मंडला जिले के नारायणगंज विकासखंड अंतर्गत चिरईडोंगरी में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को बाजार दिवस के दौरान पागल बताए जा रहे स्ट्रीट डॉग्स ने बाजार में घुसकर कई लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में करीब 15 से 20 लोग घायल हुए, जबकि कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। इसी बीच एक मासूम बच्चे पर कुत्ते के हमले का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। लोगों में इतना भय है कि वे घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए चिरईडोंगरी के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र में भी एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया। स्कूल प्रभारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों की चिंता को देखते हुए बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया।
विद्यालय के प्राचार्य चैन सिंह मरावी ने बताया कि बाजार दिवस पर पागल कुत्तों ने कई लोगों को काटा। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल में अवकाश घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय परिसर में बाउंड्री वॉल होती तो ऐसी स्थिति में भी बच्चों की पढ़ाई जारी रखी जा सकती थी। उन्होंने शासन-प्रशासन से विद्यालय की सुरक्षा के लिए शीघ्र बाउंड्री वॉल निर्माण कराने की मांग की।
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वहीं जनपद सदस्य आशाराम भारतीया ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को बाजार के दौरान दो-तीन पागल कुत्तों ने बाजार में घुसकर 25 से 30 लोगों पर हमला किया, जिनमें छह से सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कुत्तों को भगाने के दौरान बाजार में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने बताया कि इसी डर के कारण बुधवार को प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में ताला लगा रहा तथा अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
जनपद सदस्य ने बताया कि मामले की सूचना प्रशासन को मौखिक रूप से दे दी गई है और लिखित शिकायत भी संबंधित तहसील एवं थाना में दी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़कर गांव को उनके आतंक से मुक्त कराने और स्थायी समाधान की मांग की है।