{"_id":"69d7b47c4afb1541350b7d2c","slug":"wife-dances-in-jalandhar-after-divorcing-her-major-husband-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"तलाक के बाद पत्नी ने किया डांस: सदमे में मेजर पति; महिला बोली- सात साल प्रताड़ना झेली, ससुर बोले- बदनाम किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तलाक के बाद पत्नी ने किया डांस: सदमे में मेजर पति; महिला बोली- सात साल प्रताड़ना झेली, ससुर बोले- बदनाम किया
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: Ankesh Kumar
Updated Thu, 09 Apr 2026 07:48 PM IST
विज्ञापन
सार
एक तलाक और उसके बाद ढोल की थाप पर जश्न... यह कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह घटना पंजाब के जालंधर की है। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
तलाक।
- फोटो : stock adobe
विज्ञापन
विस्तार
पति से तलाक के बाद पत्नी ढोल की थाप पर खूब नाची। उसका डांस करते हुए वायरल वीडियो ने फौजी परिवार को सुर्खियों में ला दिया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ की प्रणिता शर्मा और सेना में तैनात मेजर गौरव अग्निहोत्री का विवाह 14 दिसंबर 2018 को हुआ था। चार अप्रैल 2026 को कोर्ट ने दोनों का तलाक मंजूर किया। तलाक के तुरंत बाद प्रणिता का जश्न मनाते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मेजर गौरव वर्तमान में जालंधर कैंट में तैनात बताए जा रहे हैं। उनके माता-पिता का कहना है कि तलाक और सार्वजनिक विवाद के बाद उनका बेटा डिप्रेशन में है।
Trending Videos
मेजर के पिता, रिटायर्ड सूबेदार श्याम किशोर अग्निहोत्री का कहना है कि कोर्ट में हुए समझौते के तहत दोनों पक्षों को एक-दूसरे की सामाजिक छवि खराब न करने की शर्त माननी थी, लेकिन बहू ने मीडिया में बयान देकर और जश्न मनाकर समझौते का उल्लंघन किया। उनका आरोप है कि पोते का मुंडन बिना जानकारी के करा दिया गया, जिससे विवाद बढ़ा। उन्होंने बहू की बीमारी और प्रसव के दौरान सेवा की, लेकिन बदले में उन्हें बदनामी मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेजर की मां अनीता अग्निहोत्री ने बहू के मायके वालों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बहू के मायके पक्ष ने षड्यंत्र रचकर परिवार को अलग किया और एक सैन्य अधिकारी की छवि को नुकसान पहुंचाया।
वहीं प्रणिता के पिता, रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी ने शादी के सात वर्षों में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेली। कई प्रयासों के बाद जब हालात नहीं सुधरे, तो उसने कानूनी रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि ससुराल में बेटी दुखी थी और उसे सम्मान के साथ घर लाना हमारा कर्तव्य है। वहीं प्रणिता शर्मा मेरठ में एक ज्यूडिशियल अकादमी से जुड़ी हैं। प्रणिता ने कहा कि महिलाओं को चुप नहीं रहना चाहिए। पहले खुद को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाइए, फिर अपने अधिकारों के लिए खड़े होइए।