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मावां धीयां सत्कार योजना: 36-59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को सबसे अधिक लाभ, मिल रहा आर्थिक आत्मविश्वास
Sat, 18 Jul 2026 04:20 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 18 Jul 2026 04:20 PM IST
सार
अब तक लगभग 70 लाख महिलाओं ने इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है। योजना के लाभार्थियों के प्रोफाइल से पता चलता है कि यह सहायता उन महिलाओं तक पहुंच रही है, जो जीवन के ऐसे चरण में हैं जब आर्थिक जिम्मेदारियां सबसे अधिक होती हैं।
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सीएम भगवंत मान
- फोटो : X @BhagwantMann
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विस्तार
मान सरकार की मावां धीयां सत्कार योजना राज्य की पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
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25 जून तक रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाली लगभग 33 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि सीधे भेजी जा चुकी है, जबकि शेष पात्र महिलाओं को यह राशि 1 अगस्त को मिलेगी। अब तक लगभग 70 लाख महिलाओं ने इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है।
योजना के लाभार्थियों के प्रोफाइल से पता चलता है कि यह सहायता उन महिलाओं तक पहुंच रही है, जो जीवन के ऐसे चरण में हैं जब आर्थिक जिम्मेदारियां सबसे अधिक होती हैं। कुल लाभार्थियों में से 36-45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.2 प्रतिशत और 46-59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.4 प्रतिशत है। इस प्रकार, 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी 36 से 59 वर्ष की आयु के हैं।
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कई परिवारों के लिए यह सहायता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़मर्रा के घरेलू ख़र्चों का एक महत्त्वपूर्ण सहारा बन गई है। फाज़िल्का के गांव धानी खरासवाली की 48 वर्षीय सुनीता रानी ने बताया कि इस मासिक सहायता से उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है और बेटा ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता है। मैंने इस राशि का अधिकतर हिस्सा बेटे की स्कूल फीस भरने में लगाया और बाकी पैसे अपने पति को दे दिए। गृहिणी होने के कारण मेरी अपनी कोई आय नहीं है, इसलिए इस सहायता से मुझे परिवार की जरूरतों में योगदान देने का संतोष मिला है। मेरे पति भी इस सहयोग से बहुत खुश हैं। इस सहायता से आर्थिक तनाव कम हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रखने में मदद मिली है।
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फिरोजपुर के वार्ड नंबर 17 की 55 वर्षीय पच्छो के लिए यह योजना जीवन के बेहद कठिन दौर में बड़ी राहत लेकर आई है। अपने पति के निधन के बाद वह अपनी तलाकशुदा बेटी और नाती के साथ रहती हैं तथा लंबे समय से खराब स्वास्थ्य और सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मैंने इस राशि का कुछ हिस्सा अपने इलाज पर खर्च किया और बाकी घरेलू ज़रूरतों के लिए बचाकर रख लिया। इस आर्थिक सहायता से वह अपने नाती की स्कूल फ़ीस भी भर सकीं। योजना के लिए कई लोगों का आवेदन करवाने में मदद करने वाली पच्छो ने ख़ुशी जताई कि इससे अनेक ज़रूरतमंद परिवारों को लाभ मिला है।
सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्य 46 वर्षीय करमजीत कौर ने बताया कि यह मासिक सहायता उन्हें रोज़मर्रा के ख़र्च पूरे करने के साथ-साथ परिवार के भविष्य पर भी ख़र्च करने का अवसर दे रही है। उन्होंने कहा, “मैं तां इस पैसे नाल अपनी ऐनक बनवाई ते स्कूटी विच पेट्रोल पुआ लिया। आने वाले महीनों में मैं इस राशि का उपयोग अपने बेटे के खेल संबंधी खर्चों के लिए करूंगी। वह राष्ट्रीय स्तर का हॉकी खिलाड़ी है।
पूर्व कबड्डी खिलाड़ी करमजीत कौर ने आम परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
फाज़िल्का की 28 वर्षीय लाभार्थी प्रीति, लोगों के घरों में काम करती हैं और अपने दो स्कूली बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सहायता ऐसे समय मिली है जब बच्चों की पढ़ाई का ख़र्च उठाना लगातार मुश्किल होता जा रहा था।