Punjab: बिजली हेड ऑफिस के सामने पुलिस का लाठीचार्ज, अप्रेंटिसशिप कर रहे युवा कर रहे थे प्रदर्शन; मचा हड़कंप
प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बेरोजगार अप्रेंटिस लाइनमैन पावरकॉम मुख्यालय के बाहर पक्का मोर्चा लगाए हुए थे। उनकी मुख्य मांग आईटीआई पास और प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रेगुलर लाइनमैन पद पर भर्ती करना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले ऐसी व्यवस्था थी। अब उन्हें असिस्टेंट लाइनमैन के तौर पर रखा जा रहा है। 2600 अप्रेंटिस लाइनमैन यूनियन के नेता आकाश कंबोज ने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रशासन ने बातचीत की बजाय बल का प्रयोग किया। तीन जून को भी पुलिस ने धरना खत्म करने की कोशिश की थी, पर तब स्थिति नहीं बिगड़ी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई यातायात बाधित होने के कारण की गई। हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
बेरोजगार सांझा मोर्चा पंजाब के नेताओं ने इस घटना को सरकार का युवा विरोधी रवैया बताया है। सुखविंदर सिंह ढिलवां, रमन कुमार मलोट, अमन सेखा और हरजिंदर झुनीर ने कहा। उन्होंने कहा कि सरकार को इसका जल्द जवाब मिलेगा। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। दोनों पक्षों के बयानों के बाद अब प्रशासन पर बातचीत से रास्ता निकालने का दबाव बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों की मांगें
प्रदर्शनकारी युवा आईटीआई पास हैं और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाइनमैन पद के लिए योग्य हो जाते हैं। पहले प्रशिक्षण पास करने वाले युवाओं को सीधे रेगुलर लाइनमैन के तौर पर भर्ती किया जाता था। अब उन्हें असिस्टेंट लाइनमैन के तौर पर भर्ती किया जा रहा है, जिससे वे निराश हैं। एक तरफ सरकार उन्हें प्रशिक्षण दे रही है। दूसरी तरफ बिना प्रशिक्षण के असिस्टेंट लाइनमैन की भर्ती का विज्ञापन निकाला है। इससे बेरोजगार युवा एक-दूसरे के सामने खड़े हो गए हैं।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी पहली जिम्मेदारी है। कोई भी सड़कों पर अनिश्चितकालीन धरना नहीं कर सकता है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने का अनुरोध किया था। उनके न हटने पर ही लाठीचार्ज किया गया। प्रशासन ने यातायात बाधित होने और आम लोगों को परेशानी होने पर कार्रवाई की बात कही।