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आलाकमान से नाराज मनीष तिवारी: चुनावी समितियों से बाहर किए जाने पर छलका दर्द, क्यों कहा-जो होगा, सो होगा

Fri, 03 Jul 2026 09:20 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Fri, 03 Jul 2026 09:20 AM IST
सार

मनीष तिवारी चंडीगढ़ से कांग्रेस के सांसद हैं। तिवारी को हाल ही में कांग्रेस की चुनावी समितियों और नई संगठनात्मक टीम में जगह नहीं मिली थी जिसके बाद उन्होंने इस पर अपनी नाराजगी जताई थी। 

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MP Manish Tiwari upset with Congress high command Vents frustration over left out of election committees
मनीष तिवारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम और चुनावी समितियों से मनीष तिवारी को बाहर किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। चंडीगढ़ के मौजूदा सांसद तिवारी ने इस फैसले पर सोशल मीडिया के जरिये अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से प्रेरित बताया है।
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इससे पंजाब से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चर्चाएं हैं कि मनीष तिवारी पार्टी छोड़ सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका होगा।
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लक्की ने खारिज की अटकलें

चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने मनीष तिवारी को अनुभवी और वरिष्ठ राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी उनके अनुभव और योगदान का पूरा सम्मान करती है। लक्की ने उन अटकलों को खारिज किया जिनमें तिवारी को शामिल न किए जाने की बात कही जा रही थी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस आलाकमान निश्चित रूप से तिवारी की सेवाओं का उपयोग करेगा। लक्की ने पंजाब के साथ तिवारी के वर्षों पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया।

तिवारी की सोशल मीडिया पोस्ट

पार्टी की अहम समितियों, विशेषकर चुनाव अभियान समिति और घोषणापत्र समिति से बाहर किए जाने के तुरंत बाद मनीष तिवारी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट लिखी। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना लिखा जब आपकी योग्यता दूसरों की असुरक्षा बन जाती है, तो फैसले सांगठनिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से प्रेरित होते हैं। तिवारी ने आगे कहा कि उन्होंने 1981 में एनएसयूआई के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। उन्होंने साढ़े चार दशकों तक पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस पार्टी की सेवा की है। ऐसे में उन्हें दरकिनार किए जाने का फैसला पूरी तरह से चौंकाने वाला है। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा जो होगा, सो होगा।
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