{"_id":"6a746838ec00aa60830d40d4","slug":"msmes-form-the-backbone-of-india-s-economy-government-support-is-essential-to-remain-competitive-2026-08-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना एमएसएमई, प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए सरकारी सहयोग जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना एमएसएमई, प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए सरकारी सहयोग जरूरी
Video Desk Amar Ujala Dot Com Published by: Chandra Prakash Neeraj Updated Thu, 06 Aug 2026 04:50 PM IST
Link Copied
माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) सेक्टर को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए वर्ल्ड एमएसएमई फोरम के प्रेसिडेंट बदीश जिंदल ने कहा कि बदलते वैश्विक कारोबारी माहौल में इस सेक्टर को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए सरकारी सहयोग और समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के कारण एमएसएमई देश की तेज आर्थिक विकास गति के साथ पूरी तरह कदमताल नहीं मिला पा रहा है। बदीश जिंदल ने बताया कि देश में 8.80 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हैं। यह क्षेत्र देश की जीडीपी में करीब 40 प्रतिशत और कुल निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत का योगदान देता है। इसके बावजूद छोटे और मध्यम उद्योगों को पूंजी, तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किए हैं। इन समझौतों का पूरा लाभ तभी मिल सकेगा, जब एमएसएमई सेक्टर को बेहतर नीतिगत समर्थन, आधुनिक तकनीक और प्रतिस्पर्धी कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पंजाब के औद्योगिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य को एमएसएमई का मजबूत केंद्र माना जाता है। अनुमान के मुताबिक पंजाब में 15 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं, जो प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हालांकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच पंजाब के एमएसएमई की पकड़ पहले की तुलना में कमजोर होती दिखाई दे रही है। ऐसे में इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयास जरूरी हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।