फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   New stir in Punjab politics AAP recommends parole for Jagtar Hawara

पंजाब की राजनीति में हलचल: जगतार हवारा को पैरोल की सिफारिश कर आप ने चलाया चुनावी बाण, क्या होगा असर?

Tue, 11 Aug 2026 10:06 AM IST
Nivedita सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर Published by: Nivedita Updated Tue, 11 Aug 2026 10:06 AM IST
सार

जगतार हवारा पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है। इसी केस में वो फिलहाल सजा काट रहा है। पूर्व सीएम की पंजाब सचिवालय के बाहर 31 अगस्त 1995 को हत्या कर दी गई थी। हवारा की पत्नी की मौत हो चुकी है और उसकी मां अमेरिका में रहती है जो कोमा में है।

विज्ञापन
New stir in Punjab politics AAP recommends parole for Jagtar Hawara
पंजाब की राजनीति में नई हलचल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंथक मुद्दे एक बार फिर केंद्र में आते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। 

विज्ञापन


मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर हवारा की मां की बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर पैरोल पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।

विज्ञापन

पंथक राजनीति का संवेदनशील मुद्दा

यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हवारा की पैरोल का मामला लंबे समय से पंजाब की पंथक राजनीति का संवेदनशील मुद्दा रहा है। फरवरी में हवारा कलां में आयोजित पंथक सभा में भी उनकी बीमार मां से मुलाकात के लिए पैरोल की मांग प्रमुखता से उठी थी और सरकार को इस मामले में समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई थी।

जुलाई में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हवारा की पैरोल याचिका पर समयबद्ध प्रक्रिया के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मंडोली जेल के अधीक्षक और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर नियमों के अनुसार निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है।

अकाली दल असहज

मान के पत्र ने सबसे ज्यादा असहज स्थिति शिरोमणि अकाली दल के सामने पैदा कर दी है। बंदी सिंहों की रिहाई और सिख कैदियों के मुद्दे पर अकाली दल लंबे समय से अपनी पंथक पहचान को मजबूत करता रहा है।

यानी अकाली दल के सामने एक ऐसी स्थिति बन गई है जिसमें समर्थन करे तो आम आदमी पार्टी को पंथक मुद्दे पर श्रेय मिल सकता है और विरोध करे तो पंथक मतदाताओं के बीच गलत संदेश जाने का खतरा है।

भाजपा की भूमिका रहेगी अहम

इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। भाजपा के सामने एक तरफ पंजाब की पंथक संवेदनशीलता है तो दूसरी तरफ बेअंत सिंह हत्याकांड से जुड़ा भावनात्मक और राजनीतिक इतिहास। मुख्यमंत्री मान के पत्र के बाद अब निर्णय की प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। यदि कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पैरोल मंजूर होती है तो आम आदमी पार्टी इसे मानवीय पहल के तौर पर पेश कर सकती है। 

वहीं यदि पैरोल नहीं मिलती तो राजनीतिक बहस का रुख इस सवाल की ओर जा सकता है कि बीमार मां से मिलने के मानवीय आग्रह को क्यों स्वीकार नहीं किया गया। 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह घटनाक्रम आम आदमी पार्टी की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed