चंडीगढ़ में सरकारी स्कूल बदहाल: चार साल पहले बनी नई बिल्डिंग, साैंपी नहीं; मासूम दो शिफ्ट में पढ़ने को मजबूर
कजहेड़ी में लगभग 4 साल पहले गवर्नर ने स्कूल की नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया था। एक साल में बिल्डिंग बन गई थी लेकिन अभी तक इसे स्कूल को नहीं साैंपा गया।
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चंडीगढ़ में कजहेड़ी के सरकारी स्कूल की बदहाली के विरोध में स्थानीय लोगों की भूख हड़ताल की। लोगों ने सुबह 10 से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल की।
हड़ताल पर बैठे शकील मोहम्मद, विजय पाल, ममता कैंथ, बलकीरत सिंह, जोगा सिंह, मोहिंदर सिंह, पोला सिंह, ओम प्रकाश, विशाल, सुरेश ने बताया कि कजहेड़ी में लगभग 4 साल पहले स्कूल की नई बिल्डिंग बनाने को लेकर गवर्नर ने उद्घाटन किया था और एक साल के अंदर बिल्डिंग बनाकर स्कूल को सौंपने के निर्देश दिए थे।
स्कूल की बिल्डिंग तो बन गई लेकिन 4 साल बाद भी नई बिल्डिंग स्कूल को सौंपी नहीं गई। जिसके कारण स्कूल 2 शिफ्टों में चल रहा है। छोटे बच्चों को दोपहर 2 बजे भीषण गर्मी में स्कूल आना पड़ता है। स्कूल में 8 से 10 टीचरों की कमी है जिसमें गणित, साइंस, सामाजिक, म्युजिक ओर स्पोर्ट्स टीचर शामिल हैं। खेलने वाले ग्रांउड की हालात बहुत खराब हैं स्कूल के सारे झूले टूटे हैं।
इससे बच्चों का भविष्य अंधकार में है। वार्ड 31 में 12वीं तक एक भी स्कूल नहीं है जिसके से हमारे वार्ड के बच्चों को दूसरे सेक्टरों में जाकर पढ़ना पड़ता है। वार्ड में कोई भी इंग्लिश मीडियम स्कूल भी नहीं है। जब बच्चे दूसरे सेक्टरों में दाखिला लेने जाते हैं तो उन्हें अपने वार्ड या गांव के स्कूल में दाखिला लेने को बोला जाता है। इसलिए बच्चे इंग्लिश मीडियम में नहीं पढ़ पा रहे हैं। उन्होंने नई बिल्डिंग जल्द सौंपने और टीचरों की व्यवस्था करने की मांग उठाई।
1100 बच्चों के लिए हैं 31 टीचर
कजहेड़ी के सरकारी स्कूल में कुल 1100 बच्चे हैं। सुबह और शाम की शिफ्ट में यह बच्चे स्कूल आते हैं। इनको पढ़ाने के लिए कुल 31 टीचर हैं। इनमें से 5 की ड्यूटी ब्लॉक लेवल ऑफिसर यानि बीएलओ के रूप में लगी है। एक टीचर मेटरनिटी लीव पर है। एक टीचर अगले महीने रिटायर होने वाले हैं।
इस मामले को देखा जाएगा। बच्चों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। - नीतिश सिंगला, डीएसई