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सभी केंद्र : कनाडा में बेरोजगारी दर 6.9 से घटकर 6.6 प्रतिशत पर आई
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मंदी की चर्चाओं के बीच आई राहत, पंजाबी युवाओं के लिए बढ़ीं उम्मीदें
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। कनाडा में आर्थिक मंदी और रोजगार संकट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। देश की राष्ट्रीय सांख्यिकी एजेंसी स्टैटिस्टिक्स कनाडा के ताजा आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में 88 हजार नई नौकरियां पैदा हुई हैं, जबकि बेरोजगारी दर 6.9 प्रतिशत से घटकर 6.6 प्रतिशत पर आ गई है। यह आंकड़े उन हजारों पंजाबी युवाओं के लिए भी उम्मीद की किरण माने जा रहे हैं जो कनाडा में पढ़ाई, रोजगार या स्थायी निवास के अवसर तलाश रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक लाभ 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को मिला है। इसी आयु वर्ग में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी और नए प्रवासी शामिल होते हैं। ग्रीष्मकालीन पूर्णकालिक नौकरियों में बढ़ोतरी के कारण युवाओं की बेरोजगारी दर 14.3 प्रतिशत से घटकर 13.4 प्रतिशत रह गई।
निर्माण क्षेत्र में 27 हजार नई नौकरियां पैदा हुईं, जबकि होटल, रेस्तरां और फूड सर्विस सेक्टर में 17 हजार नए रोजगार के अवसर बने। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पंजाबी मूल के कर्मचारी और विद्यार्थी कार्यरत हैं। खासकर निर्माण क्षेत्र में तो पंजाबियों का वर्चस्व है। सूचना, संस्कृति और मनोरंजन क्षेत्र में भी 19,300 नई नौकरियां सामने आई हैं।
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हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक महीने के अच्छे आंकड़ों के आधार पर पूरी तस्वीर नहीं बदली मानी जा सकती। पिछले कुछ वर्षों में कनाडा पहुंचे कई पंजाबी विद्यार्थियों और युवाओं को बढ़ती प्रतिस्पर्धा, महंगे आवास और सीमित रोजगार अवसरों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद मई के आंकड़े संकेत देते हैं कि श्रम बाजार में कुछ सुधार देखने को मिल रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी रोजगार वृद्धि का यही रुझान बना रहता है तो कनाडा में मंदी की आशंकाएं कमजोर पड़ सकती हैं। वहीं, ब्याज दरों में संभावित कटौती से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिल सकती है, जिसका लाभ रोजगार बाजार को भी मिलेगा।
कनाडा जाने की तैयारी कर रहे पंजाबी युवाओं के लिए यह आंकड़े सकारात्मक संकेत अवश्य हैं लेकिन विशेषज्ञ अभी भी सलाह दे रहे हैं कि केवल पुराने सपनों या एजेंटों के दावों के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक रोजगार संभावनाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और आर्थिक परिस्थितियों का पूरा आकलन करके ही भविष्य की योजना बनाई जाए।
इमिग्रेशन एवं करियर सलाहकार पूजा सिंह का कहना है कि कनाडा के ताजा रोजगार आंकड़े उन युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत हैं जो वहां शिक्षा या रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से कनाडा के रोजगार बाजार को लेकर नकारात्मक माहौल बना हुआ था लेकिन 88 हजार नई नौकरियों का सृजन दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था अभी भी अवसर मौजूद हैं। हालांकि विद्यार्थियों और युवाओं को केवल नौकरी के आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। उन्हें अपने कोर्स, कौशल, भाषा दक्षता और स्थानीय रोजगार मांग को ध्यान में रखकर ही कनाडा जाने की योजना बनानी चाहिए।
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। कनाडा में आर्थिक मंदी और रोजगार संकट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। देश की राष्ट्रीय सांख्यिकी एजेंसी स्टैटिस्टिक्स कनाडा के ताजा आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में 88 हजार नई नौकरियां पैदा हुई हैं, जबकि बेरोजगारी दर 6.9 प्रतिशत से घटकर 6.6 प्रतिशत पर आ गई है। यह आंकड़े उन हजारों पंजाबी युवाओं के लिए भी उम्मीद की किरण माने जा रहे हैं जो कनाडा में पढ़ाई, रोजगार या स्थायी निवास के अवसर तलाश रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक लाभ 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को मिला है। इसी आयु वर्ग में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी और नए प्रवासी शामिल होते हैं। ग्रीष्मकालीन पूर्णकालिक नौकरियों में बढ़ोतरी के कारण युवाओं की बेरोजगारी दर 14.3 प्रतिशत से घटकर 13.4 प्रतिशत रह गई।
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निर्माण क्षेत्र में 27 हजार नई नौकरियां पैदा हुईं, जबकि होटल, रेस्तरां और फूड सर्विस सेक्टर में 17 हजार नए रोजगार के अवसर बने। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पंजाबी मूल के कर्मचारी और विद्यार्थी कार्यरत हैं। खासकर निर्माण क्षेत्र में तो पंजाबियों का वर्चस्व है। सूचना, संस्कृति और मनोरंजन क्षेत्र में भी 19,300 नई नौकरियां सामने आई हैं।
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हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक महीने के अच्छे आंकड़ों के आधार पर पूरी तस्वीर नहीं बदली मानी जा सकती। पिछले कुछ वर्षों में कनाडा पहुंचे कई पंजाबी विद्यार्थियों और युवाओं को बढ़ती प्रतिस्पर्धा, महंगे आवास और सीमित रोजगार अवसरों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद मई के आंकड़े संकेत देते हैं कि श्रम बाजार में कुछ सुधार देखने को मिल रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी रोजगार वृद्धि का यही रुझान बना रहता है तो कनाडा में मंदी की आशंकाएं कमजोर पड़ सकती हैं। वहीं, ब्याज दरों में संभावित कटौती से आर्थिक गतिविधियों को और गति मिल सकती है, जिसका लाभ रोजगार बाजार को भी मिलेगा।
कनाडा जाने की तैयारी कर रहे पंजाबी युवाओं के लिए यह आंकड़े सकारात्मक संकेत अवश्य हैं लेकिन विशेषज्ञ अभी भी सलाह दे रहे हैं कि केवल पुराने सपनों या एजेंटों के दावों के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक रोजगार संभावनाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और आर्थिक परिस्थितियों का पूरा आकलन करके ही भविष्य की योजना बनाई जाए।
इमिग्रेशन एवं करियर सलाहकार पूजा सिंह का कहना है कि कनाडा के ताजा रोजगार आंकड़े उन युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत हैं जो वहां शिक्षा या रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से कनाडा के रोजगार बाजार को लेकर नकारात्मक माहौल बना हुआ था लेकिन 88 हजार नई नौकरियों का सृजन दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था अभी भी अवसर मौजूद हैं। हालांकि विद्यार्थियों और युवाओं को केवल नौकरी के आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। उन्हें अपने कोर्स, कौशल, भाषा दक्षता और स्थानीय रोजगार मांग को ध्यान में रखकर ही कनाडा जाने की योजना बनानी चाहिए।