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पंजाब में 25 से एसआईआर: दो करोड़ मतदाताओं की होगी जांच, एक अक्तूबर को जारी होगी फाइनल मतदाता सूची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 15 Jun 2026 10:01 AM IST
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सार
मतदाता सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के रूप में माना जाएगा। इसे पहचान के अंतिम प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब में 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 मतदाताओं की जांच की जाएगी। 1 अक्तूबर को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस दौरान फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे।
बीएलओ के प्रशिक्षण और संशोधन प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों से इसकी शुरुआत की जा रही है जो 24 जून तक जारी रहेगी। राज्य में 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाएंगे। प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा मतदाता सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के रूप में माना जाएगा। इसे पहचान के अंतिम प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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बीएलओ फॉर्म देने के बाद उन्हें लेने के लिए मतदाताओं से तीन बार संपर्क करेंगे। सत्यापन के दौरान मतदाताओं की जन्मतिथि और पारिवारिक रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जिन लोगों का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम दर्ज था, उनके दस्तावेज भी जांचे जाएंगे।
मतदाता आयोग की वेबसाइट पर पुराने रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे। आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 भरना होगा। वहीं ऐसे एनआरआई जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली है वे फॉर्म-6ए भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं।
बीएलओ के प्रशिक्षण और संशोधन प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों से इसकी शुरुआत की जा रही है जो 24 जून तक जारी रहेगी। राज्य में 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाएंगे। प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है।
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इसके अलावा मतदाता सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के रूप में माना जाएगा। इसे पहचान के अंतिम प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बीएलओ फॉर्म देने के बाद उन्हें लेने के लिए मतदाताओं से तीन बार संपर्क करेंगे। सत्यापन के दौरान मतदाताओं की जन्मतिथि और पारिवारिक रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जिन लोगों का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम दर्ज था, उनके दस्तावेज भी जांचे जाएंगे।
मतदाता आयोग की वेबसाइट पर पुराने रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे। आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 भरना होगा। वहीं ऐसे एनआरआई जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली है वे फॉर्म-6ए भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं।