{"_id":"6a4b45847def13bf5a02ac24","slug":"building-collapsed-during-repair-work-in-chandigarh-industrial-area-phase-2-two-died-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में इमारत ढही, सपने जमींदोज: मासूम ने पूछा- पापा सफेद चादर में कवर क्यों हैं, बिलख पड़े लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में इमारत ढही, सपने जमींदोज: मासूम ने पूछा- पापा सफेद चादर में कवर क्यों हैं, बिलख पड़े लोग
Mon, 06 Jul 2026 11:39 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 06 Jul 2026 11:39 AM IST
सार
तरुण जैन अपने पीछे पत्नी और 10 वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं जबकि तरुण कौशिक की पत्नी और इकलौती बेटी के सिर से हमेशा के लिए पति और पिता का साया उठ गया। दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं।
विज्ञापन
सेक्टर-32 अस्पताल की मोर्चरी से तरुण कौशिक के शव को ले जाते परिजन।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित प्लॉट नंबर-28 पर मरम्मत के दौरान 54 साल पुरानी दो मंजिला इमारत ढह गई थी। इसमें उद्यमी साझेदार तरुण जैन और तरुण कौशिक की माैत हो गई थी। तरुण जैन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक शहर मेरठ (उत्तर प्रदेश) और तरुण कौशिक का अंतिम संस्कार सोलन (हिमाचल प्रदेश) में होगा।
हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। तरुण जैन अपने पीछे पत्नी और 10 वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं जबकि तरुण कौशिक की पत्नी और इकलौती बेटी के सिर से हमेशा के लिए पति और पिता का साया उठ गया। दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं और अपनों को अंतिम विदाई देने के लिए अपने-अपने पैतृक घर पहुंच गए।
परिजनों ने बताया कि दोनों गहरे मित्र थे और पिछले चार-पांच दिनों से चंडीगढ़ में बाइक सर्विस सेंटर शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। दोनों एक निजी होटल में ठहरे हुए थे और परिवार के साथ रहने के लिए शहर में किराये का मकान भी तलाश रहे थे। उनकी इच्छा थी कि दोनों परिवार एक ही जगह रहें, लेकिन हादसे ने उनके सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
विज्ञापन
यह सवाल सुनकर मां खुद को संभाल नहीं सकीं। उन्होंने बेटी को सीने से लगा लिया और फूट-फूटकर रो पड़ीं। मोर्चरी के बाहर मौजूद परिजन और अन्य लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति के पास उस मासूम के सवाल का जवाब नहीं था। कुछ देर बाद कागजी औपचारिकताएं पूरी हुईं। शव एम्बुलेंस में रखा गया और मां-बेटी उसी वाहन से सोलन के लिए रवाना हो गईं। यह सफर सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर का नहीं था बल्कि एक ऐसी जिंदगी की शुरुआत थी, जिसमें उस मासूम के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका था।
विज्ञापन
हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। तरुण जैन अपने पीछे पत्नी और 10 वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं जबकि तरुण कौशिक की पत्नी और इकलौती बेटी के सिर से हमेशा के लिए पति और पिता का साया उठ गया। दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं और अपनों को अंतिम विदाई देने के लिए अपने-अपने पैतृक घर पहुंच गए।
विज्ञापन
परिजनों ने बताया कि दोनों गहरे मित्र थे और पिछले चार-पांच दिनों से चंडीगढ़ में बाइक सर्विस सेंटर शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। दोनों एक निजी होटल में ठहरे हुए थे और परिवार के साथ रहने के लिए शहर में किराये का मकान भी तलाश रहे थे। उनकी इच्छा थी कि दोनों परिवार एक ही जगह रहें, लेकिन हादसे ने उनके सभी सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
विज्ञापन
बेटी के सवाल पर फूट-फूटकर रोई मां
जीएमसीएच-32 की मोर्चरी के बाहर रविवार को ऐसा दृश्य था जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। तरुण कौशिक की इकलौती नन्हीं बेटी अपनी मां का हाथ पकड़कर पिता को घर ले जाने आई थी। उसे यही बताया गया था कि पापा की तबीयत खराब है, लेकिन जब उसने सफेद चादर में लिपटे पिता को देखा तो मासूमियत से मां का हाथ पकड़कर पूछा, ’मम्मा... आप तो कह रहे थे कि पापा बीमार हैं, फिर ये सफेद चादर में क्यों हैं।’यह सवाल सुनकर मां खुद को संभाल नहीं सकीं। उन्होंने बेटी को सीने से लगा लिया और फूट-फूटकर रो पड़ीं। मोर्चरी के बाहर मौजूद परिजन और अन्य लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति के पास उस मासूम के सवाल का जवाब नहीं था। कुछ देर बाद कागजी औपचारिकताएं पूरी हुईं। शव एम्बुलेंस में रखा गया और मां-बेटी उसी वाहन से सोलन के लिए रवाना हो गईं। यह सफर सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर का नहीं था बल्कि एक ऐसी जिंदगी की शुरुआत थी, जिसमें उस मासूम के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका था।