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जालंधर में बेअदबी: एसजीपीसी साथ ले गई पावन स्वरूप, रो पड़ी संगत; एक कमरे में चल रहा था गुरुद्वारा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:44 PM IST
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सार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा साहिब से गुरु स्वरूप को उठा लिया गया। जैसे ही गुरु साहिब की विदाई हुई, गांव की संगत की आंखें नम हो गईं। रोजाना माथा टेकने और सेवा करने आने वाली महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ीं।
भावुक हुई गांव की महिलाएं
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जालंधर के गांव माहलां में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग फाड़ने की घटना के बाद फिल्लौर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा साहिब से गुरु स्वरूप को उठा लिया गया। जैसे ही गुरु साहिब की विदाई हुई, गांव की संगत की आंखें नम हो गईं। रोजाना माथा टेकने और सेवा करने आने वाली महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ीं। महिला संगत ने कहा कि जो हुआ वह बेहद दुखद है। रोज गुरु घर आकर सेवा करना उनकी दिनचर्या थी, लेकिन अब यह सोचकर दिल बैठा जा रहा है कि कल से गुरु साहिब के दर्शन नहीं हो पाएंगे। संगत ने कहा कि एकता की कमी और गुरुद्वारे की सही देखरेख न होना भी इस स्थिति का कारण बना।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा साहिब से गुरु स्वरूप को उठा लिया गया। जैसे ही गुरु साहिब की विदाई हुई, गांव की संगत की आंखें नम हो गईं। रोजाना माथा टेकने और सेवा करने आने वाली महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ीं। महिला संगत ने कहा कि जो हुआ वह बेहद दुखद है। रोज गुरु घर आकर सेवा करना उनकी दिनचर्या थी, लेकिन अब यह सोचकर दिल बैठा जा रहा है कि कल से गुरु साहिब के दर्शन नहीं हो पाएंगे। संगत ने कहा कि एकता की कमी और गुरुद्वारे की सही देखरेख न होना भी इस स्थिति का कारण बना।
एक कमरे में चल रहा था गुरुद्वारा, जर्जर हालत
संगत ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब एक कमरे में ही चल रहा था। छत पुरानी थी और बरसात के दिनों में सीलन व पानी टपकने की समस्या रहती थी। अभी तक कोई औपचारिक कमेटी नहीं बनी थी, जिससे रख-रखाव भी ठीक से नहीं हो पा रहा था। हाल ही में कमेटी बनाने और गुरुद्वारे के विस्तार को लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना घट गई। गुरु स्वरूप की विदाई के समय महिला संगत बेहद भावुक हो गई। कई युवतियां रोती नजर आईं। संगत ने मांग की कि दोषी को सख्त सजा दी जाए और गुरुद्वारे की मर्यादा को फिर से बहाल कर यहां दोबारा गुरु साहिब का प्रकाश किया जाए।
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