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हलवारा एयरपोर्ट पर टैक्सी विवाद: मेन गेट पर टैक्सियों की एंट्री बंद, सामान लेकर दूर तक पैदल चले यात्री
Sat, 11 Jul 2026 02:40 PM IST
Nivedita
कंवरपाल, संवाद, हलवारा
कंवरपाल, संवाद, हलवारा
Published by: Nivedita
Updated Sat, 11 Jul 2026 02:40 PM IST
सार
शनिवार सुबह दिल्ली-हलवारा और हलवारा-दिल्ली उड़ानों के दौरान एयरपोर्ट के बाहर अफरातफरी का माहौल बना रहा। मुख्य द्वार के सामने टैक्सियों की लंबी कतारें लगने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
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हलवारा एयरपोर्ट के मेन गेट पर लगी टैक्सियों की कतारें
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा पर टैक्सी चालकों का विवाद शनिवार को चरम पर पहुंच गया।
एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने सभी टैक्सियों और टैक्सी चालकों की एयरपोर्ट परिसर में एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते एयरपोर्ट के मुख्य द्वार के बाहर सैकड़ों टैक्सियां कतारों में खड़ी हो गईं और अप्रोच रोड पर जाम जैसी स्थिति बन गई। सबसे अधिक परेशानी एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी, जिन्हें डिपार्चर और आगमन टर्मिनल से मुख्य द्वार तक लगभग एक किलोमीटर का सफर सामान के साथ पैदल तय करना पड़ा।
शनिवार सुबह दिल्ली-हलवारा और हलवारा-दिल्ली उड़ानों के दौरान एयरपोर्ट के बाहर अफरातफरी का माहौल बना रहा। मुख्य द्वार के सामने टैक्सियों की लंबी कतारें लगने से यातायात भी प्रभावित हुआ। यात्रियों को भारी सामान लेकर तेज धूप और उमस के बीच पैदल चलना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी कई गुना बढ़ गई।
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पिछले दिनों लुधियाना इमरजेंसी टैक्सी यूनियन के प्रधान कुणाल शर्मा की एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित तौर पर तीखी बहस और कहासुनी हो गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर सभी टैक्सी चालकों की एयरपोर्ट परिसर में एंट्री पर रोक लगा दी।
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टैक्सी चालक गुरप्रीत सिंह बिल्ला ने बताया कि शुक्रवार को ही लुधियाना और स्थानीय टैक्सी यूनियनों के बीच चल रहे विवाद का समाधान हो गया था। उन्होंने कहा कि ओला, उबर और रैपिड ऑनलाइन टैक्सी सर्विस यूनियन के साथ भी सहमति बनी थी कि हलवारा एयरपोर्ट क्षेत्र में ऑनलाइन बुकिंग एप बंद रखी जाएंगी और किराया आपसी सहमति से तय किया जाएगा। इसके बावजूद शनिवार को अचानक सभी टैक्सियों की एंट्री बंद कर दी गई, जिससे पूरे टैक्सी कारोबार के साथ-साथ यात्रियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
एयरपोर्ट सुरक्षा दल के इंचार्ज इंस्पेक्टर परमजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह यात्रियों और एयरपोर्ट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से स्थानीय और लुधियाना की टैक्सी यूनियनों के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने, किराया तय करने और नंबर लगाने को लेकर लगातार विवाद और झगड़े हो रहे थे। ऐसी स्थिति एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती थी, इसलिए सुरक्षा कारणों से टैक्सियों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि डिपार्चर और आगमन टर्मिनल पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ पूरा समन्वय बनाए रखा गया है, ताकि यात्रियों और अन्य लोगों को यथासंभव कम से कम असुविधा हो। हालांकि, मुख्य द्वार से टर्मिनल तक लंबी दूरी होने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को टैक्सी यूनियनों के बीच समझौता होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त हो जाएगा, लेकिन शनिवार को सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बाद पूरा मामला फिर से उलझ गया। एयरपोर्ट के बाहर तनावपूर्ण माहौल, अप्रोच रोड पर जाम और टैक्सियों की लंबी कतारों ने एयरपोर्ट संचालन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने सभी टैक्सियों और टैक्सी चालकों की एयरपोर्ट परिसर में एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते एयरपोर्ट के मुख्य द्वार के बाहर सैकड़ों टैक्सियां कतारों में खड़ी हो गईं और अप्रोच रोड पर जाम जैसी स्थिति बन गई। सबसे अधिक परेशानी एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी, जिन्हें डिपार्चर और आगमन टर्मिनल से मुख्य द्वार तक लगभग एक किलोमीटर का सफर सामान के साथ पैदल तय करना पड़ा।
शनिवार सुबह दिल्ली-हलवारा और हलवारा-दिल्ली उड़ानों के दौरान एयरपोर्ट के बाहर अफरातफरी का माहौल बना रहा। मुख्य द्वार के सामने टैक्सियों की लंबी कतारें लगने से यातायात भी प्रभावित हुआ। यात्रियों को भारी सामान लेकर तेज धूप और उमस के बीच पैदल चलना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी कई गुना बढ़ गई।
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जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पिछले दिनों लुधियाना इमरजेंसी टैक्सी यूनियन के प्रधान कुणाल शर्मा की एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित तौर पर तीखी बहस और कहासुनी हो गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर सभी टैक्सी चालकों की एयरपोर्ट परिसर में एंट्री पर रोक लगा दी।
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टैक्सी चालक गुरप्रीत सिंह बिल्ला ने बताया कि शुक्रवार को ही लुधियाना और स्थानीय टैक्सी यूनियनों के बीच चल रहे विवाद का समाधान हो गया था। उन्होंने कहा कि ओला, उबर और रैपिड ऑनलाइन टैक्सी सर्विस यूनियन के साथ भी सहमति बनी थी कि हलवारा एयरपोर्ट क्षेत्र में ऑनलाइन बुकिंग एप बंद रखी जाएंगी और किराया आपसी सहमति से तय किया जाएगा। इसके बावजूद शनिवार को अचानक सभी टैक्सियों की एंट्री बंद कर दी गई, जिससे पूरे टैक्सी कारोबार के साथ-साथ यात्रियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
एयरपोर्ट सुरक्षा दल के इंचार्ज इंस्पेक्टर परमजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह यात्रियों और एयरपोर्ट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से स्थानीय और लुधियाना की टैक्सी यूनियनों के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने, किराया तय करने और नंबर लगाने को लेकर लगातार विवाद और झगड़े हो रहे थे। ऐसी स्थिति एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती थी, इसलिए सुरक्षा कारणों से टैक्सियों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि डिपार्चर और आगमन टर्मिनल पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ पूरा समन्वय बनाए रखा गया है, ताकि यात्रियों और अन्य लोगों को यथासंभव कम से कम असुविधा हो। हालांकि, मुख्य द्वार से टर्मिनल तक लंबी दूरी होने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को टैक्सी यूनियनों के बीच समझौता होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त हो जाएगा, लेकिन शनिवार को सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बाद पूरा मामला फिर से उलझ गया। एयरपोर्ट के बाहर तनावपूर्ण माहौल, अप्रोच रोड पर जाम और टैक्सियों की लंबी कतारों ने एयरपोर्ट संचालन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।