सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   BBMB Top Posts Appointments Rules Revised Ending Punjab Haryana Dominance Protests Erupt

बीबीएमबी पर फिर विवाद: उच्च पदों पर नियुक्ति के नियम बदले, पंजाब-हरियाणा का वर्चस्व खत्म; विरोध शुरू

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 15 Apr 2026 07:56 AM IST
विज्ञापन
सार

विद्युत मंत्रालय ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (संशोधन) नियम 2026 जारी किए हैं।दोनों पदों पर भर्ती में हरियाणा और पंजाब को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन अब नियुक्ति की गारंटी नहीं है। 

BBMB Top Posts Appointments Rules Revised Ending Punjab Haryana Dominance Protests Erupt
भाखड़ा बांध - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार

बीबीएमबी के अहम पदों पर पंजाब-हरियाणा का वर्चस्व खत्म हो गया है। विद्युत मंत्रालय ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (संशोधन) नियम 2026 जारी किए हैं, जिसके तहत बीबीएमबी के टॉप पदों पर नियुक्ति के द्वार दूसरे राज्यों के अधिकारियों के लिए भी खुल गए हैं। 

Trending Videos


पहले इन पदों पर पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों की नियुक्ति होती थी। इसे लेकर पंजाब और हरियाणा में विरोध शुरू हो गया है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि यह संघीय ढांचे पर हमला है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बोर्ड के सदस्य (सिंचाई) और सदस्य (विद्युत) के पद पर नियुक्ति के लिए ये नए नियम जारी किए गए हैं। हालांकि संशोधनों में कहा गया है कि दोनों पदों पर भर्ती में हरियाणा और पंजाब को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन अब इसकी गारंटी नहीं है कि उक्त पदों पर पहले की तरह दोनों राज्यों के अधिकारियों की ही नियुक्ति होगी। 

संशोधित नियमों में उम्मीदवारों के लिए पात्रता शर्तों में उच्च योग्यता और अनुभव निर्धारित किया गया है, जिससे पंजाब की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि सूबे की सरकार पहले ही केंद्र सरकार पर बोर्ड में अपने अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाती रही है।

क्या हैं नए नियम

नए नियमों के अनुसार सदस्य (सिंचाई) पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से सिविल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग डिग्री होनी चाहिए और उनके पास कम से कम 20 वर्षों का नियमित अनुभव होना चाहिए। इसी तरह सदस्य (विद्युत) पद के लिए अब विद्युत या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग डिग्री के साथ-साथ 20 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। 

केंद्र सरकार ने सोमवार को इन पदों के लिए नियम अधिसूचित किए हैं, जिससे साफ है कि अगर हरियाणा और पंजाब से उपयुक्त रूप से योग्य अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं तो अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को भी नियुक्त किया जा सकता है। बीबीएमबी को लेकर पिछले साल विवाद शुरू हुआ था, जब पंजाब सरकार ने हरियाणा को पानी देने से इन्कार कर दिया था। 

पंजाब ने आरोप लगाया था कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर चुका है, इसलिए अतिरिक्त पानी देने से इनकार किया गया। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था और नंगल में सीएम भगवंत सिंह मान ने खुद मोर्चा संभाला था तथा बीबीएमबी पर अतिरिक्त पानी छोड़ने के प्रयासों का आरोप लगाया था। यहां विधायकों के साथ स्थानीय लोगों ने भी धरना दिया था।

पंजाब के अधिकारों पर हमला, फैसला तुरंत वापस ले केंद्र  

कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने पंजाब के विरुद्ध फैसला लिया है। यह संविधान के साथ ही सूबे के अधिकारों पर भी हमला है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी में पंजाबी अधिकारी की नियुक्ति पहले लाजिमी होती थी, लेकिन अब जिन नियमों में संशोधन किया गया है, उससे देश के किसी भी हिस्से से अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। पंजाब के अधिकारी सूबे की जरूरतों को भली-भांति जानते हैं, लेकिन बाहरी अधिकारी सूबे के हितों को ध्यान में रखकर फैसले नहीं ले सकता। प्रदेश पहले ही बाढ़ झेल चुका है और आगे अगर खतरा बढ़ता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

हरियाणा के हितों से किया जा रहा खिलवाड़ : हुड्डा

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को लेकर केंद्र सरकार के नए नियम हरियाणा विरोधी हैं। राज्य के गठन के समय बोर्ड में संतुलन बनाए रखने के लिए नियम तय किए गए थे, जिनमें सिंचाई सदस्य हरियाणा से और पावर सदस्य पंजाब से होना तय था, साथ ही अध्यक्ष हिमाचल से होता था। हुड्डा ने आरोप लगाया कि नए नियमों में किसी भी राज्य के व्यक्ति को किसी भी पद पर बैठाने की छूट दे दी गई है, जिससे हरियाणा के अधिकार कमजोर हो सकते हैं। सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के पक्ष में होने के बावजूद राज्य को उसका पानी नहीं मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed