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Ludhiana News: वैश्विक तनाव से फास्टनर उद्योग संकट में, उद्यमी परेशान

Thu, 28 May 2026 10:16 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना Updated Thu, 28 May 2026 10:16 PM IST
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Global tensions put fastener industry in trouble, leaving entrepreneurs worried
उद्योगों की उत्पादन लागत तेजी से बढ़ रही
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते उद्योग जगत संकट में है। पेट्रो उत्पादों, गैस, केमिकल्स और कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उद्योगों की उत्पादन लागत तेजी से बढ़ रही है। हालांकि तैयार माल के दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाने से उद्योगों के मुनाफे पर सीधी चोट पड़ रही है। इन परिस्थितियों को मैनेज करने में उद्यमियों को काफी परेशानी हो रही है।
मौजूदा हालात पर फास्टनर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उद्यमियों ने मंथन किया। उद्योगपतियों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय तनाव समाप्त नहीं होता तब तक कारोबार में अस्थिरता बनी रहेगी। फिलहाल सही समय का इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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एसोसिएशन के प्रधान नरेंद्र भमरा ने बताया कि अब तक इनपुट लागत में 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि फास्टनर उद्योग का करीब 30 प्रतिशत उत्पादन रेलवे, सरकारी उपक्रम के अलावा आटो सेक्टर की कंपनियां मसलन टाटा मोटर्स, मारुति, महिंद्रा और हुंडई इत्यादि को सप्लाई किया जाता है, जबकि 70 प्रतिशत माल खुले बाजार में बिकता है। भमरा ने कहा कि ओईएम कंपनियां वेंडरों के साथ सालाना अनुबंध करती हैं और मौजूदा हालात में भी तैयार माल के रेट नहीं बढ़ा रहीं। इसके चलते उद्योगों को नुकसान में सप्लाई करनी पड़ रही है। वहीं खुले बाजार में विदेशी प्रतिस्पर्धा के कारण लागत के अनुरूप दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधा असर उद्योगों की लाभप्रदता पर पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार को उद्योगों की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त इंसेंटिव देने के साथ करों में राहत भी प्रदान करनी चाहिए। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो उद्योगों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है।

उद्योग के लिए कठिन दौर :
फास्टनर ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार सिंगला ने कहा कि उद्योग इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है, वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई भी जारी है। इससे वैश्विक बाजारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से उद्योगों की सहायता के लिए आगे आने की मांग की।
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