नापाक साजिश: थानों पर ग्रेनेड हमले के फर्जी वीडियो वायरल कर रहा पाकिस्तान, एआई से करवा रहे तैयार
पंजाब पुलिस ने ऐसे कई फर्जी वीडियो पकड़े हैं। इसके अलावा इमेज कटआउट एप के जरिये भी यह दिखाया जा रहा है कि पंजाब में बहुत कुछ गड़बड़ चल रहा है।
विस्तार
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) पंजाब में थानों पर ग्रेनेड हमले के फर्जी वीडियो बनवाकर उन्हें वायरल कर रही है। इसमें पाकिस्तानी आर्मी के अफसर भी आईएसआई का सहयोग कर रहे हैं।
उनके आर्मी चीफ असीम मुनीर भी प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) से लगातार पंजाब का माहौल खराब करवाने की साजिशें रच रहे हैं। मकसद, पंजाब की शांति को भंग कर क्रॉस बॉर्डर वेपन व ड्रग्स सिंडिकेट के लिए स्थानीय नेटवर्क खड़ा करना है। इसमें विदेश में बैठे कुछ अलगाववादी तत्व, तस्कर व गैंगस्टर भी पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं।
यह इनपुट पंजाब पुलिस को मिला है जिसके बाद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स व नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की मदद से पुलिस अपनी सुरक्षा संबंधी तैयारियों को और पुख्ता करने में जुट गई है। आईएसआई के अफसरों द्वारा एआई से तैयार फर्जी वीडियो में यह दिखा जा रहा है कि लोग पंजाब में विभिन्न थानों पर ग्रेनेड हमले कर रहे हैं।
इतना ही नहीं ऐसे वीडियो और मैसेज से खाड़ी देशों, पाकिस्तान, नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में बैठे गैंगस्टरों व तस्करों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तस्करों और गैंगस्टरों तक को यह मालूम नहीं चल पाता कि वे कैसे पाकिस्तान की नापाक गतिविधियों में मोहरों की तरह इस्तेमाल हो रहे हैं।
आठ किमी पहले लगेंगे सीसीटीवी नाके
पंजाब पुलिस ने अपनी एक खास रणनीति के तहत बॉर्डर से आठ किलोमीटर पहले सीसीटीवी नाके लगाने की योजना बनाई है। रात को जब सीमा पर ड्रोन ड्रॉपिंग के जरिये हथियार और नशीले पदार्थों की खेप गिराई जाती है तो सीमावर्ती गांवों के स्थानीय तस्कर पैदल व अपने वाहनों से आधी रात को खेप उठाने पहुंचते हैं। पुलिस ने 585 ऐसी जगहें चिह्नित की हैं जहां 2367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। पुलिस की यह तीसरी आंख ऐसे लोगों की मूवमेंट पर पैनी नजर रखेगी।
छोटे ड्रोन रिटर्न टू होम हो रहे
पंजाब पुलिस ने सीमा पर तीन एंटी ड्रोन सिस्टम इंस्टॉल किए हैं जबकि छह और लगाने की तैयारी है। इस करीब 175 करोड़ की लागत आएगी। उधर भारत की तकनीकी तैयारियों के खिलाफ पाकिस्तान भी अपनी तकनीक अपग्रेड कर रहा है। इसके लिए पाकिस्तान अब रिटर्न टू होम तकनीक में माहिर छोटे ड्रोनों का सहारा ले रहा है। पंजाब पुलिस मानती है कि ऐसे ड्रोन हमारी तकनीक को बीट कर रिटर्न टू होम हो रहे हैं यानी काम को अंजाम दे पाकिस्तान लौट रहे हैं। भले ही इनका पेलोड कम रहता है मगर ये आसानी से रडार में नहीं आ रहे हैं।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के अधिकारी सबसे ज्यादा थानों पर ग्रेनेड हमलों के फर्जी वीडियो बनवाकर पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। वे यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब की शांति भंग हो रही है और बहुत कुछ गड़बड़ चल रहा है। हम उनकी हर साजिश का कड़ा जवाब दे रहे हैं। - गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब