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पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी: 32 लाख मजदूरों के वोट बैंक पर निगाहें, साधने के लिए सभी दलों की कसरत शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 19 Feb 2026 03:32 PM IST
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सार
पंजाब में प्रवासी मजदूर मतदाताओं की संख्या करीब 32 लाख से अधिक है। खासकर जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा और पटियाला में इनकी संख्या सबसे अधिक है। हर साल काफी संख्या में मजदूर अपनी आजीविका के लिए पंजाब में आते हैं।
मतदाता
- फोटो : संवाद/फाइल
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विस्तार
पंजाब में प्रवासी मजदूर एक बड़ा वोट बैंक है। हर विधानसभा चुनाव में सभी दलों के लिए इन्हें साधना बड़ी चुनाैती से कम नहीं होता। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी सभी सियासी दलों ने इस वोट बैंक को अपने पाले में लाने के लिए कसरत शुरू कर दी है। कांग्रेस जहां इसके लिए मनरेगा के संशोधन बिल का सहारा ले रही है तो आम आदमी पार्टी मजदूर कल्याण नीतियों के जरिये उन्हें साधने का प्रयास कर रही है।
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की सरकार मजदूरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए पेचीदगियों को खत्म करने जा रही है। विभिन्न विभागों से जुड़ीं योजनाओं का लाभ लेने के लिए मजदूरों को अब सभी विभागों में भटककर दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। वे एक ही योजना के लिए दस्तावेज जमा करवाएंगे तो उनसे संंबंधित जानकारी अन्य विभागों में साझा कर दी जाएगी। सरकार उनसे जुड़ी योजनाओं में बजट बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है।
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32 लाख से अधिक हैं प्रवासी मजदूरों की संख्या
पंजाब में प्रवासी मजदूर मतदाताओं की संख्या करीब 32 लाख से अधिक है। खासकर जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा और पटियाला में इनकी संख्या सबसे अधिक है। हर साल काफी संख्या में मजदूर अपनी आजीविका के लिए पंजाब में आते हैं। इनमें बहुत से ऐसे हैं जो बरसों पहले पंजाब आ चुके हैं और अब उन्होंने अपनी वोट भी पंजाब में ही ट्रांसफर करवा ली है। लिहाजा चुनाव के दौरान इन मजदूरों की अनदेखी दलों के लिए संभव नहीं हो पाती।
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कांग्रेस खड़ा करेगी आंदोलन
इन्हीं पर फोकस करते हुए पंजाब कांग्रेस ने प्रदेश भर में मनरेगा की दोबारा बहाली के लिए रैलियों का दौर शुरू कर दिया है। इसके तहत कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन खड़ा करेगी। पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल ने बताया कि केंद्र सरकार ने मजदूरों के साथ विश्वासघात किया है। नए संशोधन बिल ने उन्हें काफी नुकसान होगा, यही बात रैलियों में मजदूरों को बताई जाएगी। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बताया कि इसके तहत गांवों में मजदूरों के साथ रोष मार्च भी निकाले जाएंगे।दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की सरकार मजदूरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए पेचीदगियों को खत्म करने जा रही है। विभिन्न विभागों से जुड़ीं योजनाओं का लाभ लेने के लिए मजदूरों को अब सभी विभागों में भटककर दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। वे एक ही योजना के लिए दस्तावेज जमा करवाएंगे तो उनसे संंबंधित जानकारी अन्य विभागों में साझा कर दी जाएगी। सरकार उनसे जुड़ी योजनाओं में बजट बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है।