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Jalandhar News: सत्संग में दिया आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश
Wed, 12 Aug 2026 05:37 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Wed, 12 Aug 2026 05:37 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के स्थानीय आश्रम में बुधवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं को मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। संस्थान की साध्वी अमरा भारती ने आध्यात्मिक विचारों को प्रस्तुत किया।
साध्वी अमरा भारती ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसका सही उपयोग आध्यात्मिक मार्ग पर चलकर ही किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल करना नहीं है। बल्कि ईश्वर से अपने संबंध को समझना और आत्मिक उन्नति करना है। साध्वी अमरा भारती ने यह भी कहा कि विज्ञान और तकनीक में प्रगति के बावजूद मनुष्य मानसिक शांति की तलाश में है। इसका कारण स्वयं को न पहचानना है। आध्यात्मिक ज्ञान भय, निराशा और अस्थिरता को दूर करता है। यह धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
सत्संग व्यक्ति को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की प्रेरणा देता है। सेवा, ध्यान, नैतिकता, विनम्रता और दान जैसे गुणों को जीवन में अपनाने से सद्भाव बनता है। आध्यात्मिक जीवन का अर्थ जिम्मेदारियों से भागना नहीं है। यह अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए मन को ईश्वर से जोड़ना है। इस अवसर पर साध्वी गुरप्रीत भारती ने भक्तिमय भजन प्रस्तुत किए।
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जलालाबाद। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के स्थानीय आश्रम में बुधवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं को मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। संस्थान की साध्वी अमरा भारती ने आध्यात्मिक विचारों को प्रस्तुत किया।
साध्वी अमरा भारती ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसका सही उपयोग आध्यात्मिक मार्ग पर चलकर ही किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल करना नहीं है। बल्कि ईश्वर से अपने संबंध को समझना और आत्मिक उन्नति करना है। साध्वी अमरा भारती ने यह भी कहा कि विज्ञान और तकनीक में प्रगति के बावजूद मनुष्य मानसिक शांति की तलाश में है। इसका कारण स्वयं को न पहचानना है। आध्यात्मिक ज्ञान भय, निराशा और अस्थिरता को दूर करता है। यह धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
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सत्संग व्यक्ति को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की प्रेरणा देता है। सेवा, ध्यान, नैतिकता, विनम्रता और दान जैसे गुणों को जीवन में अपनाने से सद्भाव बनता है। आध्यात्मिक जीवन का अर्थ जिम्मेदारियों से भागना नहीं है। यह अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए मन को ईश्वर से जोड़ना है। इस अवसर पर साध्वी गुरप्रीत भारती ने भक्तिमय भजन प्रस्तुत किए।
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