{"_id":"6a83f3c833769f7b820971bd","slug":"ias-officer-kanwalpreet-brar-appeared-before-jalandhar-ed-questioned-alleged-irregularities-in-mohali-project-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalandhar: ईडी के सामने पेश हुईं आईएएस कंवलप्रीत बराड़, मोहाली प्रोजेक्ट की कथित अनियमितताओं पर पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalandhar: ईडी के सामने पेश हुईं आईएएस कंवलप्रीत बराड़, मोहाली प्रोजेक्ट की कथित अनियमितताओं पर पूछताछ
Tue, 18 Aug 2026 11:25 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:25 AM IST
सार
मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह की शिकायत से हुई थी। आरोप लगाया गया था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने 53 कनाल जमीन समेत 14 किसानों की करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए।
विज्ञापन
जालंधर ईडी आफिस पहुंचीं आईएएस कंवलप्रीत बराड़
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। ईडी ने उन्हें मोहाली स्थित एक प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था। जांच का मुख्य फोकस प्रोजेक्ट के लिए जमीन के लैंड यूज बदलने (सीएलयू) की मंजूरी में कथित अनियमितताओं पर है।
मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह की शिकायत से हुई थी। आरोप लगाया गया था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने 53 कनाल जमीन समेत 14 किसानों की करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों पर किसानों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए जाने के आरोप लगे थे।
जांच के बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच के दौरान मोहाली और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल समेत संबंधित कंपनियों के अधिकारियों व निदेशकों से पूछताछ की गई।
विज्ञापन
डी की कार्रवाई के दौरान कारोबारी नितिन गोहल के आवास पर भी छापेमारी हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, इसी दौरान कथित तौर पर नौवीं मंजिल से 21 लाख रुपये नकद नीचे फेंके गए। मामले में अजय सहगल को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया था।
अब आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से पूछताछ के जरिए ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि सीएलयू मंजूरी प्रक्रिया में क्या भूमिका रही और कथित अनियमितताओं से जुड़े अन्य पहलू क्या हैं।
विज्ञापन
मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह की शिकायत से हुई थी। आरोप लगाया गया था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने 53 कनाल जमीन समेत 14 किसानों की करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों पर किसानों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए जाने के आरोप लगे थे।
विज्ञापन
जांच के बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच के दौरान मोहाली और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल समेत संबंधित कंपनियों के अधिकारियों व निदेशकों से पूछताछ की गई।
विज्ञापन
डी की कार्रवाई के दौरान कारोबारी नितिन गोहल के आवास पर भी छापेमारी हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, इसी दौरान कथित तौर पर नौवीं मंजिल से 21 लाख रुपये नकद नीचे फेंके गए। मामले में अजय सहगल को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया था।
अब आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से पूछताछ के जरिए ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि सीएलयू मंजूरी प्रक्रिया में क्या भूमिका रही और कथित अनियमितताओं से जुड़े अन्य पहलू क्या हैं।