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खेतों में बनवा दिया 66 केवी सबस्टेशन: PSPCL के पूर्व सीएमडी समेत तीन गिरफ्तार, नियमों की अनदेखी का आरोप

Wed, 20 May 2026 03:41 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Wed, 20 May 2026 03:41 PM IST
सार

विजिलेंस की जांच में सामने आया कि बसंत एवेन्यू इलाके में 66 केवी क्षमता का बिजली सबस्टेशन स्थापित करने के लिए मेसर्स दामिनी रिजॉर्ट एंड बिल्डर्स के डायरेक्टर अमित गर्ग ने पावरकॉम के अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर कॉलोनी में 1015 वर्ग गज जमीन पर सबस्टेशन बनवा दिया गया।

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Former PSPCL CMD Arrested in Corruption Case Ludhiana Vigilance Bureau Takes Action
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा ने नियमों की अनदेखी कर निजी बिल्डर को करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। 
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विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए पीएसपीसीएल के पूर्व मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी) केडी चौधरी, पूर्व वरिष्ठ एक्सईएन संजीव प्रभाकर और बिल्डर अमित गर्ग को गिरफ्तार किया है।
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मामला 2021 में शुरू हुई सतर्कता जांच के बाद दर्ज आपराधिक केस से जुड़ा है।

विजिलेंस की जांच में सामने आया कि बसंत एवेन्यू इलाके में 66 केवी क्षमता का बिजली सबस्टेशन स्थापित करने के लिए मेसर्स दामिनी रिजॉर्ट एंड बिल्डर्स के डायरेक्टर अमित गर्ग ने पावरकॉम के अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर कॉलोनी में 1015 वर्ग गज जमीन पर सबस्टेशन बनवा दिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार यदि उस समय शीर्ष अधिकारियों ने आसपास की सभी जुड़ी कॉलोनियों की एनओसी और कुल बिजली लोड की संयुक्त जांच करवाई होती तो नियमानुसार पूरा खर्च कॉलोनाइजर को उठाना पड़ता।
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जांच में यह भी खुलासा हुआ कि केंद्रीय बिजली मंत्रालय की गाइडलाइंस की अनदेखी कर खेतों के बीच यह सबस्टेशन बना दिया गया। पाखोवाल लिंक रोड से करीब तीन किलोमीटर अंदर स्थित इस जगह तक पहुंचने के लिए आज भी कोई पक्की सड़क नहीं है। इसके बावजूद तत्कालीन अधिकारियों ने जमीनी हकीकत फाइलों में छुपाकर प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया।

अन्य अधिकारियों की भूमिका की हो रही जांच

विजिलेंस के अनुसार तत्कालीन एक्सईएन संजीव प्रभाकर समेत फील्ड अधिकारियों ने खामियों से भरी रिपोर्ट भेजी और तत्कालीन सीएमडी केडी चौधरी ने बिना आपत्ति मंजूरी दे दी। इससे बसंत एवेन्यू कॉलोनी के प्रमोटर को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचा। विजिलेंस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी अब इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य अधिकारियों और लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
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