Chandigarh: दो कॉज-वे को हाईलेवल ब्रिज बनाने में प्रशासन आगे, इंडस्ट्रियल एरिया ब्रिज की योजना फाइलों में
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने के लिए 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। 30 जुलाई तक बिड प्राप्त होंगी। टेंडर फाइनल होने के बाद करीब एक वर्ष में निर्माण पूरा होने का लक्ष्य है।
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मानसून के दौरान सुखना चो पर बनने वाले जलभराव से राहत दिलाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने दो कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
इसके विपरीत नगर निगम इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने का प्रस्ताव तक तैयार नहीं कर पाया है। ऐसे में इस मानसून के साथ अगले साल भी शहरवासियों को जाम और रास्ते बंद होने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने के लिए 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। 30 जुलाई तक बिड प्राप्त होंगी। टेंडर फाइनल होने के बाद करीब एक वर्ष में निर्माण पूरा होने का लक्ष्य है। वहीं, किशनगढ़ कॉज-वे के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया जा चुका है। फिलहाल फिजिबिलिटी स्टडी चल रही है। इसके बाद एस्टीमेट और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
निगम केवल मरम्मत तक ही सीमित
दूसरी ओर, नगर निगम इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के कॉज-वे पर अभी तक हाई लेवल ब्रिज की योजना भी तैयार नहीं कर सका है। निगम केवल मरम्मत तक सीमित है। 40 लाख रुपये की रिपेयर के लिए दो-तीन बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन किसी कंपनी ने बिड नहीं डाली। निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर धर्मेंद्र शर्मा ने भी माना कि हाई लेवल ब्रिज का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया है।
मक्खनमाजरा कॉज-वे पर अभी नहीं बनेगा हाई लेवल ब्रिज
उधर, मक्खनमाजरा कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने का भी फिलहाल प्रशासन के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में तेज बारिश के दौरान सुखना लेक के फ्लड गेट खुलने पर चारों कॉज-वे बंद होने की स्थिति दोबारा बन सकती है। इससे पंचकूला, मनीमाजरा, मौली जागरां, दड़वा और आसपास के क्षेत्रों की आवाजाही मध्य मार्ग और हल्लोमाजरा रूट तक सिमट जाएगी, जहां हर बार लंबा ट्रैफिक जाम लगता है।
चार कॉज-वे बंद होते ही शहर की रफ्तार थम जाती है
सुखना चो पर किशनगढ़, बापूधाम-शास्त्री नगर, इंडस्ट्रियल एरिया और मक्खनमाजरा के चार कॉज-वे हैं। तेज बारिश के बाद सुखना लेक से पानी छोड़े जाने पर सुरक्षा के लिहाज से चारों कॉज-वे बंद कर दिए जाते हैं। इससे पंचकूला, मनीमाजरा, मौली जागरां, दड़वा, रायपुर कलां और मक्खनमाजरा की ओर जाने वाले चार प्रमुख मार्ग बंद हो जाते हैं।
शहर से इन क्षेत्रों तक पहुंचने के छह मार्गों में से केवल मध्य मार्ग और हल्लोमाजरा रूट ही खुले रहते हैं। दोनों मार्गों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ने से लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। सामान्य दिनों में 15 मिनट का सफर बारिश के दौरान 45 मिनट या उससे अधिक का हो जाता है। 29 अगस्त 2025 को भी चारों कॉज-वे बंद होने के बाद मध्य मार्ग पर कई दिनों तक भारी जाम की स्थिति बनी रही।
शास्त्री नगर ब्रिज की खास बातें
लागत : 17 करोड़ रुपये
30 जुलाई तक टेंडर बिड जमा होंगी।
निर्माण अवधि : करीब एक वर्ष
सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा।
दोनों ओर साइकिल ट्रैक और पैदल पथ बनेगा।
स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वाटर लाइन और पानी की पाइपलाइन शिफ्ट होगी।
हाई लेवल ब्रिज के लिए 27 पेड़ काटे जाएंगे
शास्त्री नगर-बापूधाम के पास सुखना चो के कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने से सड़क एक समान स्तर पर होगी। इस मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। सड़क की लेवलिंग मनीमाजरा की ओर लाइट प्वाइंट और बापूधाम की ओर से ऊंची की जाएगी। ब्रिज के दोनों ओर साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए अलग स्थान होगा। सेंट्रल वर्ज पर स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। साथ ही दो स्टॉर्म वाटर लाइनें बिछाई जाएंगी। मनीमाजरा की ओर जाने वाली पेयजल पाइपलाइन को भी ब्रिज के एक किनारे शिफ्ट किया जाएगा। निर्माण के दौरान दो बड़े बिजली के पोल और विद्युत लाइनें भी स्थानांतरित करनी होंगी। सड़क चौड़ीकरण और परियोजना के निर्माण के लिए 27 पेड़ काटे जाएंगे, जिसके बाद ब्रिज निर्माण का कार्य आगे बढ़ेगा।
इंडस्ट्रियल एरिया कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। 40 लाख रुपये की मरम्मत के लिए कई बार टेंडर लगाए गए लेकिन कोई कंपनी सामने नहीं आई। - धर्मेंद्र शर्मा, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, नगर निगम
शास्त्री नगर कॉज-वे के लिए 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हो चुका है। किशनगढ़ कॉज-वे की फिजिबिलिटी स्टडी चल रही है। मक्खनमाजरा कॉज-वे के लिए अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन