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मान सरकार ने किया साफ: बेअदबी कानून में नहीं होगा बदलाव, SGPC-सिख संगठनों के दबाव के बीच सीएम की दो टूक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 21 May 2026 04:02 PM IST
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सार
13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ सर्वसम्मति से पारित किया गया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह कानून लागू हो चुका है।
बेअदबी कानून
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बेअदबी के खिलाफ बनाए गए ‘दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ इसी कानून के तहत मुकदमे दर्ज होंगे और ट्रायल चलेंगे।
सरकार ने यह रुख ऐसे समय में स्पष्ट किया है जब एसजीपीसी, श्री अकाल तख्त साहिब और कुछ सिख संगठन कानून का विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले संगठनों का आरोप है कि विधेयक तैयार करने से पहले उनसे राय नहीं ली गई और न ही उन्हें विश्वास में लिया गया। कुछ संगठनों ने इसे संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब से दूर करने की साजिश तक बताया है।
उधर पंजाब सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, कानून विशेषज्ञों और सिख बुद्धिजीवियों से सलाह के बाद ही कानून तैयार किया गया है। सीएम मान ने कहा कि सरकार किसी दबाव में कानून वापस नहीं लेगी और अन्य राज्यों को भी इसी तरह का कानून बनाना चाहिए।
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13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में यह संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह कानून लागू हो चुका है। कानून में बेअदबी के दोषियों के लिए आखिरी सांस तक उम्रकैद और 25 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने यह रुख ऐसे समय में स्पष्ट किया है जब एसजीपीसी, श्री अकाल तख्त साहिब और कुछ सिख संगठन कानून का विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले संगठनों का आरोप है कि विधेयक तैयार करने से पहले उनसे राय नहीं ली गई और न ही उन्हें विश्वास में लिया गया। कुछ संगठनों ने इसे संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब से दूर करने की साजिश तक बताया है।
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उधर पंजाब सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, कानून विशेषज्ञों और सिख बुद्धिजीवियों से सलाह के बाद ही कानून तैयार किया गया है। सीएम मान ने कहा कि सरकार किसी दबाव में कानून वापस नहीं लेगी और अन्य राज्यों को भी इसी तरह का कानून बनाना चाहिए।
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13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में यह संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह कानून लागू हो चुका है। कानून में बेअदबी के दोषियों के लिए आखिरी सांस तक उम्रकैद और 25 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।