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पंजाब कांग्रेस में बगावत के सुर तेज: नाराज विधायकों को नहीं मना पाए बघेल, चन्नी ने किया शक्ति प्रदर्शन
Sun, 12 Jul 2026 07:37 AM IST
शाहिल शर्मा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 12 Jul 2026 07:37 AM IST
सार
बैठक के दौरान बघेल बागी नेताओं की नाराजगी दूर नहीं कर पाए। उन्होंने नाराज नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी नेताओं की बात सुन ली गई है और वे नेताओं की भावनाओं से हाईकमान को अवगत करवा देंगे।
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बघेल की बैठक में चन्नी के समर्थन में जुटे कुछ कांग्रेसी नेता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस में बगावत के सुर और तेज हो गए हैं। मोरिंडा के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट के नाराज नेताओं ने शनिवार को चंडीगढ़ में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल के सामने शक्ति प्रदर्शन किया। बघेल इन नाराज नेताओं को मनाने विधायक राणा गुरजीत के घर बैठक करने गए थे मगर वहां उन्हें नाराज नेताओं की ताकत का सामना करना पड़ा।
बैठक के दौरान बघेल बागी नेताओं की नाराजगी दूर नहीं कर पाए। उन्होंने नाराज नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी नेताओं की बात सुन ली गई है और वे नेताओं की भावनाओं से हाईकमान को अवगत करवा देंगे। ऐसे में बगावत खत्म करने के लिए गेंद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पाले सरक गई है। बैठक में नाराज नेताओं ने एक सुर में कहा कि उन्हें मौजूदा सूबा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का नेतृत्व कतई स्वीकार नहीं है। नेताओं ने कहा, उन्हें पंजाब में कॉम्प्रोमाइज्ड (समझौतावादी) नेता नहीं चाहिए। चुनाव जीतना है तो सूबे का प्रधान धाकड़ होना चाहिए। उन्होंने बघेल से साफ कहा कि पूर्व सीएम चन्नी पंजाब में बड़ा चेहरा और स्वीकार्य चेहरा हैं। इस पर बैठक में सभी नेताओं ने हाथ खड़े किए और तालियां भी बजाईं।
दरअसल, यह तय हुआ था कि शनिवार को बघेल चन्नी समेत उनके खेमे के दो वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे। इसी के चलते जब बघेल विधायक राणा गुरजीत के घर पहुंचे तो वहां चन्नी के साथ कुल 92 विधानसभा क्षेत्रों से 82 हलका प्रभारी, 12 विधायक और तीन सांसदों समेत कई पूर्व विधायक व मंत्री पहले से ही पहुंचे हुए थे।
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बैठक में महाराष्ट्र से आए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। चन्नी गुट के सभी नाराज नेताओं ने अपनी-अपनी बात प्रभारी बघेल के समक्ष रखी। इस दौरान वड़िंग के खिलाफ मजबूत लामबंदी देखने को मिली। चन्नी ने तो साफ कहा, यदि किसी ने हमारी बात को तरजीह नहीं देनी है तो मैं चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष का पद भी छोड़ देता हूं बतौर पूर्व मुख्यमंत्री ही पंजाब में कांग्रेस के लिए प्रचार कर दूंगा। विधायक परगट सिंह ने बघेल से कहा, यह बगावत नहीं हैं बल्कि मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में पंजाब के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मतभेद हैं न कि मनभेद इसलिए हाईकमान को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
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बैठक के दौरान बघेल बागी नेताओं की नाराजगी दूर नहीं कर पाए। उन्होंने नाराज नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी नेताओं की बात सुन ली गई है और वे नेताओं की भावनाओं से हाईकमान को अवगत करवा देंगे। ऐसे में बगावत खत्म करने के लिए गेंद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पाले सरक गई है। बैठक में नाराज नेताओं ने एक सुर में कहा कि उन्हें मौजूदा सूबा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का नेतृत्व कतई स्वीकार नहीं है। नेताओं ने कहा, उन्हें पंजाब में कॉम्प्रोमाइज्ड (समझौतावादी) नेता नहीं चाहिए। चुनाव जीतना है तो सूबे का प्रधान धाकड़ होना चाहिए। उन्होंने बघेल से साफ कहा कि पूर्व सीएम चन्नी पंजाब में बड़ा चेहरा और स्वीकार्य चेहरा हैं। इस पर बैठक में सभी नेताओं ने हाथ खड़े किए और तालियां भी बजाईं।
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दरअसल, यह तय हुआ था कि शनिवार को बघेल चन्नी समेत उनके खेमे के दो वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे। इसी के चलते जब बघेल विधायक राणा गुरजीत के घर पहुंचे तो वहां चन्नी के साथ कुल 92 विधानसभा क्षेत्रों से 82 हलका प्रभारी, 12 विधायक और तीन सांसदों समेत कई पूर्व विधायक व मंत्री पहले से ही पहुंचे हुए थे।
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बैठक में महाराष्ट्र से आए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। चन्नी गुट के सभी नाराज नेताओं ने अपनी-अपनी बात प्रभारी बघेल के समक्ष रखी। इस दौरान वड़िंग के खिलाफ मजबूत लामबंदी देखने को मिली। चन्नी ने तो साफ कहा, यदि किसी ने हमारी बात को तरजीह नहीं देनी है तो मैं चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष का पद भी छोड़ देता हूं बतौर पूर्व मुख्यमंत्री ही पंजाब में कांग्रेस के लिए प्रचार कर दूंगा। विधायक परगट सिंह ने बघेल से कहा, यह बगावत नहीं हैं बल्कि मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में पंजाब के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मतभेद हैं न कि मनभेद इसलिए हाईकमान को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
कई बार फैसले वापस लेने पड़ते हैं: रंधावा
बैठक में पूर्व डिप्टी सीएम एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बघेल को बताया कि उनकी प्रदेश अध्यक्ष वड़िंग से कोई दुश्मनी नहीं है मगर वे मौजूदा सरकार के खिलाफ नहीं बोलते हैं जबकि उन्होंने वड़िंग को इसके लिए कई बार टोका है। रंधावा के अनुसार, बैठक में सभी नेताओं ने अपनी राय प्रभारी बघेल के समक्ष रख दी है। उनसे आग्रह किया गया है कि वे उनकी बात हाईकमान के समक्ष रख दें। कई बार हाईकमान को फैसले वापस लेने पड़ते हैं। पंजाब में सरकार बनानी है तो इस फैसले की संदर्भ में भी संज्ञान लेना पड़ेगा। हम कॉम्प्रोमाइज्ड नेताओं के साथ आगे नहीं बढ़ सकते।
तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे: चन्नी
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, बैठक में प्रभारी बघेल से बातचीत हुई है। सभी नेताओं के मन में जो था, वे उनके समक्ष रख दिया गया है। अब हम तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे। चन्नी का मतलब था कि धैर्य रखकर परिस्थिति को समझेंगे और देखेंगे आगे क्या परिणाम निकलता है।
मैं कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं : वड़िंग
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, कौन है कॉम्प्रोमाइज्ड, पूर्व डिप्टी सीएम रंधावा ने मेरा नाम तो नहीं लिया। वड़िंग ने कहा, वे और रंधावा पिछले साढ़े चार साल से इकट्ठा हैं, हम दोनों में से कोई कॉम्प्रोमाइज्ड होता तो हम इतना समय एक साथ नहीं चल पाते। हां, रंधावा जी ठीक कह रहे हैं, पंजाब में कॉम्प्रोमाइज्ड नेताओं के साथ कांग्रेस आगे नहीं बढ़ सकती।
फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा : बघेल
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा, परिवार में सब प्रकार की बातें होती रहती हैं, उन्हें बाहर नहीं बोला जा सकता। हाईकमान ने चुनाव संबंधी कमेटियों के गठन में जो फैसला ले लिया है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। पार्टी कोई कॉम्प्रोमाइज्ड नेता नहीं रहेगा, यह मेरी जिम्मेदारी है। यदि कोई ऐसा होता है तो उसे हर हाल में बाहर कर देंगे। सभी नेताओं की बात हाईकमान तक पहुंचा दूंगा।
बैठक में पूर्व डिप्टी सीएम एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बघेल को बताया कि उनकी प्रदेश अध्यक्ष वड़िंग से कोई दुश्मनी नहीं है मगर वे मौजूदा सरकार के खिलाफ नहीं बोलते हैं जबकि उन्होंने वड़िंग को इसके लिए कई बार टोका है। रंधावा के अनुसार, बैठक में सभी नेताओं ने अपनी राय प्रभारी बघेल के समक्ष रख दी है। उनसे आग्रह किया गया है कि वे उनकी बात हाईकमान के समक्ष रख दें। कई बार हाईकमान को फैसले वापस लेने पड़ते हैं। पंजाब में सरकार बनानी है तो इस फैसले की संदर्भ में भी संज्ञान लेना पड़ेगा। हम कॉम्प्रोमाइज्ड नेताओं के साथ आगे नहीं बढ़ सकते।
तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे: चन्नी
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, बैठक में प्रभारी बघेल से बातचीत हुई है। सभी नेताओं के मन में जो था, वे उनके समक्ष रख दिया गया है। अब हम तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे। चन्नी का मतलब था कि धैर्य रखकर परिस्थिति को समझेंगे और देखेंगे आगे क्या परिणाम निकलता है।
मैं कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं : वड़िंग
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, कौन है कॉम्प्रोमाइज्ड, पूर्व डिप्टी सीएम रंधावा ने मेरा नाम तो नहीं लिया। वड़िंग ने कहा, वे और रंधावा पिछले साढ़े चार साल से इकट्ठा हैं, हम दोनों में से कोई कॉम्प्रोमाइज्ड होता तो हम इतना समय एक साथ नहीं चल पाते। हां, रंधावा जी ठीक कह रहे हैं, पंजाब में कॉम्प्रोमाइज्ड नेताओं के साथ कांग्रेस आगे नहीं बढ़ सकती।
फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा : बघेल
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा, परिवार में सब प्रकार की बातें होती रहती हैं, उन्हें बाहर नहीं बोला जा सकता। हाईकमान ने चुनाव संबंधी कमेटियों के गठन में जो फैसला ले लिया है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। पार्टी कोई कॉम्प्रोमाइज्ड नेता नहीं रहेगा, यह मेरी जिम्मेदारी है। यदि कोई ऐसा होता है तो उसे हर हाल में बाहर कर देंगे। सभी नेताओं की बात हाईकमान तक पहुंचा दूंगा।