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चंडीगढ़ सेक्टर-22 सिविल अस्पताल का हाल: छह घंटे गर्मी में तड़पे नवजात और प्रसूताएं, बिजली गई; जनरेटर भी बंद

Mon, 10 Aug 2026 09:35 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 10 Aug 2026 09:35 AM IST
सार

सेक्टर 22 सिविल अस्पताल में रविवार को करीब 30 प्रसूताएं भर्ती थीं। इनमें कई की ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी। बिजली बंद होने के दौरान अस्पताल के जनरेटर की भी रिपेयर-मेंटेनेंस चल रही थी। कई घंटे तक वार्डों में पंखे बंद रहने से गर्मी और उमस बढ़ गई और मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ी।

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Chandigarh Sector-22 Civil Hospital Newborns new mothers suffered in heat power went out
सेक्टर 22 अस्पताल में पावर कट से बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ सेक्टर-22 सिविल अस्पताल में रविवार को बिजली के साथ जनरेटर भी बंद रहने से करीब छह घंटे तक मरीजों को गर्मी और उमस में परेशानी उठानी पड़ी। सबसे ज्यादा मुश्किल वार्ड नंबर-3 और 4 में भर्ती प्रसूताओं और नवजात बच्चों को हुई। 

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बिजली विभाग की ओर से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शटडाउन की सूचना पहले ही दी गई थी। सुबह करीब 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बाधित रही। पंखे बंद होने के कारण परिजन मरीजों और नवजात बच्चों को हाथ से पंखा चला राहत देते नजर आए।

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11 केवी सब स्टेशन की एसीबी-वीसीबी की हो रही थी मेंटेनेंस
अस्पताल में 11 केवी सब स्टेशन की एसीबी और वीसीबी की रिपेयर-मेंटेनेंस के कारण बिजली आपूर्ति बंद की गई थी। बिजली विभाग की ओर से अस्पताल प्रशासन को इसकी पहले से सूचना दी गई थी। विभाग के पत्र में 11 केवी सब स्टेशन की प्रिवेंटिव मेंटेनेंस के लिए सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पावर शटडाउन की जानकारी दी गई थी। साथ ही अस्पताल में उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया था।

एक साथ बंद हुई बिजली और बैकअप व्यवस्था
इस शटडाउन के दौरान अस्पताल का जनरेटर भी रिपेयर-मेंटेनेंस में होने के कारण उपलब्ध नहीं था। यही वजह रही कि बिजली जाने के बाद वार्डों में सामान्य बैकअप सप्लाई नहीं मिल सकी। प्रसूता और नवजात वार्ड जैसे संवेदनशील हिस्सों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। परिजनों को कई घंटे तक हाथ से पंखा चलाकर मरीजों को राहत देनी पड़ी।

सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था काम : डॉ ऋतु बस्सी
अस्पताल की अधीक्षक डॉ. ऋतु बस्सी ने बताया कि बिजली विभाग की ओर से शटडाउन की सूचना पहले ही दे दी गई थी। 11 केवी सब स्टेशन के साथ जनरेटर का रिपेयर-मेंटेनेंस सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के पत्र में भी प्रिवेंटिव मेंटेनेंस के लिए शटडाउन की जानकारी दी गई थी। जनरेटर भी मेंटेनेंस में शामिल होने के कारण थोड़ी परेशानी हुई लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह काम पूरा कराना जरूरी था।

परिजन बोले- संवेदनशील वार्डों के लिए पहले हो वैकल्पिक इंतजाम
मरीजों के परिजनों का कहना है कि बिजली व्यवस्था की निर्धारित मेंटेनेंस जरूरी हो सकती है लेकिन अस्पताल में बिजली और जनरेटर की मेंटेनेंस एक साथ होने की स्थिति में प्रसूता और नवजात वार्डों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में कई घंटे पंखे बंद रहने से मरीजों और नवजात बच्चों को परेशानी हुई। भविष्य में ऐसे शटडाउन के दौरान संवेदनशील वार्डों के लिए अलग बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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