पंजाब कांग्रेस में रार: चरणजीत चन्नी के घर बैठक, तृप्त बाजवा बोले-हाईकमान से लड़ाई नहीं, हमारी दिक्कतें सुने
पंजाब के कई वरिष्ठ नेता प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के लिए हाईकमान पर लगातार दबाव बना रहे थे। हाईकमान ने पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल की सलाह को तरजीह देते हुए सूबे का नेतृत्व नहीं बदला। इसी से वरिष्ठ नेताओं में खासी नाराजगी है। जिसके चलते नाराज नेता इस फैसले के खिलाफ लामबंद हो सकते हैं।
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बैठक के बाद पार्टी नेता तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि हमें हाईकमान से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन कुछ आपत्तियां हैं और हम एक बार फिर हाईकमान से बात करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि वे हमारी शिकायतें सुनें और उनका समाधान करें।
बैठक में भारत भूषण आशु, ओपी सोनी समेत कई पूर्व विधायक पहुंचे। बैठक के लिए पहुंचे कांग्रेस नेता तरसेम सिंह डीसी ने कहा कि कांग्रेस अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अगुवाई में सरकार नहीं बना सकती क्योंकि जनता उन्हें सपोर्ट नहीं करती। जनता चाहती थी कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदला जाए... जनता चरणजीत चन्नी को पंजाब के अगले सीएम के तौर पर देखना चाहती है।
#WATCH | Morinda, Punjab | Congress leaders have started arriving at the residence of Charanjit Singh Channi, who has been appointed as chairperson of the Congress Campaign Committee.
Congress leader Tarsem Singh D.C says, "Congress cannot form the government (under the… pic.twitter.com/TjxXatqXBM — ANI (@ANI) July 3, 2026
हाईकमान ने सूबे के जिन वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को एडजस्ट करते हुए बुधवार को जो नियुक्तियां की हैं, उनमें से तीन नेताओं प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजइंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने ही हाईकमान का आभार जताया है जबकि अन्य किसी वरिष्ठ नेताओं ने अपनी नियुक्तियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पूछे जाने पर कुछ नेताओं ने बताया कि इस फैसले की अभी समीक्षा की जाएगी। कांग्रेस हाईकमान ने सूबे के वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार समिति, मेनिफेस्टो कमेटी, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति और कोर कमेटी में अहम पद सौंपे हैं मगर प्रदेशाध्यक्ष नहीं बदला जबकि इसी के लिए हाईकमान पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया जा रहा था। इसी पर पार्टी में नाराजगी बढ़ गई है।