफ 15 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 19 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
संगरूर अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए खरगे ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में जमानती वारंट रद्द करने और मानहानि मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई। उनका कहना था कि उनके खिलाफ जारी वारंट और निचली अदालत की कार्यवाही कानून के अनुरूप नहीं है।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने खरगे की दलीलों पर विचार करते हुए उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने संगरूर की अदालत में लंबित मानहानि मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने के साथ ही जमानती वारंट और 19 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश के प्रभाव पर भी रोक लगा दी। अब मामले की अगली सुनवाई में हाईकोर्ट याचिका पर विस्तार से विचार करेगा। तब तक संगरूर की अदालत में खरगे के खिलाफ कोई आगे की कार्रवाई नहीं होगी।
विज्ञापन
मामला वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक चुनावी बयान से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान खरगे ने बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से की थी। इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए पंजाब के संगरूर निवासी एवं बजरंग दल से जुड़े हितेश भारद्वाज ने उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर की थी।
विज्ञापन
शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद संगरूर की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। बाद में अदालत ने खरगे के खिलाफ 15 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 19 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
संगरूर अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए खरगे ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में जमानती वारंट रद्द करने और मानहानि मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई। उनका कहना था कि उनके खिलाफ जारी वारंट और निचली अदालत की कार्यवाही कानून के अनुरूप नहीं है।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने खरगे की दलीलों पर विचार करते हुए उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने संगरूर की अदालत में लंबित मानहानि मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने के साथ ही जमानती वारंट और 19 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश के प्रभाव पर भी रोक लगा दी। अब मामले की अगली सुनवाई में हाईकोर्ट याचिका पर विस्तार से विचार करेगा। तब तक संगरूर की अदालत में खरगे के खिलाफ कोई आगे की कार्रवाई नहीं होगी।