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Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Speaker Kultar Sandhwan statement no directives received from Takht Sahib regarding sacrilege law

Sunam: स्पीकर कुलतार संधवां का बड़ा बयान, कहा-बेअदबी कानून पर तख्त साहिब से निर्देश नहीं, सुझाव मिले हैं

Fri, 03 Jul 2026 02:12 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Fri, 03 Jul 2026 02:12 PM IST
सार

स्पीकर कुलतार संधवां ने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को सर्वोपरि बताया। संधवां ने कहा कि सरकार सुझावों पर पूरी गंभीरता से विचार करेगी और यदि सिख भावनाओं के अनुरूप जरूरत पड़ी, तो कानून में आवश्यक संशोधन भी किया जाएगा।

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Speaker Kultar Sandhwan statement no directives received from Takht Sahib regarding sacrilege law
पत्रकारों से बात करते स्पीकर कुलतार संधवां - फोटो : संवाद

विस्तार

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बड़ा बयान दिया है। संधवां ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट के संदर्भ में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कोई सीधे निर्देश जारी नहीं हुए हैं बल्कि सिंह साहिब (जत्थेदार) की तरफ से कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं।
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शुक्रवार को सुनाम में पूर्व मंत्री बाबू भगवान दास अरोड़ा की बरसी पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे संधवां ने कहा कि सरकार इन सुझावों पर पूरी गंभीरता से विचार करेगी और यदि सिख भावनाओं के अनुरूप जरूरत पड़ी, तो कानून में आवश्यक संशोधन भी किया जाएगा।
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स्पीकर संधवां ने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा, "श्री अकाल तख्त साहिब मीरी-पीरी के मालिक छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा सृजित महान तख्त है। वहां जाने का सरकार या किसी विधायक का मकसद कोई विवाद खड़ा करना नहीं था, बल्कि संस्था के आगे सिर झुकाना था। वहां कोई बहस नहीं हुई, सिर्फ हाथ जोड़े गए थे। 
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हम बहस करने नहीं, सिर झुकाने गए थे 

स्पीकर ने कहा कि आमतौर पर विधायक बहस करने और अपनी बात मनवाने में माहिर होते हैं, लेकिन अकाल तख्त साहिब के आगे सभी हाथ जोड़कर नतमस्तक होने गए थे। जत्थेदार साहिब ने जो भी आदेश या वचन कहे हैं, उन्हें पूरे सत्कार के साथ स्वीकार किया गया है। कानून में बदलाव को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जत्थेदार साहिब के सुझावों पर निश्चित रूप से विचार होगा। उन्होंने गुरु साहिब के फलसफे का हवाला देते हुए कहा कि जब भी कोई दुविधा या मतभेद हो, तो एक साथ बैठकर विचार-विमर्श करना ही सबसे उत्तम मार्ग है।

 
जत्थेदार द्वारा दिए गए एक महीने के समय के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के सवाल पर स्पीकर संधवां ने रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि सत्र कब बुलाना है, यह फैसला पूरी तरह से पंजाब सरकार और कैबिनेट को लेना है। हालांकि, बतौर स्पीकर वह अपनी तरफ से हर स्थिति और सत्र की कार्यवाही के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस मौके पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल थे।  
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