{"_id":"6a476559684dca72c30fb2d4","slug":"congress-mp-sukhjinder-randhawa-meets-union-home-minister-amit-shah-in-delhi-2026-07-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब की राजनीति में बड़ी हलचल: गृह मंत्री अमित शाह से मिले सांसद सुखजिंदर रंधावा, खुद बताया क्या बात हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब की राजनीति में बड़ी हलचल: गृह मंत्री अमित शाह से मिले सांसद सुखजिंदर रंधावा, खुद बताया क्या बात हुई
Fri, 03 Jul 2026 01:37 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:37 PM IST
सार
पंजाब कांग्रेस में लंबे से समय प्रदेशाध्यक्ष को बदले जाने की अटकलों पर विराम लगाते हुए हाईकमान ने प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की कुर्सी बरकरार रखी है। हाईकमान ने सूबे में तीन कार्यवाहक प्रधानों की भी व्यवस्था कर दी है। हालांकि इस फैसले से कई वरिष्ठ नेता नाराज हैं।
विज्ञापन
सुखजिंदर रंधावा
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। कांग्रेस में रार उभरने लगी है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश पार्टी प्रधान बनाए रखने के फैसले के बाद कई वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है।
इसी बीच सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मुलाकात के बाद रंधावा ने कहा कि मैंने शाह से पंजाब की कानून व्यवस्था पर बात की। सूत्रों के अनुसार, शाह से रंधावा की मुलाकात राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने करवाई है।
कांग्रेस में नई नियुक्तियों पर रंधावा ने कहा कि इस बात पर गौर करना जरूरी है कि हालात इस मोड़ तक नहीं पहुंचने चाहिए थे। इतनी सारी बैठकें करने के बाद भी संतुष्टि न मिलना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी बीच सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मुलाकात के बाद रंधावा ने कहा कि मैंने शाह से पंजाब की कानून व्यवस्था पर बात की। सूत्रों के अनुसार, शाह से रंधावा की मुलाकात राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने करवाई है।
विज्ञापन
कांग्रेस में नई नियुक्तियों पर रंधावा ने कहा कि इस बात पर गौर करना जरूरी है कि हालात इस मोड़ तक नहीं पहुंचने चाहिए थे। इतनी सारी बैठकें करने के बाद भी संतुष्टि न मिलना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है।
विज्ञापन
पत्र के बाद बैठक के लिए बुलाया गया
मुलाकात के बाद रंधावा ने कहा कि उन्होंने लगभग दो महीने पहले, चार जून को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था और उसकी एक कॉपी गृह मंत्री को भी भेजी थी। इसमें पंजाब के हालात, खासकर गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों की स्थिति का जिक्र था। मैंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पाकिस्तान-समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों और राजनेताओं के बीच सांठ-गांठ और पंजाब पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया था। उस शुरुआती पत्र के साथ, मैंने अपने इलाके में सक्रिय एक कुख्यात गैंगस्टर के बारे में भी जानकारी दी थी।मैंने 23 जून को एक और पत्र भी भेजा, जिसमें बताया गया था कि गुरदासपुर और अन्य इलाकों में गैंगस्टर कैसे काम कर रहे हैं। इन पत्रों के आधार पर मुझे एक बैठक के लिए बुलाया गया, जिसमें हमने मेरे पिछले पत्र के आखिरी पैराग्राफ में बताए गए निष्कर्षों पर चर्चा की।
रंधावा ने कहा कि मैंने इंटेलिजेंस ब्यूरो, मिलिट्री इंटेलिजेंस, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन जैसी केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी का जिक्र किया। मैंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज पूरे पंजाब में जबरन वसूली और धमकियां आम हो गई हैं। बैठक के दौरान, उन्होंने माना कि बड़े पैमाने पर जबरन वसूली और धमकियां हो रही हैं, और जेलों के अंदर से लगभग लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेरा मानना है कि अगर भारत सरकार यह मानती है कि मौजूदा स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और पाकिस्तान इसमें सीधे तौर पर दखल दे रहा है, तो वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।
वहीं पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी ने मोरिंडा स्थित निवास स्थान पर अपने समर्थकों की आज बैठक बुलाई है। इसमें भारत भूषण आशु समेत कई बड़े नेता पहुंचे हैं।