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भाजपा का पंजाब मिशन: पीएम मोदी के दौरों से मिलेगी रफ्तार, 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
Sun, 12 Jul 2026 12:15 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:15 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पिछले पांच महीनों में दूसरा पंजाब दौरा होगा। इससे पहले वह एक फरवरी को जालंधर आए थे। इसी अवधि में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी पंजाब का दौरा कर चुके हैं।
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पीएम मोदी का पंजाब दौरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में संगठन और जनाधार मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 जुलाई का प्रस्तावित दौरा इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा इस बार राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
भाजपा पंजाब में संगठन को मजबूत करने में जुटी
वर्ष 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल से तीन दशक पुराना गठबंधन टूटने के बाद भाजपा ने पंजाब में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान मजबूत करने पर फोकस बढ़ाया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन प्रदर्शन सीमित रहा। पार्टी का मत प्रतिशत करीब छह से सात फीसदी के बीच रहा, जबकि आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके बाद से भाजपा लगातार अपना वोट बैंक बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
भाजपा ने बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा
पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने कई बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा है और बूथ स्तर तक संगठन विस्तार का अभियान चलाया है। पार्टी का विशेष फोकस शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दोआबा, माझा और मालवा पर है। अनुसूचित जाति, युवा, व्यापारी, किसान और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे हैं।
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भाजपा पंजाब में संगठन को मजबूत करने में जुटी
वर्ष 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल से तीन दशक पुराना गठबंधन टूटने के बाद भाजपा ने पंजाब में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान मजबूत करने पर फोकस बढ़ाया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन प्रदर्शन सीमित रहा। पार्टी का मत प्रतिशत करीब छह से सात फीसदी के बीच रहा, जबकि आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके बाद से भाजपा लगातार अपना वोट बैंक बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
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भाजपा ने बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा
पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने कई बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा है और बूथ स्तर तक संगठन विस्तार का अभियान चलाया है। पार्टी का विशेष फोकस शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दोआबा, माझा और मालवा पर है। अनुसूचित जाति, युवा, व्यापारी, किसान और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जा रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पिछले पांच महीनों में दूसरा पंजाब दौरा होगा। इससे पहले वह एक फरवरी को जालंधर आए थे। इसी अवधि में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी पंजाब का दौरा कर चुके हैं। लगातार हो रहे इन दौरों को भाजपा के मिशन पंजाब का हिस्सा माना जा रहा है और इससे पार्टी की चुनावी सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने वोट प्रतिशत को सीटों में बदलने की है। इसके लिए प्रधानमंत्री की लोकप्रियता के साथ मजबूत स्थानीय नेतृत्व, प्रभावी उम्मीदवार, संगठन की मजबूती और क्षेत्रीय मुद्दों पर स्पष्ट रणनीति भी अहम होगी। भाजपा केंद्र सरकार की विकास योजनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और निवेश को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष कृषि, बेरोजगारी, नशे और कानून-व्यवस्था जैसे स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रख रहा है।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित दौरा केवल जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के उद्घाटन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भाजपा के मिशन पंजाब को नई गति देने और 117 सीटों पर चुनावी तैयारी का राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। आने वाले महीनों में पार्टी की रणनीति और संभावित चुनावी गठबंधनों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने वोट प्रतिशत को सीटों में बदलने की है। इसके लिए प्रधानमंत्री की लोकप्रियता के साथ मजबूत स्थानीय नेतृत्व, प्रभावी उम्मीदवार, संगठन की मजबूती और क्षेत्रीय मुद्दों पर स्पष्ट रणनीति भी अहम होगी। भाजपा केंद्र सरकार की विकास योजनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और निवेश को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष कृषि, बेरोजगारी, नशे और कानून-व्यवस्था जैसे स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रख रहा है।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित दौरा केवल जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के उद्घाटन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भाजपा के मिशन पंजाब को नई गति देने और 117 सीटों पर चुनावी तैयारी का राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। आने वाले महीनों में पार्टी की रणनीति और संभावित चुनावी गठबंधनों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।